एमपी सरकार ने फिर उठाया 3600 करोड़ रुपए का लोन, कुल देनदारी 5.6 लाख करोड़ पार

Jitendra Shrivastava | Jul 07, 2026, 18:25 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. एमपी सरकार ने फिर 3600 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। इसका भुगतान 18 और 30 साल में करना होगा। अब सरकार की कुल देनदारी 5.6114 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई है। जानें पूरी जानकारी

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश सरकार ने फिर लिया 3600 करोड़ रुपए का कर्ज।
  • राज्य पर अब कुल कर्ज पहुंचा 5.6114 लाख करोड़ रुपए।
  • 18 और 30 साल की अवधि में चुकाया जाएगा नया लोन।
  • ई-कुबेर के जरिए नीलामी से जुटाई गई कर्ज की रकम।
  • विकास कार्यों के लिए सरकार ने फिर उठाया बड़ा कर्ज।

डॉ. मोहन यादव सरकार ने मंगलवार को 3600 करोड़ रुपए का नया कर्ज लिया है। यह राशि 18 साल और 30 साल की अवधि के लिए ली गई है।



चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल 17,400 करोड़ रुपए का कर्ज लिया जा चुका है। प्रदेश पर कुल देनदारी बढ़कर करीब 5.6114 लाख करोड़ रुपए हो गई है। यह रकम बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी से जुटाई गई है।



दो किश्तों में मिला कर्ज

वित्त विभाग की अधिसूचना के मुताबिक कर्ज दो हिस्सों में लिया गया है। पहली किश्त 1600 करोड़ रुपए की है। इसे 18 साल की अवधि के लिए लिया गया है।



दूसरी किश्त 2000 करोड़ रुपए की है। इसकी परिपक्वता अवधि साल 2056 तक रहेगी। दोनों कर्ज पर सरकार 7.90 प्रतिशत सालाना ब्याज देगी।



ब्याज और भुगतान की तारीख तय

सरकार हर साल दो बार ब्याज चुकाएगी। यह भुगतान 15 अप्रैल और 15 अक्टूबर को होगा। कर्ज की मूल राशि बुधवार को जारी की जाएगी। केंद्र सरकार से इस उधारी के लिए मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। इससे राज्य सरकार को कर्ज लेने में कोई अड़चन नहीं आई।



ई-कुबेर से हुई नीलामी

यह पूरी प्रक्रिया रिजर्व बैंक (RBI – Reserve Bank of India) के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के जरिए हुई। इसमें पात्र और संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया। गैर-प्रतिस्पर्धी निवेशकों को भी तय सीमा तक निवेश की सुविधा दी गई। इससे छोटे निवेशकों को भी मौका मिला।



मार्च तक था इतना कर्ज

31 मार्च 2026 तक मध्य प्रदेश पर कुल 4,88,714.17 करोड़ रुपए का कर्ज था। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा मार्केट लोन का है, जो 3,33,278.21 करोड़ रुपए है।



बाकी हिस्सा वित्तीय संस्थानों, केंद्र सरकार और राष्ट्रीय लघु बचत निधि (NSSF – National Small Savings Fund) से लिया गया है। यह सभी मिलाकर राज्य की कुल देनदारी बनाते हैं।



विकास कार्यों पर होगा खर्च

एमपी सरकार का कहना है कि यह पैसा सिंचाई, कृषि और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में खर्च होगा। सड़क, संचार और पेयजल परियोजनाओं में भी इसका इस्तेमाल होगा। सहकारी संस्थाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार इसे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाला कदम बता रही है।



सरकार का दावा, संतुलित है वित्तीय हालत

राज्य सरकार का कहना है कि प्रदेश की संपत्तियों का मूल्य कुल देनदारियों से ज्यादा है। इस आधार पर सरकार वित्तीय स्थिति को संतुलित बता रही है। हालांकि, लगातार बढ़ते कर्ज के आंकड़े चिंता का विषय भी बने हुए हैं। आने वाले समय में यह राज्य के बजट पर असर डाल सकता है।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश सरकार ने कितना नया कर्ज लिया है?
    सरकार ने मंगलवार को 3600 करोड़ रुपए का नया कर्ज लिया। यह राशि 18 और 30 साल की अवधि के लिए है। इस पर 7.90 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा।
  2. प्रदेश पर अभी कुल कितना कर्ज है?
    मध्य प्रदेश पर कुल देनदारी करीब 5.6114 लाख करोड़ रुपए है। 31 मार्च 2026 तक यह आंकड़ा 4,88,714.17 करोड़ रुपए था। चालू वित्त वर्ष में अब तक 17,400 करोड़ रुपए का कर्ज लिया जा चुका है।
  3. यह कर्ज किन कामों में खर्च होगा?
    यह राशि सिंचाई, कृषि, ऊर्जा और सड़क परियोजनाओं में खर्च होगी। पेयजल और सहकारी संस्थाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार इसे बुनियादी ढांचे के विकास से जोड़कर देख रही है।

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