IAS उमा महेश्वरी की बढ़ सकती है परेशानी, पर्यावरण नियमों को दरकिनार करने के मामले में जांच तेज
पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन के आरोप में मध्यप्रदेश की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी आर. उमा महेश्वरी की परेशानी बढ़ सकती है।
उनपर आरोप है कि मप्र एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (SEIAA) नियमों को ताक पर रखते हुए उन्होंने एकतरफा निर्णय लिया। इस पर केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय में शिकायत की गई है।
अब यह मामला केंद्रीय जांच के तहत आ सकता है। इसके बाद अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संभावना बन रही है।
एकतरफा फैसले लेने का आरोप
क्या बोलीं आर. उमा माहेश्वरी
इस मामले में IAS आर. उमा महेश्वरी ने कहा, मैंने पर्यावरणीय मुद्दों से संबंधित अधिकारियों को सूचित किया है। मुझे विभागीय अधिकारियों से कोई नोटिस नहीं मिला। जब मिलेगा, तब जवाब दूंगी।
ये भी जांच के दायरे में
नवनीत मोहन कोठारी और श्रीमन शुक्ला भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। नवनीत कोठारी पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव हैं। श्रीमन शुक्ला एप्को के कार्यकारी निदेशक रह चुके हैं। प्रशासनिक विजिलेंस डिवीजन इन अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगा।
450 पर्यावरणीय प्रोजेक्ट की मंजूरियों को लेकर शुरू हुआ था विवाद
ये है विवाद
नियमों की अनदेखी है या जानबूझकर किया गया भ्रष्टाचार?
सिया के चेयरमैन ने आरोप लगाया कि प्रभारी सदस्य सचिव ने सिया की नियमित बैठकें बुलाए बिना ही इतने बड़े निर्णय ले लिए। इसके पूर्व, 22 मई को सिया की मूल सदस्य सचिव आर. उमामहेश्वरी मेडिकल लीव पर चली गई थीं।
सिया के चेयरमैन चौहान ने केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर शिकायत की है कि सिया की सदस्य सचिव ने पिछले तीन महीनों से जानबूझकर सिया की बैठकें नहीं बुलाई, जबकि उन्होंने इसके लिए 10 नोटशीट और 22 पत्र भेजे थे।
पारदर्शिता की कमी
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के अनुसार, कुल 8 श्रेणियों के प्रोजेक्ट्स को पर्यावरणीय मंजूरी (Environmental Clearance) आवश्यक है। इनमें खासकर खनन, सिंचाई, सड़क-हाईवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन्हीं क्षेत्रों में अरबों की लागत होती है, और विशेषज्ञों का मानना है कि बिना अनौपचारिक भुगतान के मंजूरी मिलना संभव नहीं होता।thesootr किसी पर सीधा आरोप नहीं लगारहालेकिन इस तरह से बैठक के बिना 450 प्रोजेक्ट्स की मंजूरी संदेह उत्पन्न करती है।
विशेषज्ञों का क्या कहना है?
पर्यावरण कानून विशेषज्ञ ओमशंकर श्रीवास्तव के अनुसार, इस मामले में अंतिम निर्णय या तो केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय लेगा या फिर मामला न्यायिक हस्तक्षेप (Judicial Intervention) के जरिए सुलझेगा।उनका कहना है कि सभी मंजूरियां विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (SIEC) की सिफारिशों पर आधारित होनी चाहिए।
भ्रष्टाचार की टाइमलाइन
- 7जनवरी2025:केंद्र सरकार नेSEIAA के गठन और संचालन के स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए।
- 9जनवरी2025: मध्य प्रदेश सरकार ने सचिवालय व्यवस्था और सपोर्ट के आदेश जारी किए।
- मार्च-अप्रैल2025: SEIAA में जानबूझकर बैठकें नहीं बुलाई गईं, फाइलें लंबित रखी गईं।
- 28मार्च -21अप्रैल:एक भी बैठक आयोजित नहीं हुई, सैकड़ों फाइलें सचिव स्तर पर लंबित।
- अप्रैल - मई2025: सिर्फ तीनबैठकें हुईं, जबकि सैकड़ों फाइलें अकेले सदस्य सचिव ने अप्रूव कर दीं।
- मई2025: शिकायतें सामने आईं, घोटाले का खुलासा हुआ।
- जून2025: मामले की जांच और कार्रवाई की मांग तेज, रिपोर्ट शासन को सौंपी गई।
आगे क्या होगा?
यदि जांच में इन अधिकारियों के खिलाफ आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनकी जिम्मेदारी तय की जा सकती है। साथ ही, इस मामले में केंद्र सरकार के पर्यावरण विभाग और मंत्रालय द्वारा उचित कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢
🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
IAS अधिकारी | mp ias news | ias news hindi | आईएएस उमा महेश्वरी आर | Mp latest news | Bhopal News | bhopal news hindi | आईएएस श्रीमन शुक्ला | आईएएस नवनीत मोहन कोठारी