कांग्रेस के इन विधायक की बीजेपी नेता से मुलाकात, कांग्रेस को 7 विधायकों के क्रॉस वोटिंग की चिंता
News In Short
- राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में हलचल बढ़ गई है।
- सात विधायकों के क्रॉस वोटिंग की आशंका जताई गई है।
- कांग्रेस विधायक ने बीजेपी नेता से मुलाकात की है।
- दिल्ली में कांग्रेस नेताओं की अहम बैठक हुई है।
- राज्यसभा सीट बचाने के लिए रणनीति बन रही है।
News In Detail
मध्यप्रदेश कांग्रेस मार्च 2020 नहीं भूली है, जब ऑपरेशन लोटस से उनके विधायकों को साथ लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में चले गए थे। अब एमपी में फिर ऑपरेशन लोटस की हलचल है।
इस बार यह ऑपरेशन, राज्यसभा की एक सीट के लिए है...जो बीजेपी, कांग्रेस से लेने में जुट गई है। कांग्रेस के विधायक बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात भी कर चुके हैं।
परसवाड़ा विधायक भगत की वीडी से मुलाकात
परसवाड़ा (जिला बालाघाट) के कांग्रेस विधायक मधु भाऊ भगत ने 06 मई को बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा से भोपाल में मुलाकात की है। इस मुलाकात को गोपनीय रखा गया है। सूत्रों के अनुसार, मुद्दा राज्यसभा में क्रॉस वोटिंग को लेकर ही था। इस मुलाकात के पुख्ता सबूत द सूत्र के पास मौजूद हैं।
क्या बोल रहे हैं विधायक भगत
हालांकि, भगत इस मुलाकात को लेकर इनकार कर रहे हैं। उन्होंने द सूत्र से कहा कि मैं अपनी गाड़ी से निकल रहा था। मेरे कुछ इंदौर के दोस्त खड़े हुए थे, तो उनसे मुलाकात हुई थी।
वीडी शर्मा को मैंने तो देखा भी नहीं। मेरा बंगला शिवाजी नगर में है। शाम को काम खत्म होने के बाद अपनी गाड़ी से निकलता हूं। उसी दौरान पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी टहलते हुए मिले, तो उनसे दुआ-सलाम हुई।
वहीं कुछ और दोस्त खड़े थे, उनसे भी मुलाकात हुई। वीडी शर्मा को मैंने दो-चार महीने से देखा भी नहीं। राज्यसभा वाली कोई बात नहीं है।
दिल्ली में दिग्गी, कमलनाथ की बैठक, 7 विधायकों की चिंता
उधर, 05 मई को दिल्ली में पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की बैठक हुई थी। इसमें मुख्य चिंता राज्यसभा चुनाव की वोटिंग को लेकर रही। इसमें करीब सात कांग्रेस विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग करने की आशंका जताई गई है।
इनके नामों को लेकर भी चर्चा हुई और इनसे बात करने व नजर रखने की जिम्मेदारी नेताओं ने आपस में ली है। बताया जा रहा है कि अधिकांश विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के क्षेत्र (ग्वालियर-चंबल) के हैं। बैठक में आशंका जताई गई कि कांग्रेस से बीजेपी में गए विधायकों के जरिए ही बीजेपी इन विधायकों से संपर्क कर क्रॉस वोटिंग करा सकती है।
राज्यसभा चुनाव के गणित में कांग्रेस कैसे उलझी
मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए में जून में चुनाव संभावित है। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और बीजेपी के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह का कार्यकाल खत्म होने से तीन सीटें खाली हो रही हैं। वोटिंग पैटर्न से राज्यसभा की एक सीट के लिए 58 विधायकों के वोट लगने हैं।
विधायकों की संख्या के हिसाब से दो सीटें बीजेपी के और एक कांग्रेस के पाले में जाएगी। कांग्रेस के भले ही 66 विधायक हैं, लेकिन विजयपुर सीट से मुकेश मल्होत्रा की विधायकी सशर्त बची हुई है और वे वोट नहीं डाल सकते हैं।
दतिया विधायक राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा हो चुकी है और उनकी विधायकी भी गई, वह भी वोट नहीं दे सकते हैं। वहीं बीना विधायक निर्मला सप्रे पहले ही बीजेपी के पाले में हैं। ऐसे में कांग्रेस के पास मौजूदा स्थिति में 63 वोट हैं। इसमें से 6 वोट भी खिसके तो राज्यसभा की एक सीट कांग्रेस के हाथ से निकल जाएगी।
वोट एकजुट करने कमलनाथ पर रख सकती है दांव
उधर यह बात भी उठी है कि कांग्रेस को अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने के लिए जरूरी है कि वह किसी बड़े नाम को उतारे। पहले मीनाक्षी नटराजन का नाम इस रेस में सबसे आगे था। वहीं, अब जिस तरह से बंगाल में बीजेपी ने आक्रामक रुख अपनाया और जीत हासिल की, उससे कांग्रेस में हलचल मच गई है।
खासकर महिला आरक्षण को लेकर परिसीमन बिल खारिज होने के बाद बीजेपी आक्रामक है। इसलिए कांग्रेस अब ऐसे नाम पर विचार कर रही है, जो सभी विधायकों को साथ ले सके और जिसके नाम पर कांग्रेस में टूट-फूट नहीं हो।
ऐसे में अब कमलनाथ का नाम आगे आ रहा है। हालांकि, कांग्रेस बीजेपी के उम्मीदवारों को देखने के बाद ही अंतिम फैसला लेगी। यदि बीजेपी से बड़े नाम आए तो फिर कांग्रेस को रणनीति बदलना पड़ सकती है।
ये खबर भी पढ़िए...
एमपी में राज्यसभा चुनाव को लेकर सिंघार ने जताई हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका, मंत्री ने किया पलटवार
एक विधायक वाली BAP ने राज्यसभा चुनाव लड़ने का किया ऐलान, क्रॉस वोटिंग की टेंशन में कांग्रेस