रिटायरमेंट के बाद आईपीएस किशन सहाय की भावुक अपील, जयपुर में किराए पर चाहिए मकान
Jinesh Jain | Aug 01, 2026, 10:33 IST
आईपीएस किशन सहाय
राजस्थान के आईपीएस किशन सहाय की सोशल मीडिया पर एक पोस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है। इसमें उन्होंने रिटायरमेंट के बाद जयपुर में किराए पर मकान के लिए अपील की है।
ऐसे समझें पूरा मामला
- आईपीएस किशन सहाय की सोशल मीडिया पर एक पोस्ट चर्चा का विषय बनी।
- रिटायरमेंट के बाद उन्हें जयपुर में 3 बीएचके मकान की जरूरत है।
- आईपीएस किशन 31 जुलाई को भारतीय पुलिस सेवा की नौकरी से रिटायर हो गए।
- सोशल मीडिया पर यह चर्चा हो रही है कि क्या उनके पास खुद का मकान नहीं है।
अब रिटायरमेंट के बाद सरकारी आवास खाली करने की नौबत आई तो उन्होंने खुद के लिए आशियाने की तलाश शुरू कर दी है। इसके लिए किशन सहाय ने सोशल मीडिया पर एक अनोखी अपील पोस्ट की है। यह पोस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है।
क्या है पूर्व IPS की अपील?
उन्होंने लिखा कि मकान में कम से कम तीन कमरे होने चाहिए। इसमें से एक कमरा विशेष रूप से उनसे मिलने आने वाले लोगों के लिए हो। इसके साथ अटैच लेट-बाथ की सुविधा हो।
अपील में यह भी कहा कि मुलाकात करने आने वाले लोगों के लिए मकान में 2 से 3 गाड़ियों की पार्किंग जगह होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा है कि यदि शर्तों में थोड़ी-बहुत कमी भी होगी तो भी काम चल जाएगा।
आईपीएस किशन सहाय
क्या इतनी लंबी सेवा के बाद भी अपना घर नहीं
अब तक वे सरकार द्वारा आवंटित आधिकारिक आवास में रह रहे थे। इसे नियम के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद खाली करना होगा।
आईपीएस किशन सहाय
विवादों से रहा है पुराना नाता
एक महिला ने डाक के जरिए पुलिस को पत्र भेजा था। इसमें आरोप लगाया गया कि आईपीएस किशन सहाय ने शादी का झांसा देकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए। फिलहाल जयपुर पुलिस इस मामले की जांच कर रही हैं।
दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद किशन सहाय ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि वे पिछले 10 साल से विज्ञानवाद का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। अंधविश्वास के खिलाफ बेबाकी से बोलते रहे हैं।
उनका दावा था कि अंधविश्वास में डूबे लोग उनके विज्ञानवाद को हजम नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए षड्यंत्र के तहत उन्हें बदनाम करने के लिए यह झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
चुनाव ड्यूटी से निलंबन
वे वहां गए तो सही, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के अचानक जयपुर लौट आए। इसे चुनाव आयोग ने घोर लापरवाही माना। इसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था।
ऐसा रहा राजस्थान पुलिस में सफर
आईपीएस बनने के बाद वे टोंक जिले के एसपी रहे। इसके अलावा उन्होंने जीआरपी और क्राइम ब्रांच में भी एसपी के पद पर अपनी सेवाएं दीं।
सेवानिवृत्ति के समय वे पुलिस मुख्यालय में आईजी (मानवाधिकार प्रकोष्ठ) के पद पर तैनात थे, जहां से 31 जुलाई को वे आधिकारिक रूप से रिटायर हो गए।
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