सीएम मोहन यादव ने घटाया VIP काफिला, सरकार बोली- PM मोदी की अपील का असर

Ramanand Tiwari | May 13, 2026, 24:02 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने VIP काफिले में 13 की जगह 8 वाहन करने का फैसला लिया। सरकार ने इसे PM मोदी की अपील से जोड़ा। विपक्ष इसे इमेज मैनेजमेंट बता सकता है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने वाहन काफिले को छोटा करने का फैसला लिया है। सरकार का दावा है कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद उठाया गया है, जिसमें पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और ऊर्जा बचत पर जोर दिया गया था। अब मुख्यमंत्री के भोपाल प्रवास और स्थानीय दौरों के दौरान पहले जहां 13 वाहन चलते थे, वहीं अब केवल 8 वाहन ही काफिले का हिस्सा होंगे।



“कम ईंधन, कम दिखावा” वाला संदेश देने की कोशिश?

सरकार इसे ईंधन बचत और सादगी से जोड़कर पेश कर रही है। वहीं राजनीतिक गलियारों में इसे “सिंबॉलिक मैसेज” के तौर पर भी देखा जा रहा है। क्योंकि लंबे समय से वीआईपी कल्चर और बड़े सरकारी काफिलों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में काफिला छोटा करने का फैसला सीधे जनता को संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने क्या निर्देश दिए?

सीएम मोहन यादव ने विभागीय अधिकारियों और मंत्रियों से भी पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने की अपील की है। इसके साथ ही कहा गया है कि सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा उपयोग किया जाए। अनावश्यक वाहन उपयोग से बचा जाए। सरकारी कार्यक्रमों में वाहन संख्या सीमित रखी जाए। विभागीय अधिकारी वाहन रैली जैसी गतिविधियों से बचें।



पहले कैसा था CM का काफिला?

मुख्यमंत्री को Z+ सुरक्षा श्रेणी मिलने के कारण उनके काफिले में पहले 13 वाहन शामिल रहते थे।



इनमें शामिल थे...

  • वज्र वाहन
  • पायलट
  • मीडिया कार
  • एस्कॉर्ट वाहन
  • काउंटर असॉल्ट व्हीकल
  • एम्बुलेंस
  • रेस्क्यू और सुरक्षा वाहन
  • पार्टी वाहन

सरकार के मुताबिक सुरक्षा जरूरतों की समीक्षा के बाद अब इसमें कटौती की गई है। अब सिर्फ 8 वाहन ही चलेंगे नए निर्देशों के मुताबिक मुख्यमंत्री के स्थानीय भ्रमण के दौरान अब 8 वाहन ही काफिले में शामिल होंगे।



इनमें प्रमुख रूप से...



  • पायलट वाहन
  • मीडिया कार
  • एस्कॉर्ट वाहन
  • वीआईपी कार
  • स्पेयर वाहन
  • एम्बुलेंस
  • टेल कार, शामिल रहेंगे।

सरकार का दावा: “प्रधानमंत्री की सोच को जमीन पर उतारा”

सरकार इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत मुहिम से जोड़ रही है। दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री ने खुद पहल करते हुए अपने काफिले में कटौती की है ताकि बाकी विभागों और अधिकारियों को भी संदेश दिया जा सके।



लेकिन सवाल भी उठेंगे…

हालांकि, विपक्ष इसे सिर्फ “इमेज मैनेजमेंट” भी बता सकता है। क्योंकि अक्सर बड़े सरकारी आयोजनों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और वीआईपी मूवमेंट पर भारी सरकारी संसाधन खर्च होने को लेकर सवाल उठते रहे हैं।



ऐसे में देखने वाली बात होगी कि यह फैसला सिर्फ मुख्यमंत्री के काफिले तक सीमित रहता है या बाकी मंत्रियों और विभागों में भी इसी तरह की कटौती दिखाई देती है।



मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटाया अपना काफिला

  • 13 की जगह अब सिर्फ 8 वाहन चलेंगे।
  • सरकार ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की अपील से जोड़ा।
  • पेट्रोल-डीजल बचत और सादगी पर जोर।

अधिकारियों को भी अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने की सलाह सार्वजनिक परिवहन के उपयोग की अपील



विपक्ष इसे “सिंबॉलिक राजनीति” बता सकता है

सरकार इस फैसले को ऊर्जा बचत और प्रशासनिक सादगी की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। लेकिन अब राजनीतिक नजरें इस बात पर भी रहेंगी कि क्या मुख्यमंत्री के बाद मंत्री, निगम-मंडल और दूसरे VIP काफिलों में भी कटौती दिखाई देगी, या फिर यह पहल सिर्फ एक प्रतीकात्मक संदेश बनकर रह जाएगी।



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