MP Forest Guard भर्ती में 8 पदों के लिए 25 उम्मीदवारों को मौका, पहुंची सिर्फ एक युवती
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश में वनरक्षक के 8 पदों पर भर्ती निकली थी।
- भर्ती बैगा, भारिया और सहारिया जनजातियों के लिए थी।
- 25 अभ्यर्थियों को शारीरिक परीक्षा के लिए बुलाया गया।
- परीक्षा में सिर्फ अंजना बैगा शामिल हुईं।
- अंजना का चयन हुआ, सात पद खाली रह गए।
MP Forest Guard भर्ती में अनोखा मामला
सरकारी नौकरियों में आमतौर पर बड़ी संख्या में उम्मीदवार दिखाई देते हैं। कई बार एक पद के लिए सैकड़ों आवेदन आते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के सीधी वन मंडल में हुई वनरक्षक भर्ती ने अलग तस्वीर पेश की है। यहां आठ पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चली, लेकिन अंतिम चरण में केवल एक अभ्यर्थी पहुंची। उसी अभ्यर्थी का चयन भी हो गया। यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।
विशेष जनजातियों के लिए थी भर्ती
दरअसल, मध्य प्रदेश वन विभाग ने बैगा, भारिया और सहारिया समुदाय के युवाओं के लिए वनरक्षक पदों पर भर्ती निकाली थी। ये समुदाय राज्य की विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों में शामिल हैं। भर्ती में कुल आठ पद निर्धारित थे। इनमें कुछ पद होमगार्ड और भूतपूर्व सैनिक वर्ग के लिए आरक्षित थे। बाकी पद सामान्य पात्र अभ्यर्थियों के लिए रखे गए थे।
भर्ती प्रक्रिया मार्च 2026 में शुरू हुई थी। विभाग ने पात्रता और दस्तावेजों की जांच के बाद उम्मीदवारों की सूची तैयार की। इसके बाद योग्य अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए बुलाया गया।
1205 आवेदन, लेकिन परीक्षा में सिर्फ एक
वन विभाग को इस भर्ती के लिए करीब 1205 आवेदन मिले थे। इसके बाद कक्षा 10वीं के अंकों के आधार पर मेरिट सूची बनाई गई। पांच पदों के लिए पांच गुना अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया। इस तरह कुल 25 उम्मीदवारों को मौका मिला।
लेकिन परीक्षा के दिन अधिकारियों को हैरान करने वाला दृश्य देखने मिला। जिन 25 उम्मीदवारों को बुलाया गया था, उनमें से केवल एक अभ्यर्थी उपस्थित हुई। बाकी सभी उम्मीदवार अनुपस्थित रहे। इससे भर्ती के अधिकांश पद खाली रह गए।
अंजना बैगा ने नहीं छोड़ा मौका
उमरिया जिले के पाली क्षेत्र की रहने वाली अंजना बैगा भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुईं। मैदान में उनके सामने कोई प्रतिस्पर्धी नहीं था। फिर भी उन्हें सभी तय मानकों को पूरा करना था। उन्होंने निर्धारित समय में शारीरिक परीक्षा पूरी की।
वनरक्षक भर्ती में पैदल चलने की परीक्षा शामिल थी। रिपोर्ट के अनुसार उम्मीदवारों को सात किलोमीटर जाना और सात किलोमीटर वापस आना था। कुल 14 किलोमीटर की यह परीक्षा अंजना ने सफलतापूर्वक पूरी कर ली। कुछ रिपोर्टों में दूरी को 15 या 16 किलोमीटर बताया गया, लेकिन भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी में 14 किलोमीटर का उल्लेख है।
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
भर्ती प्रक्रिया का वीडियो और जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की जा रही है। कई लोगों ने इस बात पर हैरानी जताई कि इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने के बावजूद अंतिम परीक्षा में केवल एक उम्मीदवार पहुंची। वहीं कुछ लोगों ने अंजना की दृढ़ता और मेहनत की सराहना की है।
इस मामले ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि शॉर्टलिस्ट होने के बाद बड़ी संख्या में उम्मीदवार परीक्षा में क्यों नहीं पहुंचे। हालांकि खबर में अनुपस्थिति के कारणों का आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए इस पर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
दस्तावेज जांच के बाद चयन
शारीरिक परीक्षा पास करने के बाद अंजना के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनका चयन वनरक्षक पद पर कर लिया गया। अब उन्हें प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगी।
यह कहानी केवल चयन की नहीं है। यह अवसर मिलने पर प्रयास करने की भी कहानी है। जहां कई उम्मीदवार अंतिम चरण तक नहीं पहुंचे, वहीं अंजना ने मौजूद रहकर अवसर को नौकरी में बदल दिया।
भर्ती से मिला बड़ा संदेश
सीधी वन मंडल की यह भर्ती एक अलग उदाहरण बन गई है। सरकारी नौकरी पाने के लिए केवल आवेदन करना पर्याप्त नहीं होता। अंतिम चरण तक पहुंचना और प्रक्रिया पूरी करना भी उतना ही जरूरी है। अंजना बैगा का चयन इसी बात को साबित करता है कि अवसर का लाभ वही उठा पाता है जो अंत तक प्रयास जारी रखता है।
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