MP में DA बढ़ाने की मांग तेज, 12 लाख कर्मचारी-पेंशनर्स परेशान, 28 हजार तक हो रहा नुकसान
कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि सरकार दीपावली से पहले डीए बढ़ाने का आदेश जारी करे। संगठनों का कहना है कि डीए बढ़ाने से सरकार पर करीब 700 करोड़ रुपए का ही अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
दीपावली से पहले डीए की मांग
दीपावली करीब है। केंद्र सरकार रेलवे, डाकघर और दूसरे विभागों में बोनस बांटने की तैयारी में है। साथ में उसने कर्मचारियों को समय पर महंगाई भत्ता भी दिया है।
मध्यप्रदेश में तस्वीर उलट है। यहां मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को डीए नहीं मिला है। डीए (DA - Dearness Allowance) कर्मचारियों को महंगाई से राहत के लिए मिलता है। पेंशनरों को यही राहत डीआर (DR - Dearness Relief) के नाम से मिलती है। वहीं, जनवरी 2026 से अक्टूबर 2026 तक दोनों नहीं बढ़े।
केंद्र से 2 प्रतिशत पीछे
राज्य के कर्मचारी केंद्र से सीधे दो प्रतिशत भत्ते में पीछे चल रहे हैं। कर्मचारी संगठन इसी अंतर को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता देने की है।
अभी दो प्रतिशत महंगाई भत्ता लंबित है। इसी की घोषणा का इंतजार है।
कर्मचारियों की जेब पर कितना असर
10 महीने में डीए न मिलने से कर्मचारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। यह नुकसान 3100 रुपए से 28 हजार 200 रुपए तक है। संवर्ग के हिसाब से आंकड़ा अलग-अलग है।
प्रथम श्रेणी अधिकारी को हर महीने 1598 से 2820 रुपए का नुकसान है। वहीं, 10 महीने में यह 15 हजार 980 से 28 हजार 200 रुपए बैठता है। कर्मचारियों को 28 हजार रुपए का नुकसान सबसे ऊपरी स्तर पर हुआ है।
द्वितीय श्रेणी अधिकारी को हर महीने 1122 से 1274 रुपए का नुकसान है। तृतीय श्रेणी कर्मचारी को हर महीने 390 से 982 रुपए का नुकसान है। उनका कुल नुकसान 3900 से 9820 रुपए रहा है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को हर महीने 310 से 360 रुपए का नुकसान हुआ है। 10 महीने में यह 3100 से 3600 रुपए बनता है।
700 करोड़ रुपए का हिसाब
कर्मचारी संगठनों ने लाड़ली बहना योजना पर होने वाले खर्च से तुलना की है। एक करोड़ 25 लाख करोड़ लाड़ली बहनों को हर महीने 1834 करोड़ रुपए मिल रहे हैं।
वहीं सात लाख 50 हजार कर्मचारियों और चार लाख 50 हजार पेंशनरों को दो प्रतिशत भत्ता देना है। वहीं, 10 महीने का एरियर भी देना है। संगठनों के मुताबिक डीए एरियर 700 करोड़ रुपए का ही बैठेगा।
फिर भी सरकार आदेश जारी नहीं कर रही है। संगठनों का आरोप है कि सरकार 700 करोड़ रुपए बचा चुकी है।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार दिवाली से पहले डीए दे सकती है।
कर्मचारी नेताओं ने क्या कहा
संगठनों के नेताओं ने सरकार से तुरंत आदेश जारी करने की मांग की है।
मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक की मांग
सचिवालय शीघ्रलेखक संघ के अध्यक्ष सुभाष वर्मा की मांग
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी की मांग
अब आगे क्या होगा
अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर है। दीपावली और मध्यप्रदेश स्थापना दिवस दोनों पास हैं। कर्मचारी संगठन इन्हीं मौकों पर घोषणा चाहते हैं। MP DA hike पर अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। अधिकारी सिर्फ संभावना जता रहे हैं। एमपी कर्मचारियों का डीए कब बढ़ेगा, यह साफ नहीं है।
FAQs
- मध्यप्रदेश में कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) क्यों नहीं बढ़ा है?
मध्यप्रदेश के करीब 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को पिछले 10 महीने से महंगाई भत्ते का इंतजार है। राज्य सरकार ने अभी तक डीए नहीं बढ़ाने का आदेश जारी नहीं किया है, जबकि कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में 2 प्रतिशत कम डीए प्राप्त कर रहे हैं। - मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को डीए न मिलने से कितना आर्थिक नुकसान हुआ है?
डीए न मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान 3100 से 28 हजार 200 रुपए तक हुआ है, जो संवर्ग के हिसाब से अलग-अलग है। प्रथम श्रेणी अधिकारियों को हर महीने तक 2820 रुपए का नुकसान हुआ है। - कर्मचारी संगठन ने एमपी सरकार से डीए को लेकर क्या मांग कर रहे हैं?
कर्मचारी संगठन सरकार से मांग कर रहे हैं कि दीपावली से पहले डीए को बढ़ाने का आदेश जारी किया जाए, ताकि वे केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता पा सकें। नौकरी का लाभ सभी को मिलने की बात भी कही जा रही है।