भोपाल की सड़कों पर उतरे इंटर्न डॉक्टर, सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद, मरीज बेहाल

Manya Jain | Sept 08, 2026, 13:20 IST
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मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल से ओपीडी बंद है। भोपाल, इंदौर समेत कई शहरों में मरीज परेशान हैं, हालांकि इमरजेंसी चालू है। सरकार से बातचीत जारी है।

मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं आज बंद हैं। एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। भोपाल में डॉक्टर रातभर से कमला पार्क की सड़क पर बैठे हैं।



प्रदर्शन के कारण भोपाल की कई मुख्य सड़कों पर भारी जाम लगा। इंदौर और रतलाम जैसे शहरों में भी डॉक्टर हड़ताल पर हैं। ओपीडी बंद होने से आम मरीजों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। राहत की बात है कि इमरजेंसी सेवाएं अभी भी चालू हैं।



स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने डॉक्टरों के साथ अहम बैठक की। मंत्री ने बताया कि बातचीत काफी सकारात्मक माहौल में हुई है। अब सीएम के आने पर एक बार फिर चर्चा होगी।



डॉक्टरों पर वाटर कैनन चलाने के मामले में जांच के आदेश

भोपाल पुलिस आयुक्त कार्यालय ने हमीदिया अस्पताल के गेट के पास हुई घटना की जांच के आदेश दिए हैं। आदेश के अनुसार, 7 सितंबर 2026 को इंटर्न डॉक्टरों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन का उपयोग कर पानी की बौछार की गई थी।



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जिसमें कुछ डॉक्टर घायल होने की बात सामने आई थी। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस उपायुक्त जोन-2 विकास सहवाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।



क्यों कर रहे हैं इंटर्न डॉक्टर प्रदर्शन

दरअसल इंटर्न डॉक्टरों की मांग है कि उनका स्टाइपेंड बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि वे लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही अपना प्रदर्शन खत्म करेंगे। इस मामले में मेडिकल टीचर एसोसिएशन ने भी वीडियो जारी कर भविष्य के डॉक्टरों की इस मांग का समर्थन किया है।



मौजूदा समय में इंटर्न डॉक्टरों को स्टाइपेंड के तौर पर 14,337 रुपए मिल रहे हैं, लेकिन उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर 30 हजार रुपए किया जाए। उनके प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने भी उन्हें समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन यह कोशिश नाकाम रही।



डॉक्टरों की आगे की रणनीति

इंटर्न डॉक्टर्स ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। उनका कहना है कि सरकार को जल्द फैसला लेना चाहिए।



स्टाइपेंड बढ़ने से इंटर्न डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलेगी। डॉक्टरों ने अपनी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की कोशिश की है। अब सरकार के अगले कदम पर सभी की नजर है।



प्रदर्शन से हुआ यातायात भी प्रभावित

इंटर्न डॉक्टरों के सड़क पर पहुंचते ही इलाके की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों तरफ करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में वाहन जाम में फंस गए। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा।



स्थिति बिगड़ती देख पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद वॉटर कैनन से पानी की बौछार कर इंटर्न डॉक्टरों को पीछे हटाने का प्रयास किया गया।



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