MP में बदले भर्ती के नियम: साल में 3 पात्रता परीक्षाएं, स्कोर कार्ड से मिलेगी नौकरी
समझें पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए नए भर्ती नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है।
- अब पीएससी को छोड़कर बाकी सभी पदों पर भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल (ESB) करेगा।
- सीधी परीक्षा के बजाय अब पात्रता परीक्षा और स्कोर कार्ड सिस्टम लागू किया जाएगा।
- ईएसबी द्वारा हर साल तीन अलग-अलग श्रेणियों में पात्रता परीक्षाएं आयोजित होंगी।
- परीक्षा का स्कोर कार्ड करीब ढाई साल यानी दो वर्षों की 31 दिसंबर तक मान्य रहेगा।
MP में अब स्कोर कार्ड से मिलेगी सरकारी नौकरी
मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने भर्ती नियमों को पूरी तरह बदलने का फैसला किया है। इसके लिए एक नया ड्राफ्ट भी जारी कर दिया गया है।
अब एमपी-पीएससी को छोड़कर लगभग सभी सरकारी पदों पर भर्ती कर्मचारी चयन मंडल (ESB) करेगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब सीधी भर्ती परीक्षा नहीं होगी। उम्मीदवारों को अब पात्रता परीक्षा पास करनी होगी।
पात्रता परीक्षा में न्यूनतम अंक लाने वालों को एक स्कोर कार्ड दिया जाएगा। यही स्कोर कार्ड बाद में सरकारी नौकरियों में आवेदन करने के काम आएगा। कम नंबर आने पर कोई स्कोर कार्ड जारी नहीं किया जाएगा।
ESB हर साल आयोजित करेगा तीन पात्रता परीक्षाएं
नए नियमों के अनुसार कर्मचारी चयन मंडल हर साल तीन परीक्षाएं कराएगा। इसमें पहली परीक्षा संयुक्त सामान्य पात्रता परीक्षा होगी। यह सामान्य ग्रेजुएट स्तर की गैर-तकनीकी नौकरियों के लिए होगी।
दूसरी परीक्षा संयुक्त तकनीकी पात्रता परीक्षा होगी। यह इंजीनियरिंग, कृषि, कानून और पैरामेडिकल पदों के लिए होगी। तीसरी परीक्षा स्कूल शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा होगी।
सामान्य और तकनीकी दोनों पात्रता परीक्षाओं में 100-100 प्रश्न पूछे जाएंगे। सामान्य परीक्षा का पेपर चार बराबर भागों में बंटा हुआ रहेगा। इसमें सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स और गणित जैसे विषय शामिल होंगे।
कितने समय तक मान्य रहेगा नया स्कोर कार्ड?
पात्रता परीक्षा का रिजल्ट पर्सेंटाइल स्कोर के रूप में जारी किया जाएगा। सामान्य और तकनीकी परीक्षा का स्कोर कार्ड करीब ढाई साल तक मान्य रहेगा। यानी रिजल्ट वाले साल के बाद अगले दो वर्षों की 31 दिसंबर तक।
शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार जीवनभर के लिए पात्र माने जाएंगे। हालांकि, नौकरी के लिए आवेदन करते समय उनका स्कोर कार्ड भी ढाई साल ही मान्य होगा। छात्र अपना स्कोर सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।
गड़बड़ी फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
नियमों में परीक्षा के दौरान गड़बड़ी रोकने के लिए कड़े प्रावधान हैं। यदि कोई उम्मीदवार अपनी जगह किसी दूसरे को बैठाता है तो क्या होगा? उसकी उम्मीदवारी को तुरंत पूरी तरह रद्द कर दिया जाएगा।
फर्जी मार्कशीट या नकली दस्तावेज देने पर भी अभ्यर्थी अयोग्य घोषित होगा। परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी स्टाफ से बदसलूकी करना भी गंभीर अपराध होगा। ऐसे मामलों में सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की भर्तियां अब सीधे विभाग नहीं करेंगे
अब पीएससी के दायरे से बाहर की ग्रुप-सी और ग्रुप-डी भर्तियां सीधे विभाग नहीं कर सकेंगे। सभी नियुक्तियां कर्मचारी चयन मंडल की संयुक्त अर्हता परीक्षा के जरिए ही होंगी। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
इसके साथ ही ईएसबी को अपना सिलेबस बदलने का पूरा अधिकार मिला है। मंडल शासन से सलाह लेकर किसी भी परीक्षा का पाठ्यक्रम बदल सकेगा। जरूरत पड़ने पर अलग-अलग परीक्षाओं के लिए समान सिलेबस भी तय होगा।
MPPSC की परीक्षाओं में भी किए गए बड़े बदलाव
नया नियम मप्र लोक सेवा आयोग यानी एमपी-पीएससी पर भी लागू होगा। अब पीएससी अलग पदों के बजाय पांच बड़े समूहों में संयुक्त परीक्षा कराएगा। इसमें राज्य सेवा, वन सेवा, स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग समूह शामिल होंगे।
सभी सरकारी विभागों को हर साल 30 सितंबर तक खाली पदों की जानकारी देनी होगी। उम्र की गणना भर्ती वर्ष के अगले साल 1 जनवरी से की जाएगी। उम्र के प्रमाण के लिए केवल 10वीं की मार्कशीट ही मान्य होगी।
आरक्षण के नियमों में भी सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। उम्र या अंकों में छूट लेने वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी केवल आरक्षित सूची में गिने जाएंगे। उन्हें जनरल मेरिट सूची में जगह नहीं दी जाएगी।
FAQ
- मध्यप्रदेश में सरकारी भर्ती का नया नियम क्या है?
नए नियम के अनुसार पीएससी को छोड़कर सभी सरकारी पदों पर कर्मचारी चयन मंडल (ESB) भर्ती करेगा। अब सीधी परीक्षा की बजाय पात्रता परीक्षा और स्कोर कार्ड सिस्टम लागू होगा। यह स्कोर कार्ड बाद में विभिन्न सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए मान्य रहेगा। - ESB द्वारा कितनी परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी और किस प्रकार की होंगी?
A2: ESB हर साल तीन प्रकार की पात्रता परीक्षाएं आयोजित करेगा: (1) संयुक्त सामान्य पात्रता परीक्षा – गैर-तकनीकी पदों के लिए, (2) संयुक्त तकनीकी पात्रता परीक्षा – इंजीनियरिंग, कृषि, कानून और पैरामेडिकल पदों के लिए, और (3) शिक्षक पात्रता परीक्षा – स्कूल शिक्षकों के लिए। - स्कोर कार्ड कितने समय तक मान्य रहेगा?
सामान्य और तकनीकी पात्रता परीक्षा का स्कोर कार्ड लगभग ढाई साल (दो वर्षों की 31 दिसंबर तक) मान्य रहेगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार जीवनभर पात्र माने जाएंगे, लेकिन नौकरी आवेदन के समय उनका स्कोर कार्ड भी ढाई साल तक ही मान्य होगा।
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