एमपी से 17 शहरों के लिए शुरू होंगी सीधी उड़ानें, 8 विदेशी रूट पर भी तैयारी
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश से 17 शहरों के लिए सीधी उड़ान शुरू होगी।
- एविएशन डायरेक्टोरेट ने ऑपरेटर कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं।
- 8 विदेशी शहरों के लिए भी सीधी फ्लाइट का प्लान है।
- सरकार ऑपरेटर्स को प्रति किलोमीटर इंसेंटिव और वीजीएफ (वायबिलिटी गैप फंडिंग) देगी।
- प्रस्ताव भेजने की आखिरी तारीख 15 सितंबर तय की गई है।
17 शहरों का नया प्लान
एमपी सरकार देश और विदेश में एयर कनेक्टिविटी लगातार बढ़ाना चाहती है। राज्य में नया इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो रहा है। मध्य प्रदेश से जल्द ही सीधी उड़ानें शुरू होंगी। ये उड़ानें देश के 17 शहरों के लिए होंगी। एविएशन डायरेक्टोरेट ने फ्लाइट ऑपरेटर कंपनियों से इसके लिए प्रस्ताव मांगे हैं। कंपनियों को 15 सितंबर तक अपना प्रस्ताव भेजना होगा। यह कवायद एक साल में चौथी बार हो रही है। इससे राज्य की हवाई कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी।
भोपाल को मिलेगा फायदा
नई उड़ानों की सूची में भोपाल का नाम भी शामिल है। राजा भोज एयरपोर्ट भोपाल से इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू करने की कोशिश हो रही है। इससे भोपाल सीधे बड़े विदेशी कारोबारी शहरों से जुड़ सकेगा। कारोबारियों और पर्यटकों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। विदेश यात्रा करने वालों का समय भी बचेगा।
इन शहरों से जुड़ेगा एमपी
एमपी से रायपुर, लखनऊ, वाराणसी और पटना के लिए फ्लाइट शुरू होगी। इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अलावा जम्मू, कोलकाता, चेन्नई और जयपुर भी सूची में शामिल हैं। गोवा, भुवनेश्वर, बागडोगरा और रांची के नाम भी प्रस्ताव में हैं। केरल के कोच्चि या त्रिवेंद्रम, आंध्रप्रदेश के तिरुपति के लिए भी उड़ान संभव है। अंडमान निकोबार के पोर्ट ब्लेयर, अमृतसर और चंडीगढ़ भी शामिल हैं। कुल मिलाकर 17 घरेलू शहरों को जोड़ने की योजना है।
8 देशों के लिए उड़ान
घरेलू शहरों के साथ 8 विदेशी स्थानों के लिए भी प्रस्ताव मांगे गए हैं। इनमें सिंगापुर, मलेशिया का कुवालालंपुर और थाइलैंड का बैंकॉक शामिल है। कतर की राजधानी दोहा भी सूची में है। यूएई (United Arab Emirates) के जेद्दा, अबू धाबी, दुबई और शारजाह के लिए भी उड़ान संभव है। इससे प्रदेश के लोगों को विदेश यात्रा में आसानी होगी। कारोबार और पर्यटन को भी रफ्तार मिलेगी।
ऑपरेटर्स को मिलेगा इंसेंटिव
सरकार नई उड़ान शुरू करने वाले ऑपरेटर्स को खास सुविधा देगी। एमपी सिविल एविएशन पॉलिसी 2025 के तहत यह इंसेंटिव मिलेगा। घरेलू उड़ानों के लिए यह प्रति किलोमीटर 1 हजार रुपए तय है। 750 किलोमीटर तक की उड़ान पर अधिकतम 7.5 लाख रुपए मिलेंगे। इससे ज्यादा दूरी पर यह राशि 10 लाख रुपए तक होगी। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यह इंसेंटिव और भी ज्यादा है।
क्या है वीजीएफ का नियम
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (civil aviation) के लिए भी अलग नियम बनाए गए हैं। 1000 किलोमीटर तक की उड़ान पर प्रति किलोमीटर 1 हजार रुपए मिलेंगे। यह राशि अधिकतम 10 लाख रुपए प्रति राउंड ट्रिप होगी। इससे ज्यादा दूरी की उड़ान पर अधिकतम 15 लाख रुपए मिलेंगे। इसे वीजीएफ यानी वायबिलिटी गैप फंडिंग (Viability Gap Funding) कहा जाता है। यह सहायता राउंड ट्रिप के वन-वे स्टेज-लेंथ के आधार पर तय होगी। राउंड ट्रिप पूरा करने पर ऑपरेटर को पूरा इंसेंटिव मिलेगा। यह सहायता शुरुआती 6 महीने के लिए दी जाएगी। परफॉर्मेंस अच्छी रहने पर सरकार इसे 6 महीने और बढ़ा सकती है।
