कॉन्वेंट और मदरसों में न पढ़ाएं बच्चे! सनातनी परिवारों से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा की अपील

Sumit Kumar | Oct 20, 2026, 24:17 IST
मध्यप्रदेश के सिरोंज से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने सनातनी परिवारों से बच्चों को क्रिश्चियन कॉन्वेंट स्कूलों और मुस्लिम मदरसों से हटाने की अपील की है।
MP BJP MLA Umakant Sharma: मध्यप्रदेश के भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा की फेसबुक पोस्ट चर्चा में है। उन्होंने सनातनी परिवारों से अपने बच्चों को क्रिश्चियन कॉन्वेंट स्कूलों और मुस्लिम मदरसों से हटाने की अपील की है। विधायक ने इसे समाज के हित से जोड़ा है। इसी बीच सिरोंज के 11 मदरसों को बंद करने के आवेदन सामने आए हैं।
BJP MLA Umakant Sharma from Sironj, Madhya Pradesh urged Sanatani families withdraw children from Christian convent schools and Muslim madrasas.

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इससे जुड़ा पत्र साझा किया है।



भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने फेसबुक पर की अपील

विदिशा जिले की सिरोंज विधानसभा सीट से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने फेसबुक पर पोस्ट की है। इसमें उन्होंने सनातनी परिवारों से बच्चों की पढ़ाई को लेकर अपील की।



विधायक ने कहा कि सनातनी परिवार अपने बच्चों को क्रिश्चियन कॉन्वेंट परंपरा वाले स्कूलों से तत्काल हटा लें। उन्होंने मुस्लिम मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को भी वहां से निकालने की बात कही। शर्मा ने अपनी अपील में कहा कि ऐसा करना समाज के हित में होगा। हालांकि, उन्होंने किसी खास कॉन्वेंट स्कूल या मदरसे का नाम नहीं लिया।



विधायक की पोस्ट में बच्चों को इन संस्थानों से हटाने की बात कही गई है। लेकिन इसके पीछे किसी विशेष घटना या संस्थान की शिकायत का उल्लेख नहीं किया गया है।



सिरोंज के 11 मदरसों को बंद करने के आवेदन

विधायक की अपील के बीच सिरोंज के 11 मदरसों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। इन मदरसों के संचालकों ने संस्थान बंद करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को आवेदन दिए हैं। आवेदनों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने को संस्थान बंद करने की वजह बताया गया है।



जनपद शिक्षा केंद्र सिरोंज ने इस संबंध में जिला शिक्षा केंद्र को पत्र भेजा है। इसमें सभी 11 मदरसों को एजुकेशन पोर्टल 3.0 और यूडाइज पोर्टल पर बंद दर्ज करने की बात कही गई है। पत्र में संबंधित मदरसों के नाम और उनकी यूडाइज पहचान संख्या भी दर्ज है। यह संख्या शैक्षणिक संस्थानों की पहचान के लिए इस्तेमाल होती है।



हालांकि, आवेदन दिए जाने का मतलब यह नहीं है कि सभी संस्थान औपचारिक रूप से बंद हो चुके हैं। उनकी अंतिम स्थिति विभागीय रिकॉर्ड से स्पष्ट होगी।



प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर साझा किया पत्र

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मदरसों से जुड़ा विभागीय पत्र सोशल मीडिया पर साझा किया है। उन्होंने इसे अच्छी खबर बताते हुए कहा कि उनके गृह जिले विदिशा में पिछले एक साल के दौरान 11 मदरसों को बंद करने की कार्रवाई हुई है।



कानूनगो ने दावा किया कि विदिशा के कुछ मदरसों में हिंदू बच्चे भी पढ़ रहे थे। उनके मुताबिक, जिला प्रशासन ने स्कूली शिक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया।



उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून यानी RTE का पालन कराया गया। इसके बाद बच्चों के सामान्य स्कूलों में दाखिले होने का दावा किया गया। कानूनगो ने इस कार्रवाई के लिए जिला कलेक्टर और शिक्षा विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को उनके अधिकार मिलेंगे और सरकारी पैसे की बर्बादी रुकेगी।



प्रियंक कानूनगो ने अपनी पोस्ट में मदरसों में हिंदू बच्चों के पढ़ने का दावा किया है। हालांकि, उन्होंने ऐसे बच्चों की कुल संख्या नहीं बताई।



उनकी पोस्ट में यह जानकारी भी नहीं है कि कितने बच्चों का दूसरे स्कूलों में दाखिला हुआ। इसी तरह सभी 11 मदरसों की वर्तमान स्थिति का अलग-अलग विवरण भी नहीं दिया गया है।



दूसरी तरफ विभागीय पत्र में विद्यार्थियों की संख्या कम होने का उल्लेख है। इसके आधार पर मदरसा संचालकों ने संस्थान बंद करने के आवेदन दिए हैं। इसलिए कानूनगो के दावे और विभागीय पत्र की जानकारी को अलग-अलग समझना जरूरी है।



मदरसों को बंद दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू

जानकारी के मुताबिक, संबंधित मदरसों के संचालकों ने स्वयं संस्थान बंद करने के आवेदन दिए हैं। इसके बाद जनपद शिक्षा केंद्र ने जिला शिक्षा केंद्र को पत्र भेजा। इसमें संबंधित संस्थानों की स्थिति ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने को कहा गया है।



शिक्षा विभाग के लिए संस्थानों की जानकारी एजुकेशन पोर्टल और यूडाइज पोर्टल पर दर्ज करना जरूरी होता है। इससे विद्यार्थियों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में मदद मिलती है। हालांकि, इन 11 मदरसों को पोर्टल पर बंद दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।



विधायक की अपील और मदरसों के आवेदन अलग मामले

इस पूरे घटनाक्रम में दो बातें सामने आई हैं। पहली भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा की फेसबुक पोस्ट है। इसमें उन्होंने सनातनी परिवारों से बच्चों को कॉन्वेंट स्कूलों और मदरसों से हटाने की अपील की है।



दूसरा मामला सिरोंज के 11 मदरसों को बंद करने के आवेदनों का है। विभागीय पत्र में इन आवेदनों की वजह विद्यार्थियों की कम संख्या बताई गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि विधायक की अपील के कारण मदरसों ने आवेदन दिए।



फिलहाल सभी 11 मदरसों की अंतिम प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। साथ ही कानूनगो के दावे के अनुसार, कितने बच्चों का दूसरे स्कूलों में दाखिला हुआ, इसकी जानकारी भी सामने आनी बाकी है।

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