मध्य प्रदेश में बस किराया बढ़ा, न्यूनतम किराया 10 रु. तय, लागू हुई नई दरें
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश सरकार ने बस यात्री किराए की नई दरें जारी की हैं।
- परिवहन विभाग ने 5 अगस्त 2026 को नई अधिसूचना निकाली।
- सामान्य बस का किराया 2 रुपए प्रति किलोमीटर प्रति यात्री तय हुआ।
- डीलक्स, स्लीपर और सुपर लग्जरी बसों के लिए अलग-अलग बढ़ोतरी तय हुई।
- यह आदेश मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू होगा।
नया आदेश हुआ जारी
मध्य प्रदेश सरकार ने बस यात्री किराए की नई दरें जारी की हैं। परिवहन विभाग ने यह अधिसूचना 5 अगस्त 2026 को जारी की। यह आदेश मोटरयान अधिनियम 1988 (Motor Vehicles Act) के तहत जारी हुआ है। यह धारा 67 की उप-धारा 1 पर आधारित है।
इस आदेश ने पुरानी अधिसूचना को खत्म कर दिया है। पुरानी अधिसूचना 20 अप्रैल 2021 को जारी हुई थी। अब नई दरें ही मान्य होंगी।
यह आदेश राज्य परिवहन प्राधिकरण (State Transport Authority) पर लागू होगा। साथ ही सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों (Regional Transport Authorities) पर भी लागू होगा। इन्हीं संस्थाओं को किराया तय करने का अधिकार है। अब उन्हें नई दरों का पालन करना होगा।
सामान्य बस का किराया तय
सामान्य मंजिली गाड़ी यानी साधारण बस का किराया अब तय हो गया है। यात्री को हर किलोमीटर पर 2 रुपए देने होंगे। अगर दूरी किलोमीटर के हिसाब से पूरी नहीं बनती, तो भी पूरा किराया लगेगा।
इस नियम में एक शर्त भी जोड़ी गई है। किसी भी यात्री से कम से कम 10 रुपए किराया लिया जाएगा। यानी छोटी दूरी पर भी न्यूनतम किराया तय है।
यह नियम सिटी बस पर लागू नहीं होगा। सिटी बस के किराए का यह आदेश जिक्र नहीं करता। सिर्फ शहरों के बीच चलने वाली बसों पर यह दर लागू होगी।
इस दर को एक उदाहरण से समझा जा सकता है। कोई यात्री अगर 50 किलोमीटर का सफर करता है, तो 100 रुपए किराया लगेगा। यह हिसाब सिर्फ सामान्य बस पर लागू होता है। डीलक्स, स्लीपर या एसी बस में यह राशि ज्यादा होगी। यह बढ़ोतरी तय दर के हिसाब से जुड़ेगी।
अलग-अलग बस पर अलग छूट
सरकार ने अलग-अलग तरह की बस सेवाओं के लिए अलग बढ़ोतरी तय की है। यह बढ़ोतरी सामान्य बस किराए के ऊपर जोड़ी जाएगी। हर सेवा की अपनी सीमा तय है। रात में चलने वाली बस सेवा पर सामान्य किराए से 10 प्रतिशत ज्यादा लगेगा। यह सबसे कम बढ़ोतरी वाली श्रेणी है।
डीलक्स बस एसी (Air Conditioned) सुविधा से रहित होती है। इस पर 25 प्रतिशत तक ज्यादा किराया लगेगा। यह गैर एसी बसों के लिए तय दर है।
स्लीपर बस सेवा पर सामान्य किराए से 40 प्रतिशत तक ज्यादा किराया लगेगा। स्लीपर बसों में यात्री लेटकर सफर करते हैं।
डीलक्स एसी बस पर 50 प्रतिशत तक ज्यादा किराया तय किया गया है। यह सामान्य किराए के मुकाबले तय है। यह एसी सुविधा वाली डीलक्स बसों के लिए दर है।
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सुपर लग्जरी कोच पर तय हुई है। इस पर सामान्य किराए से 75 प्रतिशत तक ज्यादा किराया लिया जा सकेगा। यह सबसे महंगी श्रेणी की बस सेवा है।
रात के सफर पर खास नियम
रात में चलने वाली बसों पर एक खास छूट भी दी गई है। डीलक्स गैर एसी, स्लीपर, डीलक्स एसी और सुपर लग्जरी कोच शामिल हैं। इन पर अतिरिक्त रात्रि प्रभार नहीं लगेगा। यानी इन बसों पर रात का अलग चार्ज नहीं जुड़ेगा।
इसका मतलब साफ है। डीलक्स या स्लीपर श्रेणी की बस पर यह नियम अलग है। उस पर रात की अलग बढ़ोतरी नहीं होगी। सिर्फ सामान्य बस पर ही रात्रि सेवा का अलग नियम लागू रहेगा।
एक्सप्रेस बस पर भी राहत
एक्सप्रेस बस सेवाओं के लिए भी सरकार ने साफ नियम बनाया है। एक्सप्रेस बस पर कोई अतिरिक्त प्रभार नहीं लिया जा सकेगा। यह यात्रियों के लिए राहत की बात है।
इससे एक्सप्रेस बस के यात्रियों का किराया तय दर पर ही रहेगा। बस संचालक मनमानी बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे।
बस वर्गीकरण का जिम्मा परिवहन आयुक्त को
कौन सी बस किस श्रेणी में आएगी, यह तय करने का जिम्मा परिवहन आयुक्त को दिया गया है। परिवहन आयुक्त मध्य प्रदेश समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करेंगे। रात्रि सेवा, डीलक्स और सुपर लग्जरी कोच का वर्गीकरण इन निर्देशों पर टिका होगा। इससे बस संचालकों के लिए भी नियम स्पष्ट रहेंगे।
कब से लागू होगा यह आदेश
यह आदेश मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से लागू माना जाएगा। यानी 5 अगस्त 2026 से यह नई व्यवस्था प्रभावी हो गई है। यह आदेश राज्य के सभी परिवहन प्राधिकरणों के लिए बाध्यकारी है।
गौरतलब है कि किराया दरें समय-समय पर बदलती रहती हैं। पिछली बार अप्रैल 2021 में दरें तय हुई थीं। अब पांच साल बाद सरकार ने दरों में बदलाव किया है। इससे साफ है कि परिवहन लागत के हिसाब से किराया तय होता रहता है।
यात्रियों के लिए यह जानना जरूरी है। अब हर बस सेवा की दर अलग-अलग तय है। सफर से पहले बस की श्रेणी जरूर देख लें। इससे किराए को लेकर कोई भ्रम नहीं रहेगा।
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