दिवाली पर कार्बाइड गन का धमाका पड़ेगा महंगा, हो सकती है जेल, बेचने वालों पर भी होगी कार्रवाई

Amresh Kushwaha | Oct 22, 2026, 18:25 IST
सावधान! मध्यप्रदेश में कार्बाइड गन चलाना पड़ेगा भारी।
Using a carbide gun this Diwali could prove costly—it may lead to a jail term, and action will also be taken against those selling them
दिवाली पर कार्बाइड गन चलाने वालों के खिलाफ ग्वालियर पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज करेगी। एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव एक्ट में कार्रवाई होगी। 40 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी दुकानों की जांच करेंगे। अशोकनगर पुलिस ने कार्बाइड लैम्प पर भी एडवाइजरी जारी की। ऑनलाइन बिक्री और रील बनाने वालों पर भी निगरानी रहेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष निगरानी और जांच अभियान चल रहा है।

ग्वालियर पुलिस की जांच का तरीका

ग्वालियर पुलिस ने 40 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी जांच पर भेजे हैं। ये टीमें अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पहुंचेंगी। पटाखों और हार्डवेयर की दुकानों की जांच होगी।



फैब्रिकेशन (धातु ढांचे बनाने का काम) और वेल्डिंग की दुकानें भी सूची में हैं। रासायनिक पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों की भी जांच होगी। दुकानदारों से उपलब्ध सामग्री और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड मांगा जाएगा।



पुलिस प्रतिबंधित सामग्री की उपलब्धता पता करेगी। आपूर्ति के स्रोतों की भी तलाश होगी।



एसएसपी धर्मवीर सिंह ने क्या कहा?

कार्बाइड गन चलाने वालों पर आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव एक्ट की गंभीर धाराओं में कार्रवाई होगी। एसएसपी ने पुराने हादसों का जिक्र करते हुए बताया कि कार्बाइड गन से कई बच्चे अपनी आंखों की रोशनी तक खो चुके हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस विशेष जांच अभियान चला रही है। इसे लेकर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों और डीएसपी के अधीन काम करने वाले पुलिसकर्मियों की बैठक भी हुई। सभी को सख्त निगरानी रखने और जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।



ऑपरेशन ईगल से रील पर नजर

पुलिस की नजर सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं है। ऑनलाइन बिक्री भी जांच के घेरे में है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (ऑनलाइन शॉपिंग साइट) की भी जांच हो रही है।



ई-कॉमर्स कंपनियों को मिलेंगे निर्देश

पुलिस अब ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करेगी। उनसे कार्बाइड गन की ऑनलाइन लिस्टिंग हटाने को कहा जाएगा। साथ ही अब तक जिन लोगों ने कार्बाइड गन खरीदी है, उनकी जानकारी भी मांगी जाएगी। पुलिस संबंधित गोदामों की भी जांच करेगी, ताकि प्रतिबंधित सामान लोगों तक न पहुंच सके।



सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर है। कार्बाइड गन के फोटो, वीडियो या रील शेयर करने वालों की भी जांच होगी। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने साफ कहा है कि ऑपरेशन ईगल के तहत ऐसे मामलों में भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



अब सवाल ये है कि क्या कुछ सेकंड की रील बनाने के चक्कर में कानूनी कार्रवाई झेलना सही है? पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कार्बाइड गन जैसे प्रतिबंधित सामान का इस्तेमाल या प्रचार न करें। दिवाली का त्योहार खुशी और सुरक्षित तरीके से मनाएं।



अशोकनगर पुलिस की एडवाइजरी

अशोकनगर पुलिस ने दीपावली से पहले एडवाइजरी जारी की है। इसमें कार्बाइड गन और लैम्प के अवैध निर्माण पर चेतावनी है। बिक्री, भंडारण और उपयोग करने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी।



एसपी राजीव कुमार मिश्रा का बयान

एसपी ने व्यापारियों से अपील की है। दुकानदार इनकी बिक्री, भंडारण और वितरण से दूर रहें। अभिभावक बच्चों को खतरे बताएं और इस्तेमाल से रोकें।



कार्बाइड लैम्प से क्या खतरा?

पुलिस का कहना है कि कार्बाइड गन चलाना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे आग लग सकती है, शरीर झुलस सकता है और गंभीर चोट भी आ सकती है। इसकी तेज आवाज से सुनने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। वहीं, इससे निकलने वाला धुआं और गैस सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकते हैं। आंखों को भी नुकसान पहुंच सकता है।



अब जरा सोचिए, कुछ पल की मस्ती के लिए इतना बड़ा खतरा मोल लेना क्या सही है? आखिर दिवाली खुशियां मनाने का त्योहार है, हादसों का नहीं।



दिवाली सुरक्षा पर सरकार का निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अक्टूबर 2026 को कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। यह बैठक सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के साथ वर्चुअली हुई। मुख्यमंत्री का पूरा जोर Diwali Safety पर है।



मुख्यमंत्री मोहन यादव का संदेश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा है कि इनके इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाई जाए। साथ ही पटाखों की दुकानों के लाइसेंस और सुरक्षा नियमों की भी अच्छी तरह जांच की जाए। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी और गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।



मुख्यमंत्री ने दिवाली पर कार्बाइड गन की बिक्री रोकने को भी कहा है। इसकी वजह साफ है। कार्बाइड गन से होने वाला धमाका किसी को भी गंभीर चोट पहुंचा सकता है।



सरकार की इस सख्ती के बाद कार्बाइड गन पर बैन जैसा माहौल बन गया है। आखिर इतनी सख्ती क्यों की जा रही है? इसकी वजह जानने के लिए पुराने हादसों पर नजर डालना जरूरी है। पहले ऐसे हादसे हो चुके हैं, जिनमें बच्चों को गंभीर नुकसान पहुंचा था। सरकार का मकसद यही है कि दिवाली की खुशियों के बीच फिर कोई बच्चा हादसे का शिकार न हो।

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