MP में उद्योग लगाना होगा आसान, सरकार ने लागू किया नया कारोबार कानून
ऐसे समझें पूरा मामला...
- MP में उद्योग लगाने के लिए आसान हुई प्रक्रिया।
- तय समय के बाद जमीन फ्री होल्ड करा सकेंगे।
- अब इंडस्ट्री की जमीन भी अपने नाम कर सकेंगे।
- सिंगल विंडो सिस्टम से कई मंजूरियां मिलेंगी।
- राज्य और जिला स्तर पर निवेश समितियां बनेंगी।
मध्यप्रदेश सरकार ने उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम 2026 लागू किया है। इस कानून का उद्देश्य प्रदेश में नया कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। अब निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे।
सबसे बड़ी बात ये है की अब निवेशक इंडस्ट्री की लीज वाली जमीन को फ्री होल्ड करवाकर अपने नाम रजिस्ट्री करवा सकेंगे। इसके बाद चाहे तो वो इंडस्ट्री की जमीन को किसी दूसरे को बेच सकेंगे।
भारत सरकार के इज ऑफ डूइंग कानून के आधार पर राज्य सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया है। जल्द ही सरकार इस कारोबार कानून को लागू करने के लिए इसके नियम बनाये जाएंगे।
नए कानून में सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की गई है। इसमें उद्योग लगाने के लिए मंजूरी और आवेदन के लिए सिंगल विंडो बनाई जाएगी। उद्योगपति के आवेदन पर विभाग को तय समय में काम पूरा करना होगा।
निवेशकों की मदद के लिए बनेगी समितियां
कानून के तहत राज्य और जिला स्तर पर निवेश सुविधा समितियां बनाई जाएंगी। ये समितियां निवेश प्रस्तावों की निगरानी करेंगी। साथ ही विभागों के बीच तालमेल बनाने और आने वाली परेशानियों को दूर करने का काम करेंगी।
कई मंजूरियां एक सिस्टम से मिलेंगी
नए प्रावधानों में उद्योगों के लिए जमीन, भवन अनुमति और अन्य जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया को आसान किया गया है। आवेदन की समय सीमा, ऑटो एस्केलेशन और शिकायत समाधान जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं।
सरकार कई विभागों की सेवाओं को सिंगल विंडो सिस्टम से जोड़ेगी। इसमें उद्योग पंजीयन, जमीन आवंटन, भवन अनुमति और पर्यावरण से जुड़ी मंजूरियां शामिल हैं।
निवेश बढ़ाने की कोशिश
सरकार का मानना है कि नए कानून से उद्योग शुरू करने में समय कम लगेगा। इससे निवेशकों को आसानी होगी और मध्यप्रदेश में नए उद्योग लगाने को बढ़ावा मिलेगा।
ये खबरें भी पढ़ें...
मध्य प्रदेश पुलिस में बंपर प्रमोशन, 157 ASI पदोन्नत होकर बने SI, आदेश जारी
MP के सरकारी स्कूलों की हालत: बजट बढ़ा, फिर भी 5 हजार भवन जर्जर
बिल्डरों को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- ब्रोशर में जो दिखाया वही बनाकर देना होगा
भोपाल सीलिंग विवाद: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- जल्द निकलेगा हल