जनवरी से चालू होगा एमपी में प्रमोशन का सेकंड फेज: ग्रेड-2 से डिप्टी सेक्रेटरी तक होगी पदोन्नति
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के प्रमोशन का दूसरा चरण जनवरी 2027 से शुरू होगा।
- रिटायरमेंट के करीब पहुंचे कर्मचारियों को पहले डीपीसी करके प्रमोट किया जाएगा।
- जीएडी को इसकी तैयारी जल्दी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
- नियम के मुताबिक हर पांच साल में एक प्रमोशन मिलना तय है।
- अभी भी 50 हजार से ज्यादा प्रमोशन अलग-अलग विभागों में अटके हैं।
क्या है दूसरे चरण का नियम
मध्य प्रदेश सरकार कर्मचारियों को बड़ी राहत देने जा रही है। सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन का दूसरा चरण जनवरी 2027 से शुरू होगा। उच्च स्तर से जीएडी (General Administration Department) को निर्देश दिए गए हैं। विभाग को तैयारी जल्दी पूरी करने को कहा गया है। पूरी प्रक्रिया तय समय पर पूरी करने के निर्देश हैं। इससे हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
सबसे बड़ी राहत उन कर्मचारियों को मिलेगी। जिनका रिटायरमेंट एक या दो साल में होने वाला है। ऐसे कर्मचारियों की डीपीसी (Departmental Promotion Committee) पहले होगी। इसके बाद उन्हें तुरंत प्रमोट किया जाएगा। सरकार चाहती है कि कानूनी विवाद से प्रमोशन न रुके। ऐसा न हो कि कोई अधिकारी बिना प्रमोशन के रिटायर हो जाए। इसी वजह से रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों को प्राथमिकता मिलेगी।
प्रदेश में नियम है कि हर कर्मचारी को पांच साल में प्रमोशन मिलना चाहिए। वहीं, मध्य प्रदेश में यह प्रक्रिया 2016 से रुकी हुई थी। दस साल बाद यानी 2026 में कर्मचारियों को पहला प्रमोशन मिला। इस हिसाब से उनका दूसरा प्रमोशन भी अब लंबित हो चुका है। यही वजह है कि जनवरी से दूसरा चरण शुरू होगा।
किन पदों को मिलेगा फायदा
विधानसभा सचिवालय ने भी दूसरे चरण की तैयारी शुरू कर दी है। कई पदों पर कर्मचारियों को प्रमोशन का सीधा फायदा मिलेगा। ग्रेड दो से ग्रेड वन तक कर्मचारी प्रमोट होंगे। ग्रेड वन से सेक्शन ऑफिसर तक भी प्रमोशन होगा। सेक्शन ऑफिसर से अवर सचिव तक भी प्रमोशन मिलेगा। अवर सचिव से डिप्टी सैक्रेटरी तक भी कर्मचारी प्रमोट होंगे। सहायक संचालक से उप संचालक तक भी लाभ मिलेगा। उप संचालक से संयुक्त संचालक तक भी प्रमोशन होगा। संयुक्त संचालक से अतिरिक्त संचालक जैसे बड़े पद भी शामिल हैं।
इंजीनियरिंग सेक्शन के कर्मचारियों को भी इसका फायदा मिलेगा। ड्राफ्ट्समैन यानी डीटी (Draftsman) से असिस्टेंट इंजीनियर तक प्रमोशन होगा। असिस्टेंट इंजीनियर से ईई (Executive Engineer) तक भी प्रमोशन मिलेगा। ईई से एसई (Superintending Engineer) तक भी कर्मचारी प्रमोट होंगे। एसई से सीई (Chief Engineer) तक भी प्रमोशन होगा। सीई से ईएनसी (Engineer-in-Chief) तक भी प्रमोशन की प्रक्रिया चलेगी।
मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि दूसरा प्रमोशन होते ही चीजें आसान होंगी। इसके बाद कई मामले नियमित श्रेणी में आ जाएंगे। इससे कर्मचारियों को आगे के प्रमोशन में भी आसानी होगी। सूत्रों के मुताबिक विधानसभा सचिवालय सबसे पहले यह प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इसके बाद बाकी विभागों में भी प्रक्रिया लागू होगी।
एक लाख प्रमोट, 50 हजार बाकी
