मध्यप्रदेश में पहली बार 83% से ज्यादा बॉन्डेड डॉक्टरों ने दी जॉइनिंग, गांवों के स्वास्थ्य केंद्रों को मिला सहारा

Aman Vaishnav | Sept 30, 2026, 07:46 IST
मध्य प्रदेश में बांडेड डॉक्टरों की रिकॉर्ड जॉइनिंग, गांव के अस्पतालों को मिले डॉक्टर
मध्य प्रदेश में इस साल 83 फीसदी से ज्यादा बांडेड डॉक्टरों ने जॉइनिंग दी है। कुल तीन हजार 118 में से दो हजार 601 डॉक्टर जिलों और ब्लॉकों में पहुंचे हैं। इसका सीधा लाभ गांवों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मिल रहा है। बाकी बचे 517 डॉक्टरों को 6 अक्टूबर तक जॉइन करना होगा। सेवा न देने पर बॉन्ड शर्तों के तहत भारी पेनल्टी लगेगी।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मिले डॉक्टर

मध्य प्रदेश में पहली बार 83 फीसदी से अधिक बांडेड डॉक्टरों (Bonded Doctors) ने जॉइनिंग दी है। इसका बड़ा फायदा गांवों और दूरदराज के इलाकों को मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (Primary Health Centre) में अब डॉक्टर पहुंच चुके हैं। इस साल तीन हजार 118 बांडेड डॉक्टरों में से दो हजार 601 अपनी ड्यूटी पर आ चुके हैं। शेष 517 डॉक्टरों की जॉइनिंग प्रक्रिया अभी बाकी है।



पिछले दो वर्षों का जॉइनिंग रिकॉर्ड

बता दें कि पिछले दो सालों में केवल 40 फीसदी के आसपास डॉक्टर ही जॉइन करते थे। साल 2024 में दो हजार 670 डॉक्टरों में से एक हजार 116 ने पदभार संभाला था। तब जॉइनिंग का यह कुल प्रतिशत मात्र 41.83 फीसदी ही रहा था।



साल 2025 में दो हजार 789 में से सिर्फ 1,103 डॉक्टर ही पहुंचे थे। उस दौरान जॉइनिंग का कुल आंकड़ा घटकर 39.54 फीसदी रह गया था। इस वर्ष 2026 में 83.41 फीसदी से ज्यादा डॉक्टरों ने आमद दर्ज कराई है।



6 अक्टूबर तक जॉइनिंग की अंतिम मोहलत

दूसरी ओर बाकी बचे डॉक्टरों को 6 अक्टूबर तक जॉइन करने का मौका मिला है। तय समय पर कार्यभार नहीं संभालने पर पेनल्टी वसूली की कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य विभाग इसके बाद डॉक्टरों के खिलाफ वैधानिक कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है।



प्रशासन जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर शेष डॉक्टरों की जॉइनिंग के प्रयास में जुटा है। विधायकों और सांसदों से भी इसके लिए जरूरी समन्वय बनाया जा रहा है। प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह इस पूरी प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला भी व्यवस्था की हर जानकारी ले रहे हैं।



जिलों और प्रमुख शहरों में डॉक्टरों की तैनाती

जिलों की बात करें तो हरदा जिले में सभी 25 पदों पर डॉक्टरों ने जॉइनिंग दी है। बड़वानी में 66 में से 64 और खंडवा में 76 डॉक्टर पहुंचे हैं। गुना में 37 में से 35 चिकित्सक तैनात हो चुके हैं। झाबुआ में 51 और सिंगरौली में 45 डॉक्टरों ने कार्यभार संभाल लिया है।



वहीं दतिया में 21, अशोक नगर में 38 और आगर मालवा में 18 डॉक्टर पहुंचे हैं। धार जिले में कुल 75 में से 67 डॉक्टर आ चुके हैं। भोपाल में 87 में से 76 और उज्जैन में 55 डॉक्टर पहुंचे। इंदौर में 24, ग्वालियर में 47 तथा जबलपुर में 65 डॉक्टर पहुंचे हैं।



बॉन्ड की शर्तें और पेनल्टी के सख्त नियम

एमबीबीएस डॉक्टरों के लिए एक साल की अनिवार्य सेवा तय की गई है। अनारक्षित वर्ग को 10 लाख और एससी-एसटी वर्ग को 5 लाख रुपए देने होंगे। मेधावी व जन कल्याण योजना के सरकारी छात्रों को 2 साल सेवा देनी होगी। सेवा न देने पर इन छात्रों को 10 लाख रुपए चुकाने पड़ेंगे।



निजी कॉलेज की फीस सरकार ने भरी तो 5 साल ग्रामीण सेवा अनिवार्य है। इस शर्त का उल्लंघन करने पर 25 लाख रुपए पेनल्टी लगेगी। पीजी गैर सेवारत अभ्यर्थियों को सेवा न देने पर 10 लाख रुपए देने होंगे। सेवारत और डिमॉन्स्ट्रेटर अभ्यर्थियों के लिए 5 साल सेवा न देने पर 50 रुपए लाख लगेंगे। ग्रामीण सेवा पूरी न करने पर कॉलेज में जमा मूल दस्तावेज नहीं मिलेंगे।

Tags:
  • बांडेड डॉक्टर
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
  • स्वास्थ्य विभाग
  • Bonded Doctors
  • Primary Health Centre
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मिले डॉक्टर
  • जिलों और प्रमुख शहरों में डॉक्टरों की तैनाती
  • एमबीबीएस डॉक्टर