मध्य प्रदेश सरकार 3 नवंबर को फिर लेगी 4 हजार करोड़ का कर्ज, अब तक 44 हजार 900 करोड़ की उधारी
नया कर्ज लेने के बाद कुल बाजार उधारी 48 हजार900 करोड़ रुपए हो जाएगी। सरकार का कहना है कि यह पैसा विकास कार्यों पर खर्च होता है। इसमें सड़क, बिजली, सिंचाई और दूसरे प्रोजेक्ट शामिल हैं। वहीं, राज्य पर लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। कर्ज चुकाने और ब्याज भरने का मुद्दा भी चर्चा में है।
3 नवंबर को तीन किस्तों में लिया जाएगा कर्ज
मध्य प्रदेश सरकार 3 नवंबर को फिर नया कर्ज लेने जा रही है। सरकार इस बार बाजार से 4 हजार करोड़ रुपए जुटाएगी। यह पैसा एक साथ नहीं, बल्कि तीन किस्तों में लिया जाएगा।
पहली किस्त में सरकार 1 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेगी। दूसरी किस्त में भी 1 हजार करोड़ रुपए लिए जाएंगे। वहीं, तीसरी किस्त में 2 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा।
इस तरह सरकार कुल 4 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेगी। सरकार ने अपने वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विवरण में यह जानकारी दी है।
अप्रैल से अक्टूबर तक सरकार ने कितना कर्ज लिया?
वित्त विभाग के मुताबिक, सरकार ने अप्रैल से अक्टूबर तक भारी कर्ज लिया है। 1 अप्रैल 2026 से अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक 44 हजार 900 करोड़ रुपए लिए हैं। यह पैसा सरकार ने बाजार से कर्ज के रूप में जुटाया है। अब सरकार 4 हजार करोड़ रुपए का और कर्ज लेने वाली है।
इसके बाद कुल बाजार कर्ज 48 हजार 900 करोड़ रुपए हो जाएगा। यह रकम वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान लिए गए कर्ज की है। इसे राज्य सरकार का कुल बकाया कर्ज नहीं समझना चाहिए। दरअसल, सरकार को हर साल विकास कार्यों के लिए पैसा चाहिए। इसके अलावा कई दूसरी जरूरी जिम्मेदारियों पर भी खर्च करना पड़ता है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए सरकार बाजार से कर्ज लेती है।
इस साल कितना कर्ज लेने की मिली अनुमति?
वित्त विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश सरकार की उधारी सीमा तय है। साल 2026-27 में सरकार करीब 87 हजार करोड़ रुपए उधार ले सकती है। वहीं, पहले नौ महीनों के लिए 58 हजार 274 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। यह मंजूरी बाजार से कर्ज लेने के लिए दी गई है। सरकार का कहना है कि वह तय सीमा में कर्ज ले रही है। इसके लिए सभी जरूरी वित्तीय नियमों का पालन किया जा रहा है।
सड़क, बिजली और सिंचाई पर पैसा खर्च करने का दावा
राज्य सरकार का कहना है कि कर्ज का पैसा विकास पर लगेगा। इससे प्रदेश में सड़कें, पुल और एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। सिंचाई और बिजली की सुविधाओं पर भी पैसा खर्च होगा।
सरकार के मुताबिक, इन कामों से किसानों और उद्योगों को फायदा होगा। अच्छी सड़कें और बेहतर बिजली मिलने से नए कारोबार शुरू होंगे। इससे प्रदेश में रोजगार के नए मौके भी बढ़ सकते हैं।
सरकार का कहना है कि इन कामों से स्थायी संपत्तियां बनेंगी। इनका फायदा प्रदेश के लोगों को लंबे समय तक मिलेगा। हालांकि, नए 4 हजार करोड़ रुपए का पूरा हिसाब सामने नहीं आया है। किस परियोजना पर कितना पैसा लगेगा, इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था के मुकाबले कितना है कर्ज?
मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी आर्थिक स्थिति को संतोषजनक बताया है। साल 2026-27 में प्रदेश का कर्ज 32.53 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा प्रदेश की कुल अर्थव्यवस्था के मुकाबले कर्ज को दिखाता है। आसान भाषा में समझें तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था के मुकाबले कितना कर्ज है।
वहीं, सरकार अपनी कमाई का करीब 10 से 11 प्रतिशत ब्याज चुकाती है। सरकार के मुताबिक, यह आंकड़ा तय सीमा के अंदर है। वित्त आयोग और रिजर्व बैंक ने इसकी सीमा 15 प्रतिशत बताई है। इसी आधार पर सरकार अपनी आर्थिक स्थिति को संतोषजनक बता रही है।
पिछले साल 29,980 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाया
सरकार ने कर्ज चुकाने को लेकर भी जानकारी दी है। सरकार के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में 29 हजार 980 करोड़ रुपए चुकाए गए। वहीं, इस वित्त वर्ष में भी कर्ज चुकाने का सिलसिला जारी है। अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक 14 हजार 73 करोड़ रुपए चुकाए जा चुके हैं।
सरकार का कहना है कि उसने हमेशा समय पर कर्ज चुकाया है। कर्ज चुकाने में कभी कोई चूक नहीं हुई है। हालांकि, एक बात अभी साफ नहीं हो पाई है। इन 14 हजार 73 करोड़ रुपए में कितना मूलधन और कितना ब्याज है। इसकी अलग-अलग जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
विकास कार्यों पर एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च का अनुमान
मध्य प्रदेश सरकार विकास कार्यों पर बड़ी रकम खर्च करने की तैयारी में है। साल 2026-27 में यह रकम एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा होगी। यह पैसा सड़क, पुल और सिंचाई जैसे बड़े कामों पर खर्च होगा। इससे प्रदेश में लंबे समय तक काम आने वाली सुविधाएं बनेंगी।
सरकार के मुताबिक, पिछले 10 सालों में प्रदेश की जीएसडीपी बढ़ी है। इसकी वृद्धि दर 10 प्रतिशत से ज्यादा रही है। सरकार इसे प्रदेश की आर्थिक तरक्की का संकेत मान रही है।
आम लोगों के लिए क्या मायने हैं?
सरकार कर्ज लेती है, तो इसका असर आम लोगों पर भी पड़ता है। हालांकि, इसका मतलब तुरंत कोई नया टैक्स लगना नहीं है। सरकार इस पैसे से सड़क, बिजली और सिंचाई जैसी सुविधाएं बढ़ा सकती है। इससे आम लोगों को फायदा मिल सकता है।
लेकिन सरकार को यह कर्ज ब्याज समेत वापस भी चुकाना होता है। इसका असर सरकार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। इसलिए विकास कार्यों के साथ कर्ज चुकाना भी जरूरी है।
FAQ
- मध्य प्रदेश सरकार 3 नवंबर को कितना कर्ज लेगी?
सरकार 3 नवंबर 2026 को बाजार से 4 हजार करोड़ रुपए का कर्ज तीन किस्तों में लेने जा रही है। - अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक सरकार कितना कर्ज ले चुकी है?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक 44 हजार 900 करोड़ रुपए का बाजार ऋण लिया गया है। - नया कर्ज लेने के बाद कुल उधारी कितनी हो जाएगी?
4 हजार करोड़ का नया कर्ज मिलने पर चालू वित्त वर्ष में बाजार से ली गई कुल उधारी 48 हजार 900 करोड़ रुपए हो जाएगी।