चालू साल में जुलाई महीने से अब तक बड़ी संख्या में प्रमोशन हुए हैं। करीब एक लाख कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रमोशन मिल चुका है। इसके बावजूद अभी भी करीब 50 हजार प्रमोशन अटके हुए हैं। ये प्रमोशन अलग-अलग वजहों से रुके हुए हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की है। शिक्षा विभाग में प्रमोशन के सबसे ज्यादा मामले पेंडिंग हैं।
टीचरों का प्रमोशन कब तक
शिक्षा विभाग में करीब 30 हजार टीचरों का प्रमोशन रुका हुआ है। इसकी वजह शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी (Teacher Eligibility Test) से जुड़ा मामला है। विभाग ने अब इस समस्या का समाधान निकाल लिया है। बुधवार, 23 सितंबर को इसकी जानकारी उच्च स्तर पर दे दी गई है। विभाग चाहता है कि दिसंबर से पहले टीचरों को प्रमोशन मिल जाए। इससे लंबे समय से इंतजार कर रहे टीचरों को राहत मिलेगी।
दो दिन में मांगे आंकड़े
शासन स्तर से बुधवार, 23 सितंबर को जीएडी को एक और निर्देश दिया गया है। विभाग को दो दिन के भीतर पूरा आंकड़ा देने को कहा गया है। इसमें बताना होगा कि किस विभाग में कितने प्रमोशन हुए हैं। साथ ही यह भी बताना होगा कि कितने प्रमोशन अभी बाकी हैं। जहां प्रमोशन नहीं हुए हैं, वहां रुकावट की वजह भी बतानी होगी। यह भी पूछा गया है कि क्या जीएडी को मदद चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।
कुल मिलाकर सरकार का फोकस अब लंबित प्रमोशन निपटाने पर है। खासकर उन कर्मचारियों पर जिनका रिटायरमेंट नजदीक है। सरकार चाहती है कि कोई कर्मचारी बिना प्रमोशन रिटायर न हो। इसी वजह से जनवरी 2027 से दूसरा चरण तेजी से शुरू होगा। आने वाले महीनों में इसका असर सभी विभागों में दिखने लगेगा। इससे प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में भी कामकाज आसान होने की उम्मीद है।
कर्मचारियों के लिए प्रमोशन सिर्फ पद बदलने का मामला नहीं होता। इससे उनकी सैलरी और भत्तों में भी बढ़ोतरी होती है। लंबे समय से इंतजार कर रहे कर्मचारियों को अब राहत मिलेगी। विभागों को भी अब तेजी से कागजी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे प्रमोशन में देरी की शिकायतें कम होने की संभावना है। आने वाले दिनों में जीएडी की रिपोर्ट से तस्वीर और साफ होगी। प्रदेश भर के कर्मचारियों की नजर अब जनवरी 2027 पर टिकी हुई है।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर लाखों सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के भविष्य से जुड़ी है। प्रमोशन का सीधा असर उनकी सैलरी, पद और सम्मान पर पड़ता है। जो कर्मचारी रिटायरमेंट के करीब हैं, उनके लिए यह फैसला खास मायने रखता है। किसी को बिना प्रमोशन रिटायर होना पड़े, यह हर कर्मचारी का जायज हक है और संविधान भी समान अवसर और गरिमा की बात करता है।
सरकारी कामकाज में पारदर्शिता जरूरी है, इसलिए जीएडी से आंकड़े मांगना जवाबदेही तय करने का सही तरीका है। यह खबर आम जनता के लिए भी अहम है क्योंकि प्रशासनिक ढांचे के सुचारु संचालन का असर आखिरकार सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ता है। इसलिए यह सूचना सार्वजनिक हित से जुड़ी और पूरी तरह तथ्यों पर आधारित है।
FAQ
- मध्य प्रदेश में प्रमोशन का दूसरा चरण कब से शुरू होगा?
मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रमोशन का दूसरा चरण जनवरी 2027 से शुरू होगा। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग यानी जीएडी को तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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