नहीं लगेगी तारीख पर तारीख, मध्य प्रदेश की यह पहल जस्टिस सिस्टम को देगी 5G स्पीड

Pratibha ranaa | Sept 27, 2024, 09:27 IST
mp criminal justice system
मध्य प्रदेश में क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को डिजिटल रूप से तेज बनाने की तैयारी चल रही है। हाई कोर्ट ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इंदौर, देवास और राजगढ़ जिलों में डिजिटल एफआईआर और केस डायरी को ऑनलाइन साझा करने के निर्देश दिए हैं।

मध्य प्रदेश में क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आपराधिक न्याय प्रणाली) ( mp criminal justice system ) को जल्द ही गति मिल सकती है। प्रदेश में कोर्ट, पुलिस, अस्पताल और विधि विज्ञान प्रयोगशाला के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए पूरी तरह से डिजिटल और ऑनलाइन प्रणाली विकसित करने की पहल की जा रही है।



यह सिस्टम एफआईआर, चार्जशीट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक रिपोर्ट, वारंट, समन, और लीगल नोटिस जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कुछ सेकंड में एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने की क्षमता रखेगा। इससे मामलों की सुनवाई में होने वाली देरी को काफी कम किया जा सकेगा।



क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में सुधार की तैयारी

पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत

हाई कोर्ट ने पायलट फेज के रूप में इंदौर, देवास और राजगढ़ जिलों में डिजिटल एफआईआर और केस डायरी को एपीआई के माध्यम से ऑनलाइन भेजने का निर्देश दिया है। यह डिजिटल परिवर्तन सिस्टम को अधिक पारदर्शी और तेज बनाएगा। इससे केस डायरी को पुलिस से कोर्ट तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।



ये खबर भी पढ़िए...MP में बढ़ाई गई कलेक्टरों की ताकत, अब NSA के तहत कर सकेंगे कार्रवाई



अधिकारियों को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार (आईटी-सीएसए) कुलदीप सिंह कुशवाह और एससीआरबी के एडीजी चंचल शेखर को एक माह के भीतर रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, इंदौर खंडपीठ के जस्टिस संजीव एस. कालगांवकर ने 35 केस डायरी पेश न होने पर संज्ञान लिया और अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होने के निर्देश दिए। इस दौरान मध्य प्रदेश पुलिस के आईटी विंग और हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार आईटी के सुझाव भी लिए गए।



तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर में भी होगा सुधार

कोर्ट ने राज्य सरकार से इस डिजिटल परिवर्तन के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता पर उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है। साथ ही, एससीआरबी को केंद्र सरकार से आईसीजेएस 2.0 योजना के तहत अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग करने के निर्देश दिए गए हैं। हाई कोर्ट ने विश्वास व्यक्त किया है कि केंद्र और राज्य सरकार इस परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराएंगी, जिससे आपराधिक न्याय प्रणाली में तेजी से सुधार हो सकेगा।



thesootr links

सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें









Tags:
  • मध्यप्रदेश न्यूज
  • द सूत्र
  • मध्यप्रदेश न्यूज हिंदी
  • मध्यप्रदेश न्यूज अपडेट
  • क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम
  • आपराधिक न्याय प्रणाली
  • डिजिटल एफआईआर
  • Digital FIR
  • केस मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम
  • mp Criminal Justice System