MP BJP कोर कमेटी: सिंधिया जल्दी निकल गए, शिवराज बिहार में व्यस्त, पहली बैठक में रणनीति सेट, फैसले फिर टले
News In Short
- बैठक में सिर्फ रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- बड़े नेताओं की व्यस्तता से फैसले टले।
- सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया।
- निगम-मंडल नियुक्तियां और फेरबदल पर चर्चा हुई।
- अगले दो महीने में बैठकें होंगी, बड़े फैसले अगली बार होंगे।
News In Detail
मध्य प्रदेश भाजपा की पहली कोर कमेटी बैठक में तस्वीर साफ दिखी- बड़े नेता व्यस्त, फैसले भी टले। सिंधिया जल्दी निकल गए, शिवराज चुनाव में व्यस्त रहे और पार्टी ने फिलहाल रणनीति बनाने पर ही फोकस रखा।
मध्य प्रदेश भाजपा (MP BJP) की कोर कमेटी की यह पहली बैठक थी, जिसे एक तरह से “सेटअप मीटिंग” माना जा रहा है। यहां दिशा तय हुई, लेकिन बड़े फैसलों को आगे के लिए छोड़ दिया गया।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल हुए, लेकिन फ्लाइट के चलते बीच में ही निकल गए। वहीं, शिवराज सिंह चौहान बिहार की जिम्मेदारियों में व्यस्त होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके। दोनों ही नेता पार्टी के बड़े चेहरे हैं, जिससे बैठक की टाइमिंग और फैसलों पर असर दिखा।
क्या रहे बैठक के मुख्य फैसले?
- कोर कमेटी की बैठक अब हर 2 महीने में होगी।
- सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल पर फोकस।
सरकारी योजनाओं का प्रेजेंटेशन और रिव्यू योजनाओं के जमीनी प्रचार को मजबूत करने पर जोर दिया गया। बैठक में सरकार और संगठन दोनों ने अपना-अपना रिपोर्ट कार्ड रखा।
यह साफ संकेत है कि पार्टी अब कामकाज की नियमित समीक्षा के जरिए रणनीति को धार देना चाहती है। सबसे ज्यादा जोर योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर रहा। पार्टी चाहती है कि सरकारी योजनाएं सीधे जनता तक पहुंचें और उसका राजनीतिक लाभ भी दिखे।
किन मुद्दों पर फैसला टला?
- निगम-मंडलों में नियुक्तियां।
- संगठन में फेरबदल नए पदाधिकारियों की घोषणा।
इन मुद्दों पर चर्चा जरूर हुई, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। पहली बैठक होने और बड़े नेताओं की व्यस्तता के चलते पार्टी ने इन फैसलों को फिलहाल टाल दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, प्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेन्द्र शुक्ल, पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश शासन के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, राकेश सिंह, संपतिया उइके, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मकसद सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाना है, लेकिन असली असर अगली बैठकों में ही दिखेगा। अब नजर दो महीने बाद होने वाली अगली बैठक पर है। वहीं तय होगा कि ये कमेटियां क्या सुझाव देती हैं और पार्टी किन बड़े फैसलों पर आगे बढ़ती है।
कुल मिलाकर, भाजपा की पहली कोर कमेटी बैठक में स्पष्ट दिखा कि पार्टी अभी तैयारी के मोड में है। बड़े फैसलों के लिए मंच तैयार हो रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी बाकी हैं।
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