Global Investors Summit 2027: सीएम मोहन यादव ने पीएम मोदी को बताया निवेश और रोजगार पर प्लान
निवेश का रोडमैप साझा
प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान निवेश का मुद्दा प्रमुख रहा। मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों का विवरण भी दिया। मुख्यमंत्री ने उद्योगों के विस्तार से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी। सरकार निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने की बात कर रही है। इसका उद्देश्य प्रदेश में नए उद्योगों को आकर्षित करना है।
रोजगार बढ़ाने के लिए भी उद्योगों पर खास फोकस है। सरकार का मानना है कि नए निवेश से अवसर बढ़ेंगे। बड़े उद्योगों के साथ दूसरी गतिविधियां भी रोजगार पैदा करेंगी। हालांकि, रोजगार के वास्तविक आंकड़े निवेश लागू होने के बाद दिखेंगे। निवेश प्रस्ताव और वास्तविक निवेश में अंतर हो सकता है। इसलिए आगे परियोजनाओं की प्रगति देखना अहम होगा।
जनवरी में समिट की तैयारी
सरकार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को बड़ा निवेश मंच बनाना चाहती है। इसकी तैयारियां पहले से अलग स्तरों पर चल रही हैं। देश और विदेश के निवेशकों से संपर्क बढ़ाया जा रहा है। समिट के जरिए उद्योग जगत को मध्यप्रदेश की संभावनाएं बताई जाएंगी।
सरकार अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना चाहती है। इसके लिए सेक्टर आधारित अवसर निवेशकों के सामने रखे जा रहे हैं। इस आयोजन में उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी भी अहम रहेगी। सरकार निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारना चाहती है। इसके लिए विभागीय स्तर पर भी तैयारियां बढ़ सकती हैं।
दुबई में निवेश पर चर्चा
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले अंतरराष्ट्रीय संपर्क भी बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री हाल में दुबई दौरे पर गए थे। वहां उन्होंने निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इन बैठकों में मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं पर चर्चा हुई। कई क्षेत्रों को निवेश के लिए प्रमुख बताया गया। इनमें विनिर्माण और खाद्य प्रसंस्करण शामिल हैं।
नवीकरणीय ऊर्जा भी सरकार के फोकस वाले क्षेत्रों में है। लॉजिस्टिक्स और शहरी अधोसंरचना पर भी बातचीत हुई। तकनीक आधारित उद्योगों में निवेश की संभावनाएं भी रखी गईं। सरकार निर्यातोन्मुख उद्योगों को भी आकर्षित करना चाहती है। ऐसे उद्योग उत्पादन के साथ रोजगार भी बढ़ा सकते हैं। इससे राज्य के औद्योगिक आधार को विस्तार मिल सकता है।
पिछली समिट में मोदी आए थे
भोपाल में 2025 में भी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हुई थी। उपलब्ध स्रोत सामग्री के अनुसार इसमें प्रधानमंत्री मोदी शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री ने उस आयोजन का उद्घाटन भी किया था। स्रोत के मुताबिक उस समिट में 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधि आए।
उद्योग जगत के कई प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया था। इस बार भी सरकार अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाना चाहती है। पिछले आयोजन की मौजूदगी के कारण उम्मीदें फिर बढ़ी हैं। हालांकि 2027 की भागीदारी की पुष्टि अभी जरूरी है। निमंत्रण मिलने और कार्यक्रम तय होने में अंतर होता है।
रोजगार पर रहेगा खास जोर
इस बार सरकार निवेश के साथ रोजगार पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने रोजगार बढ़ाने की दिशा में उठाए कदम बताए। नए उद्योगों से रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है। सरकार विनिर्माण क्षेत्र को रोजगार के लिए अहम मान रही है। खाद्य प्रसंस्करण भी स्थानीय स्तर पर अवसर दे सकता है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भी नई नौकरियां बन सकती हैं।
तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा में कुशल रोजगार बढ़ सकते हैं। शहरी अधोसंरचना से निर्माण क्षेत्र को भी काम मिलता है। हालांकि वास्तविक प्रभाव निवेश लागू होने पर स्पष्ट होगा। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्रियान्वयन की रहेगी। निवेश प्रस्तावों को परियोजनाओं में बदलना जरूरी होगा।
जमीन और मंजूरियों से जुड़े काम भी समय पर करने होंगे। इसके बाद ही रोजगार के वास्तविक नतीजे सामने आएंगे। समिट केवल निवेश प्रस्ताव जुटाने तक सीमित नहीं रह सकती। सरकार को उनकी प्रगति भी लगातार सार्वजनिक करनी होगी।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में आने का न्योता क्यों दिया?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को न्योता इस लिए दिया ताकि वे मध्यप्रदेश की औद्योगिक योजनाओं और निवेश के रोडमैप को समझ सकें, जिससे प्रदेश में निवेश और रोजगार बढ़ सके। - ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 का मुख्य उद्देश्य निवेश को आकर्षित करना और प्रदेश में नए उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाना है। - 2025 की समिट में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी क्यों महत्वपूर्ण मानी जाती है?
2025 में आयोजित समिट में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी से 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी को बढ़ावा दिया था, और इसी कारण 2027 की समिट में भी उनकी भागीदारी को लेकर उम्मीदें हैं।