एमपी में कर्मचारियों का हल्ला बोल आज, इन मांगों को लेकर करेंगे विरोध प्रदर्शन

Aman Vaishnav | Jan 15, 2026, 09:20 IST
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मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़ गए हैं। आज, 15 जनवरी को पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन होगा। कर्मचारी अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्य सचिव को देंगे।

News In Short

  • प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कर्मचारी आज 15 जनवरी को प्रदर्शन करेंगे।
  • भोपाल के सतपुड़ा भवन पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
  • कर्मचारी मुख्य सचिव के नाम 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन देंगे।
  • पुरानी पेंशन और महंगाई भत्ते पर विशेष जोर रहेगा।
  • इन मांगों में संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग भी शामिल की गई।

News In Detail

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ आज, 15 जनवरी को प्रदर्शन करने जा रहा है। कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने इस आंदोलन के बारे में पूरी जानकारी दी है।



प्रदेश के सभी जिला केंद्रों पर कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा, सतपुड़ा भवन में भी प्रदर्शन होगा। वहां मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा।



इन 11 सूत्रीय मांगों को लेकर होगा हल्ला-बोल

कर्मचारियों ने सरकार के सामने 11 सूत्री मांगें रखी हैं। इसमें महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की मांग शामिल है। सीपीसीटी से कर्मचारी निजात पाना चाहते हैं। वेतन व्यवस्था में 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन व्यवस्था समाप्त करना है। साथ ही परिवीक्षा अवधि की इस पुरानी व्यवस्था को खत्म करना होगा।



पुरानी पेंशन का मुद्दा

पुरानी पेंशन योजना लागू करना कर्मचारियों की मुख्य मांग है। पदोन्नति प्रोसोस को फिर से शुरू करना, आउटसोर्स और स्थाई संविदा कर्मचारियों का नियमितिकरण और ई-अटेंडेंस की व्यवस्था से मुक्ति पाना, ये सब भी कर्मचारियों की मांगों में शामिल है।



ईपीएस-95 पेंशनर्स ने मांगी मेडिकल सुविधा

ईपीएस-95 पेंशनर्स एसोसिएशन ने नई मांगें रखी हैं। 78 लाख पेंशनर्स के लिए बड़ी घोषणा की मांग की गई है। इसमें न्यूनतम 7 हजार 500 रुपए मासिक पेंशन शामिल है। साथ ही महंगाई भत्ता और मेडिकल सुविधा की भी मांग है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष शर्मा ने सरकार पर निशाना साधा है। महासचिव अरुण वर्मा ने भी असंतोष व्यक्त किया है।



पेंशनर्स लंबे समय से सम्मानजनक जीवन की मांग कर रहे हैं। नेताओं के अनुसार, सरकार अभी तक केवल आश्वासन दे रही है। इस देरी से पेंशनर्स में गहरा गुस्सा है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। पूरे देश में बड़ा प्रदर्शन शुरू हो सकता है। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।



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