मध्य प्रदेश के 82 लाख किसानों के लिए राहत, कल से मिलेगी खाद

Sandeep Kumar | Aug 16, 2026, 18:27 IST
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मध्य प्रदेश के 82 लाख किसानों को राहत मिली है। 17 अगस्त से खाद वितरण फिर शुरू होगा। इससे पहले एमपी सरकार ने 14 अगस्त शाम से खाद बिक्री पर रोक लगाई थी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • एमपी में 14 अगस्त से खाद बिक्री रोकी गई थी।
  • रोक सभी सरकारी और निजी विक्रेताओं पर लागू थी।
  • पोर्टल स्टॉक और असली स्टॉक का मिलान किया गया।
  • खरीफ सीजन में 82 लाख किसान प्रभावित हुए।
  • 17 अगस्त से खाद वितरण फिर शुरू होगा।

किसानों को राहत

मध्यप्रदेश में खाद बिक्री पर लगी रोक हटने वाली है। सरकार ने खाद वितरण की तारीख तय कर दी है। 17 अगस्त से किसानों को खाद मिलना शुरू होगा। विभाग ने स्टॉक मिलान की प्रक्रिया पूरी करने की जानकारी दी है। 16 अगस्त शाम तक स्टॉक मिलान पूरा किया जाएगा। इसके बाद किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराया जाएगा।



अचानक क्यों लगी रोक

14 अगस्त की शाम 7 बजे से मध्य प्रदेश में सब्सिडी वाले खाद की बिक्री रोक दी गई। यह आदेश विपणन संघ, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, एमपी एग्रो और सभी प्राइवेट खाद विक्रेताओं पर लागू हुआ।



सरकार ने बताया कि यह कदम भारत सरकार के आईएफएमएस (iFMS – Integrated Financial Management System) पोर्टल पर दिखने वाले स्टॉक और दुकानों के असली स्टॉक का मिलान करने के लिए उठाया गया। दोनों आंकड़ों में अंतर की आशंका थी, इसलिए जांच जरूरी समझी गई।



किसानों में मची टेंशन

इस अचानक रोक से 82 लाख किसान चिंता में आ गए। धान और दूसरी खरीफ फसलों में इस वक्त यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। कई किसान खाद के लिए दुकानों के चक्कर काटते रहे, लेकिन बिक्री बंद मिली। किसान कल्याण विभाग ने इसके बाद स्थिति साफ की। विभाग ने कहा कि यह रोक स्थायी नहीं है और जल्द हटा दी जाएगी।



17 अगस्त से मिलेगी राहत

विभाग के अनुसार, 16 अगस्त की शाम तक स्टॉक मिलान का पूरा काम खत्म हो जाएगा। इसके बाद 17 अगस्त से प्रदेश भर में खाद का वितरण सामान्य रूप से फिर शुरू होगा।



सरकार ने जानबूझकर 15 और 16 अगस्त के अवकाश के दिन इस काम के लिए चुने। मकसद यह था कि किसानों को काम के दिनों में परेशानी न हो। सभी जिला कलेक्टरों को इस प्रक्रिया का पालन करवाने की जिम्मेदारी दी गई है।



सरकार का दावा, कमी नहीं

कृषि विभाग का कहना है कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। एक अप्रैल से अब तक राज्य में 17.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया आ चुका है, जिसमें से 12.83 लाख मीट्रिक टन किसान ले जा चुके हैं। अभी भी 4.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया स्टॉक में बचा है।



पिछले साल इसी समय सिर्फ 1.60 लाख मीट्रिक टन यूरिया स्टॉक में था। यानी इस बार स्थिति पिछले साल से कहीं बेहतर बताई जा रही है।



एक अन्य प्रमुख खाद की उपलब्धता भी अच्छी बताई गई है। कुल 11.20 लाख मीट्रिक टन में से 7.09 लाख मीट्रिक टन का उठाव हो चुका है, और 4.10 लाख मीट्रिक टन अभी स्टॉक में है। पिछले साल इस समय यह आंकड़ा सिर्फ 3 लाख मीट्रिक टन था।



एसएसपी (SSP – Single Super Phosphate) की स्थिति भी संतोषजनक है। कुल 6.78 लाख मीट्रिक टन में से 3.61 लाख मीट्रिक टन बंट चुका है, और 3.17 लाख मीट्रिक टन अभी उपलब्ध है।



अफसर ने भी दोहराया दावा

कृषि विभाग ने प्रदेश में खाद का पर्याप्त स्टॉक बताया है। सचिव आईएएस निशांत वरवड़े ने उपलब्धता की जानकारी दी। यूरिया का भंडार पिछले साल से अधिक बताया गया। वर्तमान में 4.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। DAP और NPK का स्टॉक भी पर्याप्त बताया गया। वर्तमान में 4.10 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। SSP का भंडार 3.17 लाख मीट्रिक टन है।



किसानों के लिए असली सवाल

सरकार का दावा है कि स्टॉक भरपूर है और वितरण जल्द सामान्य हो जाएगा। लेकिन असली सवाल यह है कि जिन किसानों को इन दो दिनों में खाद नहीं मिला, उनकी भरपाई कौन करेगा। खरीफ सीजन में हर दिन अहम होता है, ऐसे में यह देरी किसानों के लिए नुकसान बन सकती है। फिलहाल सबकी निगाहें 17 अगस्त पर टिकी हैं, जब वितरण फिर से शुरू होने का दावा किया जा रहा है।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश में खाद की बिक्री कब से बंद थी?
    14 अगस्त की शाम 7 बजे से खाद बिक्री बंद थी। यह रोक पूरे प्रदेश में लागू थी।
  2. खाद वितरण फिर से कब शुरू होगा?
    सरकार के अनुसार 17 अगस्त से वितरण फिर शुरू होगा। इससे पहले स्टॉक मिलान का काम पूरा किया जाएगा।

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