एयरपोर्ट और सीट की शर्त
अभी मध्य प्रदेश में 8 कमर्शियल एयरपोर्ट काम कर रहे हैं। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, सतना, खजुराहो और दतिया में ये एयरपोर्ट हैं। इसके अलावा राज्य में 20 एयर स्ट्रिप भी मौजूद हैं। नए नियम के तहत घरेलू विमान में कम से कम 50 सीट होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय विमान में कम से कम 180 सीट जरूरी होंगी। ऑपरेटर्स को अपनी मार्केट स्टडी के आधार पर नए रूट सुझाने की छूट है। वे बाजार, संचालन और कारोबारी संभावना देखकर फैसला ले सकते हैं। तय रूट के अलावा भी नए रूट सुझाए जा सकते हैं। इससे कंपनियों को अपनी योजना बनाने में आसानी होगी।
पहले भी हुई ऐसी कोशिश
यह पहला मौका नहीं है जब ऐसी कोशिश हुई है। पिछले एक साल में सरकार चार बार यह कवायद कर चुकी है। इससे पहले भी कंपनियों से प्रस्ताव मांगे गए थे। लेकिन कई रूट पर अब तक उड़ान शुरू नहीं हो पाई है। इस बार सरकार को उम्मीद है कि नतीजे बेहतर मिलेंगे। इसलिए नियमों में कुछ बदलाव भी किए गए हैं। सीट क्षमता और इंसेंटिव राशि को भी नए सिरे से तय किया गया है।
क्यों बढ़ रही है मांग
मध्य प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। देशी विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी तेजी आई है। जीआइएस (Global Investors Summit) जैसे बड़े आयोजनों से भी असर पड़ा है। इसलिए सरकार राज्य को बड़े आर्थिक और पर्यटन केंद्रों से जोड़ना चाहती है। एविएशन डायरेक्टोरेट के मुताबिक, इससे कारोबारी यात्रा आसान होगी। पर्यटकों और तीर्थयात्रियों (MP Tourism Industry) को भी सीधा फायदा मिलेगा। छोटे शहरों से भी यात्रा करना आसान होगा। इससे राज्य में निवेश की रफ्तार भी बढ़ सकती है। कारोबार और रोजगार के नए मौके भी बन सकते हैं।
आगे क्या होगा
15 सितंबर के बाद सभी प्रस्तावों की समीक्षा होगी। इसके आधार पर नई उड़ानों को मंजूरी दी जाएगी। एविएशन डायरेक्टोरेट पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा। जल्द ही नई फ्लाइट शेड्यूल सामने आ सकता है। यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। आने वाले महीनों में हवाई सफर आसान होगा। इससे मध्य प्रदेश की पहचान भी मजबूत होगी।
FAQ
- प्रश्न 1: मध्य प्रदेश से कौन कौन से नए शहरों के लिए उड़ान शुरू हो सकती है?
उत्तर: मध्य प्रदेश से रायपुर, लखनऊ, वाराणसी, पटना, जम्मू, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, गोवा, भुवनेश्वर, बागडोगरा, कोच्चि या त्रिवेंद्रम, तिरुपति, पोर्ट ब्लेयर, रांची, अमृतसर और चंडीगढ़ के लिए सीधी उड़ान शुरू होने का प्रस्ताव है। एविएशन डायरेक्टोरेट ने इन रूट पर फ्लाइट ऑपरेटर कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं। इसके लिए आखिरी तारीख 15 सितंबर तय की गई है। - प्रश्न 2: मध्य प्रदेश से किन विदेशी शहरों के लिए सीधी फ्लाइट की तैयारी है?
उत्तर: मध्य प्रदेश से सिंगापुर, मलेशिया के कुवालालंपुर, थाइलैंड के बैंकॉक और कतर के दोहा के लिए फ्लाइट शुरू करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही यूएई के जेद्दा, अबू धाबी, दुबई और शारजाह के लिए भी उड़ान की तैयारी हो रही है। यह प्रस्ताव मध्य प्रदेश सिविल एविएशन पॉलिसी 2025 के तहत तैयार किया गया है।
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