सागर शराब कांड: मौतों से पहले डॉक्टर ने बजाई थी खतरे की घंटी, सिस्टम ने सुनी नहीं
Sourabh Bhatnagar | Sept 08, 2026, 13:02 IST
sagar hooch tragedy doctor first alert
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बांदा में जहरीली शराब कांड की पहली चेतावनी पुलिस ने नहीं, बल्कि सिविल अस्पताल के डॉक्टर आतिश सोनी ने दी। मरीजों में एक जैसे लक्षण देखकर उन्होंने आधी रात पुलिस को सतर्क किया, लेकिन जवाब मिलने में देरी हुई।
मध्य प्रदेश के सागर जिले की बांदा तहसील में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इस पूरे मामले में सबसे पहले खतरे की घंटी बांदा सिविल अस्पताल के डॉक्टर आतिश सोनी ने महसूस की थी। जब एक ही इलाके के गांवों से आया दूसरा मरीज भी धुंधला दिखने और सीने में दर्द जैसी शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा, तो डॉक्टर सोनी को शक हुआ कि मामला सामान्य शराब का नहीं है।
उन्हें लगा कि शराब में कुछ गड़बड़ी हो सकती है। उन्होंने रात करीब एक बजे पुलिस को सूचना देने की कोशिश की, लेकिन थाना प्रभारी से संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक इसकी जानकारी पहुंचाई।
सुबह होते-होते अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। आसपास के गांवों से लोग इलाज के लिए पहुंचने लगे। हालत गंभीर होने पर कई मरीजों को सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
![13d18898-d93]()
डॉक्टर सोनी ने बताया कि उन्हें याद है, सुबह करीब नौ बजे घोघरा गांव से पहला मरीज अस्पताल पहुंचा था। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सोनी ने शुरुआत में इसे सामान्य शराब पीने का मामला समझा।
लेकिन कुछ ही समय बाद एक और मरीज उसी तरह के लक्षण लेकर अस्पताल पहुंचा। दोनों मरीजों को धुंधला दिखने, सीने में दर्द और लगभग एक जैसी परेशानी हो रही थी। दो मरीजों में एक जैसे लक्षण देखकर डॉक्टर सोनी को शक हुआ। उन्होंने मरीजों से पूछताछ शुरू की कि उन्होंने कौन सी शराब पी थी। उनकी बातों से डॉक्टर को अंदेशा हुआ कि मामला मिलावटी या जहरीली शराब से जुड़ा हो सकता है।
डॉक्टर सोनी के अनुसार, रात करीब एक बजे उन्होंने स्थानीय थाना प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद उन्होंने सीधे थाने में फोन किया, जहां उन्हें बताया गया कि थाना प्रभारी दो नाबालिग बच्चों के लापता होने के मामले की तलाश में बाहर गए हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर सोनी ने थाने में मौजूद कर्मचारियों से कहा कि उन्हें किसी वरिष्ठ अधिकारी से जोड़ा जाए। उनके अनुसार, यह संदेश आखिरकार वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा और इसके बाद पुलिस व प्रशासन की प्रतिक्रिया तेज हुई। पुलिस की ओर से इस देरी को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
![sagar hooch tragedy]()
![sagar hooch tragedy]()
जैसे-जैसे सुबह हुई, बांदा सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। आसपास के गांवों से मरीज लगभग हर एक मिनट में अस्पताल पहुंचने लगे, जिससे अस्पताल परिसर और गलियारों में मरीजों व उनके परिजनों की भीड़ भर गई। स्थिति बिगड़ती देख गंभीर मरीजों को सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी यानी Bundelkhand Medical College) रेफर किया गया, ताकि उन्हें विशेषज्ञ इलाज मिल सके।
सागर की जहरीली शराब त्रासदी (जहरीली शराब MP) में अब तक बांदा और शाहगढ़ तहसील के कई गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। सागर रेंज के डीआईजी शशींद्र चौहान के अनुसार, अब तक करीब 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई थी कि जहरीली शराब उत्तर प्रदेश के ललितपुर से आई थी। हालांकि, यूपी पुलिस ने इस दावे को भ्रामक बताया। सफाई देते उनका राज्य प्रशासन से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है।
इस मामले की जांच में पांच अधिकारी भी दायरे में आए हैं। इनमें तीन आबकारी विभाग और दो पुलिस अधिकारी शामिल हैं, जिन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित या स्थानांतरित किया गया है।
सागर शराब कांड में मौतों के आंकड़े को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या करीब 13 बताई है, जबकि कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह आंकड़ा 22 तक बताया गया है।
वहीं, विपक्ष के एक नेता का दावा है कि मृतकों की संख्या 19 है और सरकार सही जानकारी छिपाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
प्रशासन के मुताबिक, करीब 112 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हुए हैं। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल जांच जारी है, इसलिए मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर अभी स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर दुख जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच के जरिए जिम्मेदारी तय करने और शराब की सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश की जाएगी। वहीं, विपक्ष मजिस्ट्रियल जांच को पर्याप्त नहीं बताते हुए न्यायिक जांच और मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग कर रहा है।
डॉक्टर सोनी की सतर्कता की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। हालांकि, इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में पुलिस के त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सागर शराब कांड: यूपी पुलिस ने खोली MP पुलिस की पोल, ललितपुर ASP के बयान से उठे सवाल
सागर शराब कांड : 22 से ज्यादा मौतें, सवालों के घेरे में सरकार और सिस्टम...
