मध्य प्रदेश आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा घोटाले पर सीएम मोहन ने किया यह खुलासा
एमपी कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में रतलाम के पब्लिक स्कूल सेंटर पर गड़बड़ी का मामला सामने आया था। यहां 12 अभ्यर्थियों पर ईएसबी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि उन्होंने गलत तरीके से पेपर हल किया।
इसके बाद इन सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा रद्द कर दी गई। इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा में सवाल उठाया था, जिसका जवाब खुद सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिया।
क्या पूछा था उमंग सिंघार ने
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को लेकर सवाल पूछा था। उन्होंने जानना चाहा कि आबकारी आरक्षक परीक्षा-2024 में रतलाम के एक केंद्र पर 12 उम्मीदवारों ने सिर्फ 30 मिनट में पूरा पेपर हल कर 100 पर्सेंटाइल कैसे हासिल किए। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार को जानकारी है कि इन उम्मीदवारों ने पिछली परीक्षा में 50 फीसदी अंक भी हासिल नहीं किए थे।
उमंग सिंघार ने यह भी सवाल उठाया कि इतने असाधारण रिजल्ट की जांच के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। क्या रतलाम पब्लिक स्कूल को किसी दबाव में परीक्षा केंद्र बनाया गया था? क्या इन 12 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और क्या सरकार परीक्षा को रद्द कर आगे के लिए कोई ठोस व्यवस्था बनाने जा रही है।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया खुलासा
सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस मामले में खुलासा करते हुए जवाब दिया। सीएम ने बताया कि इन आरोपी अभ्यर्थियों ने पहले तो शुरू के 15 मिनट में केवल प्रश्नपत्र को पढ़ा था। इसके बाद 15 से 30 मिनट में इन प्रश्नों का जवाब दिया। इनमें से 6 अभ्यर्थियों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किए थे। सीएम ने बताया कि सभी 12 अभ्यर्थियों की परीक्षा रद्द कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ईएसबी परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए लगातार सुधार कर रहा है।
सीसीटीवी में आया बाहरी व्यक्ति ने की मदद
सीएम ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में एक बाहरी व्यक्ति अभ्यर्थियों की सीट के पास जाकर कुछ संदिग्ध गतिविधियां करते हुए दिखाई दिया था। इस मामले की जांच अभी जांच एजेंसी कर रही है, इसलिए फिलहाल ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
रतलाम पब्लिक स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाए जाने के सवाल पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ईएसबी ने परीक्षा संचालन एजेंसी से मिले प्रस्ताव और परीक्षा सुरक्षा एजेंसी के ऑडिट के बाद ही इस स्कूल को सेंटर बनाया था।
मार्च में हुई थी एफआईआर
मार्च महीने में ईएसबी ने आबकारी आरक्षक भर्ती मामले में केस दर्ज कराया था। शुरुआत में यह मामला भोपाल के एमपी नगर थाने में दर्ज हुआ था, जिसके बाद जांच के लिए इसे रतलाम भेज दिया गया। फिलहाल इस मामले की जांच अभी जारी है। बता दें कि आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा सितंबर 2025 में आयोजित हुई थी।
सिपाही भर्ती में मिले थे 14 संदिग्ध
इसी तरह का मामला सिपाही भर्ती परीक्षा में भी सामने आया था। इस परीक्षा में 7500 पदों के लिए करीब 9.50 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। यह परीक्षा अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच आयोजित हुई थी। इसमें भोपाल के सेंट्स कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी सेंटर पर 14 अभ्यर्थी संदिग्ध पाए गए थे, जिनके खिलाफ ईएसबी ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
ज्वाइनिंग के लिए अटके 155 आबकारी आरक्षक
मध्य प्रदेश आबकारी आरक्षक भर्ती में अभी तक सभी चयनित अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग नहीं मिली है। द सूत्र ने इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद आबकारी आयुक्त ने विभाग को जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया।
सत्यापन के बाद विभाग ने 1 जुलाई को करीब 250 चयनितों में से 155 अभ्यर्थियों को जॉइनिंग दे दी। हालांकि बाकी अभ्यर्थी अभी भी जॉइनिंग का इंतजार कर रहे हैं। चयनित उम्मीदवारों ने एक बार फिर विभाग से जल्द जॉइनिंग देने की मांग की है। इस संबंध में कई चयनित अभ्यर्थियों ने द सूत्र को भी संदेश भेजे हैं।
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