RGHS में शामिल कैंसर की CAR-T थेरेपी, जानें कैसे मिलेगा फायदा?
Saurabh Mishra | Aug 19, 2026, 13:06 IST
कैंसर की थेरेपी
राजस्थान सरकार ने कैंसर के इलाज के लिए अत्याधुनिक CAR-T Cell Therapy को RGHS पैकेज में शामिल किया। इससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को ब्लड कैंसर के इलाज में बड़ी राहत मिलेगी।
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान सरकार ने कैंसर के इलाज को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
- CAR-T Cell Therapy को RGHS पैकेज में शामिल किया गया है।
- यह आधुनिक इम्यूनोथेरेपी है, इससे ब्लड कैंसर के मरीजों को फायदा मिलेगा।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने थेरेपी को RGHS स्कीम में शामिल करने की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस थेरेपी के शामिल होने से ब्लड कैंसर और मल्टीपल मायलोमा जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राजस्थान के लिस्टेड अस्पतालों में बेहतर इलाज मिल सकेगा।
इस फैसले से उन हजारों परिवारों को सीधी मदद मिलेगी, जो अब तक इस महंगे इलाज का खर्च उठाने में परेशान थे।
कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक CAR-T Cell Therapy को RGHS के तहत अनुमत पैकेज में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
यह पहल गंभीर बीमारी से जूझ रहे कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को आधुनिक…
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) August 19, 2026
क्या है CAR-T Cell Therapy
सबसे पहले मरीज के खून से उसकी अपनी T-Cells यानी व्हाइट ब्लड सेल्स निकाली जाती हैं। इन सेल्स को लैब में जेनेटिकली इस तरह मॉडिफाई किया जाता है कि वे कैंसर सेल्स पर मौजूद खास प्रोटीन को पहचान सकें।
जेनेटिक रूप से तैयार की गई करोड़ों संशोधित CAR-T Cells को वापस मरीज के शरीर में इंजेक्ट किया जाता है। ये सेल्स कैंसर कोशिकाओं को ढूंढकर खत्म करती हैं। आसान शब्दों में कहें तो इस थेरेपी में मरीज की अपनी रोग प्रतिरोधक प्रणाली को कैंसर से लड़ने के लिए खास तौर पर तैयार किया जाता है।
कैंसर थेरेपी
किन मरीजों के यह थेरेपी है कारगर
जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल में भी CAR-T Cell Therapy की उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
RGHS लाभार्थियों को कैसे मिलेगा लाभ
यह थेरेपी हर मरीज और हर तरह के कैंसर के लिए उपयुक्त नहीं होती। इसलिए एसएमएस अस्पताल या एम्पैनल्ड कैंसर हॉस्पिटल्स की विशेषज्ञ टीम की सिफारिश के आधार पर ही इसे मंजूर किया जाएगा।
RGHS के तहत एलोपैथी इलाज के पैकेज रेट सामान्यतः केंद्र सरकार की CGHS (Contributory Government Health scheme) दरों पर आधारित होते हैं। इससे लाभार्थियों को बिना किसी कैशलेस बाधा के इलाज मिल सकेगा।
कैंसर मरीजों की दूसरे राज्यों में इलाज कराने की मजबूरी खत्म
FAQ
- RGHS में कौन सी नई थेरेपी शामिल की गई है?
राजस्थान सरकार ने CAR-T Cell Therapy को RGHS पैकेज में शामिल किया है। यह कैंसर के इलाज की एक आधुनिक इम्यूनोथेरेपी है। - CAR-T Cell Therapy कैसे काम करती है?
इसमें मरीज के खून से T-Cells (व्हाइट ब्लड सेल्स) निकाले जाते हैं और लैब में जेनेटिकली मॉडिफाई की जाती हैं। इन्हें वापस शरीर में इंजेक्ट किया जाता है, जहां ये कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करती हैं। - इस थेरेपी का फायदा RGHS में कैसे मिलेगा?
लाभार्थियों को RGHS की 6 जून 2026 की ऑनकोलॉजी गाइडलाइंस के तहत यह सुविधा मिलेगी। एम्पैनल्ड अस्पताल में भर्ती से पहले प्री-ऑथराइजेशन जरूरी होगा।
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