आपकी रसोई का घी कितना सुरक्षित? एमपी में घी के 50 से ज्यादा नमूने फेल, 8 की बिक्री पर लगी रोक
एमपी में घी की जांच में क्या मिला
रिपोर्ट के मुताबिक जांच में कई ब्रांड के नमूने फेल हुए हैं। विभाग ने 42 उत्पादों को बाजार से हटाने को कहा है। आठ उत्पादों की बिक्री जिलों में रोकी गई है। एमपी में घी की जांच का दायरा घी तक सीमित नहीं रहा है।
इन ब्रांड के घी के नमूने असुरक्षित
अगर आप गूगल पर unsafe ghee brands खोज रहे हैं, तो यह सूची देखिए। इसमें अनिक घी और सात्विक केश देसी घी का नाम है। श्रीमूल एगमार्क शुद्ध घी और एसआरएमएआई मिल्क क्रीम एगमार्क घी भी इसमें हैं।
अमृत शुद्ध घी, नंद कृष्ण घी और मधुसूदन देसी घी के नमूने भी फेल हुए हैं। देसी गाय का घी संगठन और जवासी काउ देशी घी भी सूची में हैं। संगठन काउ घी, डेयरी सरस घी और जेबीएस ऑर्गेनिक गाय का घी शामिल हैं।
खुशबू ब्रांड घी और गसांता प्रीमियम काउ घी भी इस सूची में हैं। गुमर योर काउ घी, श्री शुद्ध एगमार्क घी और वास्तु एगमार्क घी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी के नमूने जांच में असुरक्षित मिले हैं।
जिलों में घी की बिक्री पर रोक
जांच के बाद अलग-अलग जिलों में घी की बिक्री पर रोक के आदेश जारी हुए। जो लोग MP ghee ban list ढूंढ रहे हैं, उनके लिए जिलेवार लिस्ट नीचे है।
छिंदवाड़ा, कटनी और नर्मदापुरम में किन पर रोक
छिंदवाड़ा में पतंजलि काउ घी के पैक की बिक्री रोकी गई है। कटनी में अनिक घी की बिक्री पर रोक लगी है। नर्मदापुरम में संगठन काउ घी की बिक्री रोकी गई है।
इंदौर में घी नहीं, लाल मिर्च पाउडर पर रोक
इंदौर में पीवर इंदौरी लाल मिर्च पाउडर की बिक्री पर रोक लगाई गई है। यानी जांच के दायरे में सिर्फ घी नहीं है। मसाले भी विभाग की नजर में आए हैं।
धार में चार घी उत्पादों की बिक्री रुकी
धार में अनिक देसी घी और श्रीमूल घी की बिक्री रोकने के आदेश हैं। एसआरएमएआई मिल्क क्रीम एगमार्क घी पर भी यही आदेश है। अमृत शुद्ध घी की बिक्री भी धार में रोकी गई है।
देसी घी के नमूने फेल, अब आगे क्या
देसी घी के सैंपल फेल होने का सीधा असर आपकी रसोई तक पहुंचता है। आपने जिस घी से रोटी खाई, क्या वह भी इसी सूची में शामिल था? विभाग ने लोगों से इन उत्पादों को नहीं खरीदने की अपील की है। अगर आपने इन्हें पहले ही खरीद लिया है, तो वापस कर दें। घी का सैंपल फेल होने का मतलब है कि जांच में वह असुरक्षित पाया गया।
मिलावटी घी या कुछ और?
रिपोर्ट में नमूनों को खाने के लिए असुरक्षित बताया गया है। घी में मिलावट है या कोई दूसरी खराबी, यह साफ नहीं है। अंग्रेजी में मिलावटी घी को adulterated ghee कहते हैं। विभाग की पूरी जांच रिपोर्ट आने पर ही असली वजह पता चलेगी।
जो खा चुके, उनका क्या?
असली चिंता अब शुरू होती है। विशेषज्ञों ने इस पर बड़ा सवाल उठाया है। प्रशासन ने असुरक्षित घी के बैच बाजार से वापस मंगाने का आदेश दिया। लेकिन सैंपल लेने और जांच होने के बीच कई लोगों ने घी खाया होगा।
ऐसे में सवाल है कि क्या उनकी सेहत को नुकसान नहीं पहुंचा होगा? विशेषज्ञों का कहना है कि घी अनसेफ था, तो खाने वालों पर असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल, इस सवाल पर विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
जांच की रफ्तार तेज करने की मांग
विशेषज्ञ चाहते हैं कि खाने-पीने की चीजों की जांच तेजी से हो। ऐसी व्यवस्था हो, जिसमें मौके पर ही नतीजा मिल जाए। इससे लोगों की सेहत से खिलवाड़ रोकने में मदद मिलेगी। मध्यप्रदेश में असुरक्षित घी का मामला इसी जरूरत को दिखाता है।
खबर क्यों जरूरी है
घी हर घर की रसोई का हिस्सा है। 50 से ज्यादा नमूनों का असुरक्षित निकलना सीधे लोगों की सेहत से जुड़ा है। संविधान का अनुच्छेद 21 जीवन का अधिकार देता है। सुरक्षित भोजन इसी अधिकार का हिस्सा माना जाता है। जांच में देरी हो तो खराब उत्पाद लोगों तक पहुंच जाते हैं। यह खबर पाठक को बताती है कि कौन से उत्पाद न खरीदें। साथ ही यह तेज और पारदर्शी जांच व्यवस्था की जरूरत पर सवाल उठाती है।
FAQ
- मध्यप्रदेश में घी के कितने नमूने असुरक्षित पाए गए हैं?
मध्यप्रदेश में 50 से ज्यादा घी के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं, जिनमें से 42 उत्पादों को बाजार से वापस मंगाने का आदेश दिया गया है। - किन घी ब्रांडों के नमूने फेल हुए हैं?
नामानुसार, असुरक्षित घी ब्रांडों में अनिक घी, सात्विक केश देसी घी, श्रीमूल एगमार्क शुद्ध घी, असुरक्षित घी की सूची में शामिल हैं। - मैंने असुरक्षित घी का उत्पाद खरीद लिया है, मुझे क्या करना चाहिए?
यदि आपने कोई असुरक्षित घी का उत्पाद खरीदा है, तो विभाग ने उसे वापस करने की अपील की है। आगे से इन उत्पादों को न खरीदने की सलाह दी गई है।