ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन हाईकोर्ट को बताएगा: चेक पोस्ट से कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा भी करोड़ों कमाता है
News In Short
- हाईकोर्ट ने 30 दिन में चेक पोस्ट फिर शुरू करने को कहा है।
- ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन फैसले से नाराज है।
- डबल बेंच में रिट अपील की तैयारी हो रही है।
- सौरभ शर्मा केस और वसूली वीडियो सबूत बनेंगे।
- गडकरी के पत्र को भी आधार बनाया जाएगा।
News In Detail
जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार 22 अप्रैल को अहम फैसला सुनाया। इसमें सरकार को 30 दिन के भीतर चेक पोस्ट फिर से खोलने का आदेश दिया गया है।
हाईकोर्ट ने भारी वाहनों की जांच और हादसे रोकने के लिए चेक पोस्ट जरूरी बताए हैं। इन चेक पोस्ट के खिलाफ सालों तक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अवैध वसूली को लेकर शिकायत करती रही और इसके बाद मोहन सरकार ने 01 जुलाई 2024 को इन्हें बंद किया था।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन करेगा रिट अपील दायर
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) एवं इंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने इस मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है और इस पर चिंता जताई है। साथ ही कहा कि फैसले के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय की डबल बेंच में रिवीजन पिटीशन दायर करेंगे। एसोसिएशन ने कहा कि चेक पोस्ट पर व्याप्त भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीएम मोहन यादव ने इन्हें बंद किया था।
रिट अपील में भ्रष्ट सौरभ शर्मा बनेगा अहम कड़ी
- रिट अपील में मुख्य रूप से चेक पोस्ट पर होने वाली अवैध वसूली और भ्रष्टाचार को आधार बनाया जाएगा।
- इसमें मुख्य रूप से रिटायर परिवहन कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा पर हुई जांच एजेंसियों की कार्रवाई और मिली 50 किलो सोना, ढाई सौ किलो चांदी और करोड़ों की संपत्ति को आधार बनाया जाएगा।
- यह पक्ष रखा जाएगा कि चेक पोस्ट से इतनी अवैध वसूली होती है कि सौरभ जैसा कॉन्स्टेबल भी अकूत संपत्ति बना लेता है।
- इसके साथ ही लगातार आते रहे चेक पोस्ट पर अवैध वसूली के वीडियो भी पेश किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री गडकरी का पत्र भी रहेगा आधार
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि इसके साथ ही मध्यप्रदेश के चेक पोस्ट की अवैध वसूली को लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा लिखे गए पत्र को भी बताया जाएगा। इसमें मध्यप्रदेश शासन से चिंता जताई गई थी कि इस अवैध वसूली के कारण सुगम परिवहन पर बुरा असर हो रहा है और इसे बंद किया जाए।
एसोसिएशन ने यह भी बात रखी
एसोसिएशन के पदाधिकारी सी.एल. मुकाती, अमरजीत सिंह बग्गा, राजेंद्र सिंह त्रेहन, विजय कालरा, राकेश तिवारी, कपिल शर्मा, हरीश डावर ने कहा कि वैसे ही अब केंद्र के नए नियम आ गए हैं।
इसके तहत अब सभी टोल प्लाजा पर ऑटोमेटिक वजन कांटे और चार गुना पेनल्टी की व्यवस्था लागू हो रही है। जब तकनीक के माध्यम से ओवरलोडिंग पर लगाम लगाई जा सकती है, तो फिर भ्रष्टाचार के केंद्रों, चेक पोस्टों को दोबारा शुरू करने का कोई औचित्य नहीं है।
सरकार क्या बोल रही है
हाईकोर्ट के आदेश के बाद परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन करने के बाद विधि विशेषज्ञों की राय लेकर आगे कार्रवाई की जाएगी।
जानें क्या है कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा का केस
मध्यप्रदेश के बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष न्यायालय ने पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा, उनकी पत्नी, मां और सहयोगियों सहित कुल 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
महज 7 साल की नौकरी में 550 करोड़ रुपए का साम्राज्य खड़ा करने वाले सौरभ शर्मा के नेटवर्क से जुड़ी एक लावारिस कार से 11 करोड़ नकद और 52 किलो सोना बरामद हुआ था। साथ ही दुबई में 150 करोड़ के बंगले का भी खुलासा हुआ है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की इस कार्रवाई के बीच लोकायुक्त पुलिस द्वारा समय पर चार्जशीट पेश न कर पाने के कारण सौरभ को पहले जमानत मिल चुकी है। वहीं, अब कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलील पर ईडी से उन दस्तावेजों का जवाब मांगा है जिन्हें चार्जशीट में शामिल नहीं किया गया है।
वर्तमान में आयकर विभाग बेनामी संपत्ति अधिनियम के तहत रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी कर रहा है। वहीं, मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है।
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