मध्यप्रदेश में फिर शुरू होंगे प्रमोशन, खत्म होगा कर्मचारियों का 10 साल का वनवास
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश में मई 2016 से सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति पूरी तरह बंद है।
- 10-15 दिन में प्रमोशन की प्रक्रिया दोबारा शुरू होने की पूरी तैयारी हो चुकी है।
- सीएम मोहन यादव ने 2025 में ही इसे चालू करने का ऐलान किया था।
- 17 जून को कैबिनेट ने मध्यप्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम 2025 को मंजूरी दी।
- 4.50 लाख सरकारी सेवकों को सीधा फायदा मिलेगा और करीब दो लाख पद खाली होंगे।
10 साल की रुकावट खत्म होने की उम्मीद
मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। प्रदेश में मई 2016 से अटकी पदोन्नति की प्रक्रिया अब 10-15 दिन में शुरू हो सकती है। राज्य सरकार ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है।
पदोन्नति की राह में आ रहे कानूनी पेचों को सुलझाने के लिए जबलपुर और दिल्ली के वरिष्ठ अधिवक्ताओं और विधि विशेषज्ञों से सलाह ली गई है। उन्हीं की सलाह के आधार पर संबंधित अधिकारियों ने मसौदा तैयार किया है।
कैबिनेट दे चुकी है हरी झंडी
17 जून को हुई कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम-2025 को मंजूरी मिल गई थी। इस बैठक में उच्च स्तरीय समीक्षा भी हुई थी। साथ ही 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारी, कोर्ट केस जल्द निपटाने और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण पर भी चर्चा हुई है।
सरकार ने अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, भारसाधक सचिवों और विभागाध्यक्षों को मौखिक रूप से पदोन्नति शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं।
4.50 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
इस फैसले से प्रदेश के करीब चार लाख 50 हजार सरकारी सेवकों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें अधिकारी और कर्मचारी दोनों शामिल हैं। जो लोग सालों से एक ही पद पर बैठे हैं, उन्हें अब ऊंचे पद पर जाने का मौका मिलेगा।
10 साल से बिना प्रमोशन के काम कर रहे हजारों कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही रिटायर हो चुके हैं। साल 2016 मई से लेकर 2026 मई तक लाखों सरकारी सेवक इसी हाल में सेवानिवृत्त हुए हैं। यह स्थिति अब बदलने की उम्मीद है।
युवाओं के लिए भी खुलेगा दरवाजा
पदोन्नति से सिर्फ पुराने कर्मचारियों को ही नहीं बल्कि नए युवाओं को भी फायदा होगा। जब बड़ी संख्या में कर्मचारी ऊंचे पदों पर जाएंगे तो उनके पुराने पद खाली हो जाएंगे। सरकार का अनुमान है कि इससे करीब दो लाख पद रिक्त होंगे। इन पदों पर नई भर्ती का रास्ता खुलेगा जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
मुख्य सचिव ने भी दिए संकेत
प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार, 24 जून को अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि वर्षों पुराने गैर जरूरी कानूनों को खत्म करने पर काम किया जाए। उन्होंने आज यानी गुरुवार को सभी कलेक्टर और कमिश्नरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने की जानकारी दी है। साथ ही, सभी विभाग प्रमुखों को तैयार रहने को कहा है। यह भी माना जा रहा है कि उस बैठक में पदोन्नति के मुद्दे पर भी बात होगी।
2016 से कैसे बंद हुई थी पदोन्नति
प्रदेश में पदोन्नति की प्रक्रिया मई 2016 में रुकी थी। इसके पीछे आरक्षण से जुड़े कानूनी विवाद मुख्य वजह रहे। कोर्ट में लंबित मामलों के कारण सरकार पदोन्नति नहीं दे पाई। सीएम मोहन यादव ने 2025 में इस पर बंद पदोन्नति फिर से शुरू करने का ऐलान किया था। तब से इस विषय पर कई बैठकें हो चुकी थीं और अब प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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