सरकारी कर्मचारियों की ACR पर सख्ती: अब देरी नहीं चलेगी, तय हुई पूरी टाइमलाइन

Ramanand Tiwari | Mar 17, 2026, 23:13 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की गोपनीय चरित्रावली (ACR) के लिए सख्त समयसीमा तय की है। अब देरी बर्दाश्त नहीं होगी और हर स्तर पर जिम्मेदारी तय होगी।

BHOPAL. मध्यप्रदेश सरकार ने शासकीय कर्मचारियों की गोपनीय चरित्रावली (ACR) को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। 2025-26 से अब ACR लिखने की पूरी प्रक्रिया तय समय-सीमा में ही पूरी करनी होगी। साफ संदेश है- देरी बर्दाश्त नहीं होगी और हर स्तर पर जिम्मेदारी तय रहेगी।



क्या है नया आदेश, आसान भाषा में समझिए

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभागों, कलेक्टरों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों की ACR समय पर लिखना अनिवार्य होगा। अब हर स्टेज के लिए स्पष्ट तारीख तय कर दी गई है, ताकि प्रक्रिया लटक न सके।



ACR प्रक्रिया की पूरी टाइमलाइन

सरकार ने ACR भरने और जांच की पूरी प्रक्रिया को इस तरह तय किया है:



  • 30 अप्रैल: संबंधित कर्मचारियों को फॉर्म उपलब्ध कराना
  • 30 जून: Self Assessment (स्वमूल्यांकन) जमा करने की अंतिम तारीख
  • 31 अगस्त: प्रतिवेदक अधिकारी द्वारा मूल्यांकन पूरा
  • 30 सितंबर: समीक्षक अधिकारी द्वारा समीक्षा
  • 30 नवंबर: स्वीकारकर्ता अधिकारी द्वारा अंतिम अनुमोदन

यानी 30 नवंबर तक ACR पूरी तरह फाइनल हो जानी चाहिए।



31 दिसंबर क्यों है सबसे अहम तारीख?

सरकार ने साफ किया है कि हर हाल में 31 दिसंबर तक सभी ACR रिकॉर्ड विभाग में सुरक्षित (संरक्षित) कर ली जाएंगी। भले बीच में देरी हो जाए, लेकिन अंतिम डेडलाइन नहीं बदलेगी।



देरी हुई तो क्या होगा?

अगर कोई कर्मचारी Self Assessment देर से देता है, तो आगे की प्रक्रिया में उतनी ही देरी मानी जाएगी। लेकिन ध्यान रहे कि अंतिम सीमा 31 दिसंबर ही रहेगी, इसमें कोई छूट नहीं मिलेगी।



अधिकारियों के लिए भी तय हुई जिम्मेदारी

अब सिर्फ कर्मचारियों पर ही नहीं, अधिकारियों पर भी टाइमलाइन लागू होगी



प्रतिवेदक और स्वीकारकर्ता अधिकारी: 2 महीने का समय


समीक्षक अधिकारी: 1 महीने का समय


यानी हर स्तर पर जवाबदेही तय कर दी गई है।



क्यों जरूरी है यह सख्ती?

अक्सर ACR समय पर पूरी नहीं होने से प्रमोशन, इन्क्रीमेंट और पोस्टिंग जैसे फैसले अटक जाते थे।


नई व्यवस्था से: प्रक्रिया तेज होगी,पारदर्शिता बढ़ेगी,कर्मचारियों को समय पर लाभ मिल सकेगा।



निष्कर्ष

प्रदेश सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि अब प्रशासनिक ढिलाई नहीं चलेगी। ACR जैसी अहम प्रक्रिया को समयबद्ध बनाकर शासन ने जवाबदेही और पारदर्शिता दोनों को मजबूत करने की कोशिश की है।



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