कैंसर नहीं, अब Mental Health बनी सबसे बड़ी चिंता, Ipsos Survey 2025 ने 30 देशों के सर्वे में किया खुलासा
Arohi Raj | Sootr Creatives | Sept 26, 2026, 17:59 IST
कैंसर को पीछे छोड़ मानसिक स्वास्थ्य बना सबसे बड़ा संकट।
कैंसर और दिल की बीमारी से बड़ी चिंता अब मानसिक स्वास्थ्य है। Ipsos सर्वे 2025 में 30 देशों के 45% लोगों ने इसे सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या माना। कैंसर 41 और तनाव 31% दर्ज हुए हैं। 2018 में यह आंकड़ा सिर्फ 27% था। भारत में कैंसर अब भी पहले नंबर पर है। Statista की Mental Health 2026 रिपोर्ट हेल्थ सिस्टम पर दबाव की चेतावनी देती है।
मानसिक स्वास्थ्य बड़ी समस्या
सोचिए एक बार, कल तक लोग इस बीमारी पर चुप रहते थे। आज वही सबसे ऊपर है।
समझें क्या है पूरा मामला
मेंटल हेल्थ संकट कितना बड़ा?
यानी मेंटल हेल्थ संकट अब सिर्फ डॉक्टरों की चिंता नहीं है। आम लोग भी इसे सबसे ऊपर रख रहे हैं।
कैंसर को पीछे क्यों छोड़ा?
इसकी एक बड़ी वजह खुलापन है। मानसिक बीमारी से जुड़ी शर्म अब घट रही है। लोग इस पर खुलकर बात करने लगे हैं।
2018 में 27%, अब 45% पर आंकड़ा
आप सोच रहे होंगे, समस्या बढ़ी या सिर्फ जागरूकता? सीधे बात करें तो दोनों बातें साथ चल रही हैं। मामले बढ़ रहे हैं और लोग इन्हें पहचान भी रहे हैं।
तनाव तीसरे नंबर पर क्यों?
भारत की तस्वीर क्या कहती है?
दूसरी तरफ 30 में से 18 देशों में मानसिक स्वास्थ्य पहले नंबर पर रहा। चिली में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा 68% दर्ज हुआ।
भारत में डॉक्टर से बात करने वाले ज्यादा
दफ्तर और अस्पताल पर बढ़ा बोझ
हेल्थ सिस्टम पर दबाव क्यों बढ़ा?
और यहीं से असली सवाल खड़ा होता है।
Statista रिपोर्ट में क्या खास?
मानसिक विकार और भलाई में क्या फर्क?
रिपोर्ट हेल्थकेयर, बीमा, डिजिटल हेल्थ और नीति बनाने वालों के लिए है। मकसद मानसिक सहायता को सबकी पहुंच में लाना है। साथ ही उसे असरदार और टिकाऊ बनाना है।
क्या हमारे अस्पताल और दफ्तर इसके लिए तैयार हैं? Ipsos सर्वे 2025 का संदेश साफ है। मन की सेहत अब सिर्फ निजी मामला नहीं रही है। यह हर देश की बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है।
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQ
- Ipsos के 2025 के सर्वे में मानसिक स्वास्थ्य को सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या क्यों माना गया है?
Ipsos के 2025 के सर्वे में 45% लोगों ने मानसिक स्वास्थ्य को सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या बताया है, जो कि चिंता का एक प्रमुख कारण बन गया है। - भारत में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति क्या है, और इसे अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से कैसे तुलना की गई है?
भारत में मानसिक स्वास्थ्य को सबसे बड़ी समस्या नहीं माना गया, बल्कि कैंसर को पहले स्थान पर रखा गया है। लेकिन वैश्विक स्तर पर 30 में से 18 देशों ने मानसिक स्वास्थ्य को सबसे बड़ी चिंता माना है। - मानसिक स्वास्थ्य की चिंता बढ़ने के पीछे के मुख्य कारण क्या हैं?
मानसिक स्वास्थ्य की चिंता बढ़ने के पीछे जागरूकता में वृद्धि और लोगों के बीच इस विषय पर खुलापन है। पहले की तुलना में लोग अब मानसिक बीमारी पर खुलकर बात कर रहे हैं, जिसके कारण इसे एक बड़ी समस्या माना जा रहा है।
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