एमपी में रेलवे का बड़ा विस्तार! 11 नई रेल लाइनों के सर्वे को मंजूरी
Sanjay Dhiman | Apr 14, 2026, 22:01 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश में रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा। 11 नई रेल लाइनों के लिए सर्वे की मंजूरी मिल गई है, जिससे कई इलाकों को पहली बार ट्रेन सुविधा मिलेगी।
मध्यप्रदेश में भारतीय रेलवे का नेटवर्क अब और बड़ा होने जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने 11 नए रेल रूट तैयार करने की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत कई ऐसे इलाके भी रेल कनेक्टिविटी से जुड़ने वाले हैं, जहां आज तक ट्रेन नहीं जाती थी। इन इलाकों में अब ट्रेन का सफर आसान होगा, जिससे न केवल यात्री सुविधा में बढ़ोतरी होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
नए रूट्स पर
भारतीय रेलवे बोर्ड ने मध्यप्रदेश के 11 प्रमुख रूटों पर सर्वे के लिए मंजूरी दी है। इसमें प्रमुख रूट्स भोपाल से सागर, छतरपुर, दमोह, खजुराहो तक होंगे। इसके अलावा, हरदा, खजुराहो, डिंडौरी, बालाघाट, श्योपुर और झांसी जैसे इलाकों तक भी ट्रेन कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए सर्वे कराए जा रहे हैं।
कहां-कहां होगा
रेलवे बोर्ड ने जिन रूटों पर सर्वे की मंजूरी दी है, उनमें कई ऐसे इलाकों को पहली बार ट्रेन की सुविधा मिलने जा रही है, जहां आजादी के 75 साल बाद भी कोई रेल कनेक्टिविटी नहीं थी। ये इलाके अब रेलवे नेटवर्क से जुड़ने जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को कई फायदे होंगे।
रेलवे बोर्ड का कहना है कि अगर सर्वे के परिणाम सकारात्मक रहते हैं तो इन रूटों पर नई रेल लाइनों के लिए मंजूरी मिल जाएगी। सर्वे में शामिल रूटों की लंबाई भी काफी अधिक है, जैसे मक्सी से हरदा (140 किमी), बालाघाट से भरवेली (45 किमी), और वारासिवनी से खैरलांजी (50 किमी)।
यह सर्वे उन इलाकों के लिए है, जहां यातायात सुविधाओं का अभाव था। अब इन्हें रेलवे कनेक्टिविटी से जोड़ने से यात्रियों के लिए यात्रा सरल और किफायती होगी। साथ ही, इन इलाकों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे आर्थिक विकास की गति भी तेज होगी।
रेलवे ने उन रूट्स को चुना है जो सामरिक और पर्यटन, दोनों लिहाज से बेहद जरूरी हैं। आइए जानते हैं वो कौन से इलाके हैं जहां सर्वे की टीम जल्द ही पहुंचने वाली है:
यह कदम राज्य के विकास को गति देगा। रेलवे का विस्तार प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों तक पहुंचने से इन क्षेत्रों में व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियां बढ़ेंगी। साथ ही, यात्रा के लिए स्थानीय लोगों को सुरक्षित और सस्ते विकल्प भी मिलेंगे।
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नए रूट्स पर सर्वे
कहां-कहां होगा फायदा ?
सर्वे के परिणाम पर निर्भर करेगा विस्तार
रेलवे सर्वे से कई क्षेत्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
इन 11 रूटों पर सर्वे काे मिली मंजूरी
- झांसी से सवाई माधोपुर रूट: यह रूट लगभग 290 किलोमीटर लंबा होगा। यह शिवपुरी और श्योपुर जैसे इलाकों को सीधे राजस्थान से जोड़ेगा।
- जबलपुर-डिंडौरी-पेंड्रा रोड: डिंडौरी जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। 240 किलोमीटर का यह सफर विकास की नई राह खोलेगा।
- पेंड्रा रोड से अमरकंटक और मंडला: मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक तक अब ट्रेन से पहुंचना आसान होगा। 200 किलोमीटर की यह लाइन घंसौर तक जाएगी।
- दमोह से खजुराहो: बुंदेलखंड के लिए यह बड़ी जीत है। हटा नगर होते हुए 125 किलोमीटर की यह लाइन पर्यटन को नई ऊंचाई देगी।
- मक्सी से हरदा: 140 किलोमीटर का यह रूट मालवा और निमाड़ के बीच की दूरी को कम करेगा।
- रीवा से जयसिंह नगर: विंध्य के विकास के लिए 130 किलोमीटर लंबी यह लाइन मील का पत्थर साबित होगी।
- बालाघाट से उकवा: महज 45 किलोमीटर की यह लाइन खनिज संपदा के परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
- वारासिवनी से तिरोड़ी: 50 किलोमीटर का यह रूट स्थानीय व्यापार को नई ताकत देगा।
- सिवनी से कटंगी: 92 किलोमीटर का यह रूट पेंच और आसपास के इलाकों को फायदा पहुंचाएगा।
- जयसिंह नगर से शहडोल: 50 किलोमीटर की यह छोटी लेकिन महत्वपूर्ण कड़ी शहडोल संभाग को मजबूत करेगी।
- भोपाल-सागर-छतरपुर-खजुराहो: यह सबसे बड़ा और अहम रूट है जो राजधानी को सीधे बुंदेलखंड के पर्यटन हब से जोड़ेगा।
रेलवे का यह कदम मील का पत्थर
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