MP कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग में बड़ा बदलाव, शेख अलीम के बाद पूरी कार्यकारिणी भंग, नई टीम गठन की तैयारी तेज
मध्यप्रदेश कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग में बड़ा संगठनात्मक बदलाव कर दिया गया है। पार्टी ने प्रदेश से लेकर जिला, ब्लॉक और वार्ड स्तर तक की पूरी कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
यह फैसला ऐसे समय सामने आया है, जब प्रदेश अध्यक्ष रहे शेख अलीम हाल ही में बार एसोसिएशन के चुनाव लड़ चुके हैं। इसके बाद से ही संगठन में बदलाव की चर्चाएं तेज थीं। अब पूरी टीम भंग होने के बाद कांग्रेस के भीतर नए समीकरणों और नई रणनीति को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। मिली जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई मध्यप्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रभारी आबिद काज़ी ने की है।
अंदरखाने क्या चल रहा था?
कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग में लंबे समय से संगठनात्मक निष्क्रियता और अंदरूनी खींचतान की चर्चा चल रही थी। कई जिलों में संगठन केवल नाम तक सीमित बताया जा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व अब आगामी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए पूरी तरह एक्टिव और जमीनी टीम तैयार करना चाहता है। यही वजह है कि एक साथ पूरी संरचना बदलने का फैसला लिया गया।
प्रदेश, जिला, विधानसभा, ब्लॉक और वार्ड स्तर तक की सभी समितियां तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं।
साथ ही यह भी संकेत दिए गए हैं कि जल्द नई कार्यकारिणी गठित की जाएगी। नई टीम को लेकर प्रदेश स्तर पर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा शुरू होने की जानकारी भी सामने आ रही है।
शेख अलीम के बाद क्यों बढ़ी हलचल?
प्रदेश अध्यक्ष रहे शेख अलीम का बार एसोसिएशन चुनाव लड़ना पहले से ही राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ था। इसके बाद संगठन में बदलाव की अटकलें लगातार लगाई जा रही थीं। अब पूरी कार्यकारिणी भंग होने के बाद यह लगभग साफ माना जा रहा है कि कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग में नई लाइन और नए नेतृत्व मॉडल पर काम शुरू हो चुका है।
कांग्रेस की नजर अब किस पर?
पार्टी अब ऐसे चेहरों की तलाश में है, जिनकी जमीनी पकड़ मजबूत हो और जो बूथ स्तर तक सक्रिय नेटवर्क तैयार कर सकें।
सूत्रों की मानें तो इस बार नियुक्तियों में केवल पुराने समीकरण नहीं, बल्कि फील्ड एक्टिविटी और संगठनात्मक पकड़ को भी अहम आधार बनाया जा सकता है।
जिले से ब्लॉक तक बढ़ी लॉबिंग
कार्यकारिणी भंग होने के बाद जिला और ब्लॉक स्तर पर दावेदार सक्रिय हो गए हैं। कई नेता नई टीम में जगह बनाने के लिए अपने-अपने स्तर पर संपर्क साधने में जुट गए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग में कई नए चेहरे सामने आ सकते हैं।
एक नजर में पूरा घटनाक्रम
- कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की पूरी कार्यकारिणी भंग
- प्रदेश से वार्ड स्तर तक सभी समितियां समाप्त
- शेख अलीम के बाद संगठन में बड़ा बदलाव
- नई कार्यकारिणी गठन की तैयारी शुरू
- संगठन में नए चेहरों की एंट्री के संकेत
- जिला और ब्लॉक स्तर पर बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
अब आगे क्या?-
कांग्रेस अब अल्पसंख्यक विभाग को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी में दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में नई नियुक्तियां, नए चेहरे और नए राजनीतिक समीकरण मध्यप्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को और गर्मा सकते हैं।
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