सागर शराब कांड: जीतू पटवारी का दावा 50 मौतें हुईं, बोले-SP को जेल भेजो
सागर शराब कांड : SP अनुराग सुजानिया के कार्यकाल में दूसरा बड़ा हादसा
उन्हें लगा कि शराब में कुछ गड़बड़ी हो सकती है। उन्होंने रात करीब एक बजे पुलिस को सूचना देने की कोशिश की, लेकिन थाना प्रभारी से संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक इसकी जानकारी पहुंचाई।
सुबह होते-होते अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। आसपास के गांवों से लोग इलाज के लिए पहुंचने लगे। हालत गंभीर होने पर कई मरीजों को सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
13d18898-d93
कैसे शुरू हुआ शक
लेकिन कुछ ही समय बाद एक और मरीज उसी तरह के लक्षण लेकर अस्पताल पहुंचा। दोनों मरीजों को धुंधला दिखने, सीने में दर्द और लगभग एक जैसी परेशानी हो रही थी। दो मरीजों में एक जैसे लक्षण देखकर डॉक्टर सोनी को शक हुआ। उन्होंने मरीजों से पूछताछ शुरू की कि उन्होंने कौन सी शराब पी थी। उनकी बातों से डॉक्टर को अंदेशा हुआ कि मामला मिलावटी या जहरीली शराब से जुड़ा हो सकता है।
थाना प्रभारी नहीं मिले
sagar hooch tragedy
sagar hooch tragedy
सुबह मची अफरा-तफरी
अब तक की कार्रवाई
इस मामले की जांच में पांच अधिकारी भी दायरे में आए हैं। इनमें तीन आबकारी विभाग और दो पुलिस अधिकारी शामिल हैं, जिन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित या स्थानांतरित किया गया है।
मौत के आंकड़ों में भ्रम
वहीं, विपक्ष के एक नेता का दावा है कि मृतकों की संख्या 19 है और सरकार सही जानकारी छिपाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
प्रशासन के मुताबिक, करीब 112 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हुए हैं। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल जांच जारी है, इसलिए मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर अभी स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है।
क्या बोले सीएम मोहन
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच के जरिए जिम्मेदारी तय करने और शराब की सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश की जाएगी। वहीं, विपक्ष मजिस्ट्रियल जांच को पर्याप्त नहीं बताते हुए न्यायिक जांच और मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग कर रहा है।
डॉक्टर सोनी की सतर्कता की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। हालांकि, इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में पुलिस के त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...
सागर शराब कांड : 22 से ज्यादा मौतें, सवालों के घेरे में सरकार और सिस्टम...
सागर शराब कांड: जीतू पटवारी का दावा 50 मौतें हुईं, बोले-SP को जेल भेजो
सागर शराब कांड : SP अनुराग सुजानिया के कार्यकाल में दूसरा बड़ा हादसा
राजस्थान पुलिस की ऐतिहासिक पहल, हाइटेक होगी बीट पुलिसिंग, पहले चरण में 9 जिलों में होगी लागू
By Ashish Bhardwaj
जवाहर सर्किल के सब-वे की 20 दुकानें बनीं कबाड़घर: दो बार नीलामी फेल, अब बिजली पर ₹19.97 लाख का नया टेंडर
By Raghvendra Singh Rathore
पांच सितारा शेरेटन ग्रैंड पैलेस होटल ने गंदगी फैलाई, इंदौर नगर निगम ने किया ढाई लाख का स्पॉट फाइन
By Sanjay Gupta
सीएम मोहन यादव ने बोला हमला राहुल गांधी पर हमला, बोले-कांग्रेसी तब न सुधरे और ना अब सुधर रहे
By Sandeep Kumar
छत्तीसगढ़ सचिवालय में प्रमोशन की बड़ी खबर, एक अवर सचिव और दो अनुभाग अधिकारियों को मिली पदोन्नति
By VINAY VERMA
छत्तीसगढ़ पुलिस में 7 अधिकारियों की नई पोस्टिंग, CM सुरक्षा से राजभवन तक बदले अधिकारी, भाटापारा DSP भी बदले
By VINAY VERMA
3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस, आयुक्त बोले-कैलेंडर बनाते समय ध्यान नहीं रहा
By Jageshwar prasad