अशोक गहलोत का भजनलाल सरकार पर हमला, कहा - गरीब की मजदूरी रोकना शोभा नहीं देता
Ashish Bhardwaj | Aug 02, 2026, 17:26 IST
अशोक गहलोत
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने राजस्थान सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 1.78 लाख श्रमिकों को 6 महीने से मजदूरी नहीं मिली। संविदाकर्मियों का वेतन भी अटका हुआ है। गहलोत ने पट्टा वितरण प्रक्रिया में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- अशोक गहलोत का भजनलाल सरकार पर हमला।
- 1.78 लाख श्रमिकों की मजदूरी रोकने का आरोप।
- संविदाकर्मियों का वेतन जारी करने की मांग।
- पट्टा प्रक्रिया को लेकर भी सरकार को घेरा।
- गहलोत बोले- गरीब की मजदूरी रोकना गलत।
गहलोत ने यह बातें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखीं। उन्होंने मजदूरी के साथ-साथ पट्टा वितरण प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।
शहरी रोजगार योजना का जिक्र
गहलोत के अनुसार यह देश की गिनी-चुनी योजनाओं में शामिल थी। उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद इस योजना ने लाखों परिवारों को संबल दिया था।
1.78 लाख श्रमिकों को नहीं मिली मजदूरी
गहलोत ने कहा कि इससे कर्मचारियों में भारी मानसिक तनाव है। उनका दावा है कि कर्मचारी खुद चेतावनी दे रहे हैं। उनका कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई अप्रिय घटना हुई तो जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सरकार पर लगाया बड़ा आरोप
गहलोत ने कहा कि इन्हीं कर्मचारियों से सरकारी काम भी लिए जा रहे हैं। इसमें स्वच्छ भारत मिशन, शहरी सेवा शिविर और जनगणना जैसे काम शामिल हैं। उनका कहना है कि काम पूरा लिया जाए और मेहनताना न दिया जाए, यह श्रमिक के साथ अन्याय है।
बजट प्रावधान की मांग
पट्टा प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
गहलोत ने रविवार को दिए बयान में एक उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि कोटा की निवर्तमान महापौर और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री ने खुद लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इस पत्र में कांग्रेस सरकार के समय जैसी छूट देने की मांग की गई है।
कांग्रेस सरकार में सरल हुई थी पट्टा प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि लिंक डॉक्यूमेंट न होने पर शपथ-पत्र से राहत दी गई थी। हक-त्याग और वसीयत के मामलों में सिर्फ 500 रुपए के स्टांप की सुविधा भी दी गई थी। गहलोत के अनुसार इसी संवेदनशीलता से 10 लाख से अधिक परिवारों को घर का मालिकाना हक मिला।
अब अटकी हैं हजारों फाइलें
गहलोत का कहना है कि पूरे राजस्थान में यही हालात हैं। उन्होंने राजस्थान सरकार से राजनीतिक दुराग्रह छोड़ने की अपील की। उनकी मांग है कि पूर्ववर्ती अभियान की छूटें दोबारा लागू की जाएं, ताकि आमजन को घर का हक मिल सके।
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