एमपी कांग्रेस का मास्टरप्लान, अब बड़े नेताओं के भरोसे नहीं, जनता के चंदे से चलेगी पार्टी
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आगामी चुनावों और संगठन की मजबूती के लिए एक क्रांतिकारी सेल्फ-रिलायंस मॉडल तैयार किया है। भोपाल के रविंद्र भवन में 17 अप्रैल को आयोजित सम्मेलन में कांग्रेस ने साफ किया कि पार्टी अब संसाधनों के लिए किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहेगी। संगठन को मजबूत करने के लिए अब कांग्रेस सीधे जनता और जमीनी कार्यकर्ताओं से सहयोग मांगेगी।
फंड जुटाने का नया फॉर्मूला
मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने सम्मेलन में एक गेम-चेंजर प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कांग्रेस हर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक परिवार से 100 रुपए का सहयोग मांगेगी। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पैसा न तो दिल्ली जाएगा और न ही भोपाल मुख्यालय।
यह पैसा जिस ब्लॉक या जिले से जुटाया जाएगा, वहीं के संगठन निर्माण और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर खर्च होगा। इससे पार्टी किसी एक व्यक्ति की मोहताज नहीं रहेगी और घर-घर जाने से जनता के साथ सीधा संवाद बढ़ेगा।
मंच पर 50 से ज्यादा वरिष्ठ नेता
रविंद्र भवन में चल रहे कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों के सम्मेलन के मंच पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, अजय सिंह (राहुल भैया), कमलेश्वर पटेल, कांतिलाल भूरिया, विधायक महेश परमार, आरके दोगने, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह और डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ सहित 50 से अधिक नेता मौजूद हैं।
जमीन पर दिखेगा संगठन
पार्टी ने साफ चेतावनी दी है कि अब केवल कागजों पर कमेटियां बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर ब्लॉक में 21 सदस्यों की सक्रिय टीम अनिवार्य है। इन नियुक्तियों का विधानसभा और जिला प्रभारी खुद मौके पर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे। यदि कोई पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी से अनजान पाया गया या काम में ढिलाई बरती, तो उसे तुरंत हटाकर समर्पित कार्यकर्ताओं को जगह दी जाएगी।
कनेक्ट सेंटर से डिजिटल मॉनिटरिंग
संगठन में अनुशासन लाने के लिए कनेक्ट सेंटर को सक्रिय कर दिया गया है। अब हर ब्लॉक और मंडल स्तर की बैठक की रिपोर्ट और उसमें शामिल होने वाले नेताओं की सूची सीधे हेड ऑफिस भेजी जाएगी। बैठक में जो नेता बैठकों से नदारद रहेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
साथ ही, जिला अध्यक्षों का मूल्यांकन शुरू हो चुका है और ब्लॉक अध्यक्षों को भी छह महीने का अल्टीमेटम दिया गया है, खराब प्रदर्शन करने वालों की कुर्सी छिन सकती है।
महिला आरक्षण पर भाजपा को घेरा
सम्मेलन में पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ ने महिला आरक्षण (Women Reservation) का श्रेय कांग्रेस को देते हुए भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि 1985 में राजीव गांधी ने ही महिलाओं को राजनीति की मुख्यधारा में लाने की नींव रखी थी।
साधौ ने तंज कसा कि आज सरकार परिसीमन (Delimitation) के नाम पर इस मुद्दे को लटकाने की कोशिश कर रही है, जबकि महिलाओं ने हमेशा साबित किया है कि वे नेतृत्व के लिए तैयार हैं।
जिला अध्यक्ष के अधीन होंगे ब्लॉक प्रमुख
संगठन प्रभारी संजय कामले ने कड़े शब्दों में कहा कि ब्लॉक अध्यक्ष चाहे किसी भी बड़े नेता की सिफारिश पर बने हों, उन्हें अब पूरी तरह जिला अध्यक्ष के अनुशासन में रहकर काम करना होगा। संगठन में तालमेल बिठाने के लिए जल्द ही सभी ब्लॉकों में जन संवाद सम्मेलन शुरू किए जाएंगे। लक्ष्य साफ है- अवसरवादी लोगों के जाने के बाद अब अंतिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को पार्टी का चेहरा बनाना।
छह महीने में होगा ब्लॉक अध्यक्षों का टेस्ट
संगठन में जवाबदेही तय करने के लिए जिला अध्यक्षों के कामकाज का मूल्यांकन शुरू हो चुका है। प्रभारी ने चेतावनी दी है कि ब्लॉक अध्यक्षों को भी छह महीने का समय दिया गया है। उनके प्रदर्शन और आईसीसी की रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि वे अपनी कुर्सी पर रहेंगे या नहीं। हर महीने पदाधिकारियों की प्रोग्रेस रिपोर्ट अब सीधे दिल्ली दरबार भेजी जाएगी।
ये खबरें भी पढ़ें...
भोपाल के 40 स्कूलों में RTE कोटे में शून्य एडमिशन, 20 अप्रैल से दूसरा दौर
MP-CG पेंशन विवाद; 10 हजार करोड़ का हिसाब और 88 महीने का इंतजार, पेंशनर्स ने खोला मोर्चा
एमपी में नकली बीज से करेला फसल तबाह, बीज कंपनी नुन्हेम्स पर FIR