MP में कांग्रेस विधायक नहीं लेंगे वेतन, उमंग सिंघार का ऐलान
मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा में बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने वेतन न लेने का ऐलान किया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यह फैसला लिया और सदन में इसकी जानकारी दी। उनका आरोप है कि राज्य सरकार उनके विधानसभा क्षेत्रों में कोई विकास कार्य नहीं कर रही है, इसलिए कांग्रेस विधायकों ने यह फैसला लिया है। इस कदम का मकसद अपने क्षेत्र के विकास में योगदान देना है। साथ ही वेतन को विकास कार्यों में खर्च करने की बात भी कही गई है।
भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही सरकार
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वेतन का उपयोग विकास में हो
सिंघार ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से आग्रह किया कि कांग्रेस विधायकों की तनख्वाह का उपयोग उनके निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम कांग्रेस द्वारा क्षेत्रीय विकास के प्रति गंभीरता को दर्शाता है और यह सरकार की नीतियों के खिलाफ एक संदेश है। सभी कांग्रेस विधायकों ने इस पर हस्ताक्षर करते हुए एक पत्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा है।
सरकार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस का यह कदम प्रदेश सरकार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन भी है। सिंघार ने कहा कि जब कमलनाथ सरकार सत्ता में थी, तो विपक्षी विधायकों के साथ अत्यधिक भेदभाव किया गया था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार अपने विधायक और सांसदों को तो राहत दे रही है। विपक्षी विधायकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
कांग्रेस ने भी किया था भेदभाव
कांग्रेस के इस फैसले पर भाजपा के पूर्व मंत्री संजय पाठक ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक प्रदेश और देश पर राज किया है, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकाल में अपने क्षेत्रों का कितना विकास किया, यह सवाल उठाया। पाठक ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेताओं के पास पहले से ही पर्याप्त संसाधन हैं। वे सैलरी नहीं ले रहे हैं तो यह कोई विशेष कदम नहीं है।
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