विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन: यूसीसी बिल समेत 14 विधेयकों पर होगी चर्चा
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है।
- सदन में आज यूसीसी (यूनिफॉर्म सिविल कोड) बिल पर चर्चा होगी।
- कांग्रेस के विधायक इस बिल का लगातार विरोध कर रहे हैं।
- बीजेपी इस बिल के खुले समर्थन में खड़ी है।
- आज सदन में करीब 14 विधेयकों पर बहस होनी है।
पहले दिन क्या हुआ था
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को यूसीसी बिल के नाम रहा। सरकार ने सदन में यह विधेयक पेश किया था। इसके बाद कांग्रेस ने तीखा हमला बोला। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि यह बिल कार्यसूची में शामिल नहीं था। उन्होंने पूछा कि यह अचानक सदन में कैसे आ गया।
इसके जवाब में सरकार की ओर से सफाई दी गई। सरकार ने बताया कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सहमति बनी थी। इसी सहमति के बाद अनुपूरक कार्यसूची जारी हुई थी। जिन विधेयकों पर सहमति मिली थी, उन्हें ही सदन में पेश किया गया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिल को चुपचाप जोड़ा गया। पार्टी ने इसे अनुपूरक कार्यसूची में छिपाकर लाने का आरोप लगाया। इसके जवाब में बीजेपी ने पलटवार किया। बीजेपी ने साफ कहा कि विरोध से यूसीसी बिल नहीं रुकेगा।
आज किन मुद्दों पर चर्चा होगी
आज सदन में समान नागरिक संहिता सहित करीब 14 विधेयकों पर चर्चा तय है। कांग्रेस के विधायक आज भी बिल का विरोध जारी रखेंगे। वहीं बीजेपी विधायक इसका समर्थन करते नजर आएंगे। इस वजह से सदन में आज भी हंगामे के पूरे आसार हैं। यूसीसी को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हो सकती है।
ध्यानाकर्षण से उठेंगे मुद्दे
नियम 138 (1) के तहत आज दो विधायक अपने इलाके के मुद्दे उठाएंगे। इसमें पहला नाम अजय विश्नोई का है। वे जबलपुर जिले के मझौली विकासखंड का मामला उठाएंगे। यहां शासकीय उपार्जन योजना के तहत किसानों को धान और गेहूं की खरीदी राशि नहीं मिली है। इस मुद्दे पर वे खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री का ध्यान खींचेंगे।
दूसरा नाम सोहनलाल बाल्मीक का है। वे परासिया के गांव जमुनिया जेठू का मुद्दा उठाएंगे। यहां ग्रीन लाइट एसीसी ब्लॉक्स फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। इस हादसे में कई मजदूर घायल हुए थे। उन्हें अब तक मुआवजा राशि नहीं मिली है। इस मामले में वे सीधे मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे।
अन्य बड़े मुद्दे भी उठेंगे
आज सदन में कई और अहम मुद्दे भी गूंजेंगे। विधायक यादवेंद्र सिंह संपत्ति की गाइडलाइन और रजिस्ट्री शुल्क का मामला उठाएंगे। उन्होंने इसमें हुई बढ़ोतरी को विसंगतिपूर्ण बताया है। वे इस बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग करेंगे।
भोपाल से विधायक भगवानदास सबनानी भी अपना मुद्दा रखेंगे। वे वार्ड 47 यानी श्याम नगर का मामला उठाएंगे। यहां पीने के पानी की लाइन सीवेज लाइन से जुड़ी हुई है। यह सीधे लोगों की सेहत से जुड़ा मुद्दा है। इसे अलग कराने की मांग सदन में रखी जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी आवाज उठेगी। विधायक उमाकांत शर्मा सिरोंज सिविल अस्पताल का मुद्दा उठाएंगे। यहां डायलिसिस और सोनोग्राफी मशीनें अब तक शुरू नहीं हुई हैं। वे इन्हें जल्द चालू करने की मांग रखेंगे।
शिक्षा से जुड़े मुद्दे भी सदन में गूंजेंगे। विधायक अनिल जैन निवाड़ी में सरकारी लॉ कॉलेज खोलने की मांग करेंगे। वहीं राजेंद्र पाण्डेय रतलाम के जावरा में कृषि महाविद्यालय शुरू करने का मुद्दा उठाएंगे। इसके अलावा विधायक बिसाहूलाल सिंह अनूपपुर के आयुर्वेदिक औषधालयों का मामला रखेंगे। वे इनके उन्नयन और नए भवन बनाने की मांग करेंगे।
ओबीसी आरक्षण को लेकर प्रदर्शन
पहले दिन विधानसभा के भीतर ही नहीं, बाहर भी हंगामा हुआ था। विधानसभा के बाहर कार्यकर्ता 27% ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
सदन के भीतर भी खाद-बीज की उपलब्धता का मुद्दा उठा। किसानों की परेशानी और उज्जैन जमीन खरीदी का मामला भी गूंजा। दिनभर की तीखी बहस और हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए टाल दी गई थी। इसके बाद फिर हंगामे को देखते हुए कार्यवाही को दोपहर 03 बजे तक के लिए टाल दी गई थी।
अब आज सबकी नजर सदन की कार्यवाही पर टिकी है। यूसीसी बिल पर होने वाली चर्चा सबसे अहम मानी जा रही है। कांग्रेस और बीजेपी के बीच आज फिर तीखी बहस के आसार हैं। साथ ही 14 अन्य विधेयकों पर भी सदन में चर्चा होगी। जनता से जुड़े कई अहम मुद्दे भी आज सदन में गूंजेंगे।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर आम नागरिकों के लिए इसलिए जरूरी है क्योंकि यूसीसी बिल सीधे परिवार, विवाह और उत्तराधिकार जैसे कानूनों को प्रभावित कर सकता है। लोकतंत्र में सदन की कार्यवाही जानना हर नागरिक का अधिकार है।
यह खबर पारदर्शिता के साथ बताती है कि जनता के चुने प्रतिनिधि सदन में कौन से मुद्दे उठा रहे हैं। किसानों, मजदूरों और आम लोगों से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हैं। यह रिपोर्ट किसी पक्ष का समर्थन या विरोध नहीं करती। यह केवल तथ्यों के आधार पर संतुलित जानकारी देती है, ताकि पाठक खुद अपनी राय बना सकें।
FAQ
- यूसीसी बिल क्या है?
यूसीसी यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड एक ऐसा कानून है जो सभी धर्मों के लोगों पर विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे मामलों में एक समान नियम लागू करने की बात करता है। मध्य प्रदेश सरकार ने यह बिल विधानसभा में पेश किया है। - कांग्रेस यूसीसी बिल का विरोध क्यों कर रही है?
कांग्रेस विधायकों का कहना है कि यह बिल विधानसभा की मूल कार्यसूची में शामिल नहीं था। उनका आरोप है कि इसे अनुपूरक कार्यसूची में चुपचाप जोड़ा गया, इसीलिए वे इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
ये खबरें भी पढ़िए...
विधानसभा से लेकर कृषि महोत्सव तक, जानें सीएम मोहम यादव का आज का कार्यक्रम
टोकन मिला, खाद नहीं; विधानसभा में किसानों की पीड़ा ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया
MP News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, UCC विधेयक विधानसभा में पेश
मध्यप्रदेश में 26 लाख युवा बेरोजगार, सरकार ने विधानसभा में पेश किए आंकड़े