MP में शासकीय सेवा के नए नियम, ड्राफ्ट जारी हुआ, जानिए क्या-क्या बदलेगा
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश शासन ने नए सिविल सेवा नियमों का प्रारूप जारी किया है।
- इन नियमों को 'MP सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 2026' कहा गया है।
- नागरिक और हितधारक 15 जून 2026 तक अपने सुझाव भेज सकते हैं।
- सुझाव sogad1@mp.gov.in पर या gad.mp.gov.in वेबसाइट के लिंक से भेजे जा सकते हैं।
- समय सीमा के बाद मिले सुझावों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
नए नियम क्यों आए?
मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग (GAD - General Administration Department) ने 4 जून 2026 को एक सार्वजनिक सूचना जारी की। इसमें बताया गया कि राज्य सरकार 'मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 2026' को अधिसूचित करने जा रही है। इससे पहले जन-परामर्श की प्रक्रिया शुरू की गई है ताकि आम लोग और सरकारी कर्मचारी भी अपनी राय दे सकें।
नए नियमों में क्या है खास?
नियमों का प्रारूप राज्य की शासकीय सेवाओं से जुड़ी बुनियादी शर्तों को नए सिरे से परिभाषित करता है। इसमें नियुक्ति, परिवीक्षा (Probation), वरिष्ठता (सीनियरिटी) और पदक्रम सूची जैसे विषयों को विस्तार से समझाया गया है। नियमों के अनुसार राज्य की शासकीय सेवाओं को चार श्रेणियों में बांटा गया है। ये हैं: प्रथम, द्वितीय, तृतीय (अलिपिक और लिपिक वर्गीय) और चतुर्थ श्रेणी।
नियुक्ति के लिए कौन पात्र?
नए नियमों के अनुसार केवल भारत के नागरिक ही किसी पद पर नियुक्त हो सकते हैं। एक से अधिक जीवनसाथी रखने वाले व्यक्ति और 26 जनवरी 2001 के बाद दो से अधिक जीवित संतान रखने वाले अभ्यर्थी सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य होंगे। हालांकि इसमें कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट का भी प्रावधान है।
इसके अलावा किसी भी केंद्र या राज्य सरकार के अधीन सेवा से अवकाश के कारण पदच्युत (बर्खास्त या हटाए गए) किए गए व्यक्ति भी नियुक्ति के पात्र नहीं होंगे।
परिवीक्षा के नए प्रावधान
नए नियमों में परिवीक्षा (Probation) से जुड़े प्रावधान भी साफ किए गए हैं। सीधी भर्ती से नियुक्त हर व्यक्ति को परिवीक्षा पर रखा जाएगा। परिवीक्षा अवधि अधिकतम एक साल तक बढ़ाई जा सकती है।
अगर परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बाद छह महीने के भीतर नियुक्ति प्राधिकारी कोई निर्णय नहीं लेता, तो कर्मचारी उस पद पर स्वतः स्थायी मान लिया जाएगा। यह प्रावधान कर्मचारियों के लिए एक अहम सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा।
वरिष्ठता कैसे तय होगी?
सीधी भर्ती से आए कर्मचारियों की वरिष्ठता (सीनियरिटी) पद ग्रहण की तारीख पर नहीं, बल्कि चयन सूची में उनके नाम के क्रम पर तय होगी। पदोन्नति से आए कर्मचारियों की वरिष्ठता, फीडर संवर्ग में उनकी सापेक्ष वरिष्ठता (वरिष्ठता सूची) के आधार पर होगी।
अगर एक ही तारीख पर सीधी भर्ती, पदोन्नति और अन्य आधार पर नियुक्तियां होती हैं, तो पदोन्नत कर्मचारी सबसे वरिष्ठ माने जाएंगे। उसके बाद सीधी भर्ती वाले और फिर अन्य आधार पर नियुक्त कर्मचारियों की वरिष्ठता तय होगी।
पुराने नियम होंगे रद्द
नए नियम लागू होते ही इससे पहले चले आ रहे सभी संबंधित नियम और निर्देश रद्द हो जाएंगे। हालांकि पुराने नियमों के तहत दिए गए आदेश और की गई कार्रवाई वैध मानी जाती रहेगी। सभी विभागों को अपने भरती नियमों को इन नए नियमों के अनुरूप संशोधित करना होगा। अगर नए नियमों की व्याख्या को लेकर कोई विवाद होता है, तो उसका अंतिम निर्णय सामान्य प्रशासन विभाग करेगा।
कैसे दें सुझाव?
जो भी नागरिक, संस्था या सरकारी कर्मचारी इन नियमों पर अपनी राय देना चाहते हैं, वे 15 जून 2026 तक sogad1@mp.gov.in पर ई-मेल कर सकते हैं। इसके अलावा gad.mp.gov.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से भी सुझाव दिए जा सकते हैं। तय समय के बाद आने वाले सुझावों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
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