एमपी में खाद की कालाबाजारी: शिकायत करने पर मिलेगा 1000 रुपए का इनाम
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश सरकार ने खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए नई योजना शुरू की है।
- शिकायत करने पर सूचनादाता को 1000 रुपए का इनाम दिया जाएगा।
- शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
- सीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
- यह योजना 30 सितंबर 2026 तक पूरे मध्यप्रदेश में लागू रहेगी।
खरीफ सीजन में खाद की किल्लत का डर
मध्यप्रदेश में खरीफ की बुआई का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में किसानों को यूरिया और अन्य उर्वरकों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। वहीं, इसी समय कालाबाजारी और नकली खाद का खेल भी तेज हो जाता है।
इस बार एक और चिंता है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की वजह से दुनिया भर में खाद आपूर्ति पर असर पड़ने का अंदेशा है। इसे देखते हुए कृषि विभाग ने अभी से सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
क्या है इनफॉर्मर इंसेंटिव स्कीम?
कृषि विभाग ने प्रदेश में सूचनादाता प्रोत्साहन योजना (Informer Incentive Scheme) लागू की है। इस योजना के तहत कोई भी नागरिक, किसान या व्यापारी अगर खाद की कालाबाजारी, नकली खाद या अवैध भंडारण की जानकारी देता है और उस पर सफल कार्रवाई होती है तो उसे 1000 रुपए का इनाम दिया जाएगा। यह राशि जिला कलेक्टर द्वारा सूचनादाता के बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी।
योजना 30 सितंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में लागू रहेगी। इसका खर्च कृषि वर्ष 2026-27 में विधानसभा स्तर पर उपलब्ध कराई गई राशि से उठाया जाएगा।
किन मामलों में दे सकते हैं शिकायत?
इस योजना के तहत बिना लाइसेंस खाद बेचने, तय सीमा से अधिक खाद का भंडारण करने और तय कीमत से ज्यादा दाम पर खाद बेचने यानी कालाबाजारी की शिकायत की जा सकती है।
इसके अलावा नकली या मिलावटी खाद बनाना और बेचना, बिना लाइसेंस खाद का निर्माण और बिक्री, सरकारी अनुदान में मिलने वाले उर्वरकों जैसे यूरिया का औद्योगिक उपयोग और बिना अनुमति उर्वरकों का परिवहन भी शिकायत के दायरे में आता है।
कैसे करें शिकायत?
शिकायत देने का तरीका बेहद आसान रखा गया है। सरकारी कार्यदिवस पर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच सीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 पर कॉल करके जानकारी दी जा सकती है।
शिकायत में घटना का स्थान, समय, गतिविधि का विवरण और संबंधित व्यक्ति या दुकान का नाम-पता बताना होगा। यदि फोटो, वीडियो या कोई दस्तावेज उपलब्ध हो तो उसे भी साझा किया जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उसकी अनुमति के बिना किसी भी स्तर पर उसका नाम उजागर नहीं होगा।
जांच कैसे होगी?
शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर द्वारा गठित एक जांच टीम मौके पर जाएगी। इस टीम में संबंधित क्षेत्र का उर्वरक निरीक्षक शामिल करना अनिवार्य है। यदि जांच में शिकायत सही पाई गई और खाद जब्त हुई या दोष सिद्ध हुआ, तभी 1000 रुपए का प्रोत्साहन दिया जाएगा। यानी इनाम तभी मिलेगा जब शिकायत पर ठोस कार्रवाई होगी।
FAQ
- MP की इनफॉर्मर इंसेंटिव स्कीम क्या है?
मध्यप्रदेश कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी और नकली उर्वरकों पर रोक लगाने के लिए सूचनादाता प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस योजना में कोई भी नागरिक अवैध खाद गतिविधियों की शिकायत कर सकता है। शिकायत पर सफल कार्रवाई होने यानी खाद जब्त होने या दोष सिद्ध होने की स्थिति में 1000 रुपए का इनाम कलेक्टर द्वारा सीधे बैंक खाते में दिया जाएगा। - खाद की कालाबाजारी की शिकायत कहां और कैसे करें?
शिकायत के लिए सीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 पर कॉल करें। यह सुविधा सरकारी कार्यदिवस पर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध है। शिकायत में घटना का स्थान, समय, संबंधित व्यक्ति या दुकान का नाम-पता और उपलब्ध हो तो फोटो या वीडियो भी दिया जा सकता है। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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