कर्ज का सबसे बड़ा रिकॉर्ड: MP सरकार उठाएगी 20 हजार करोड़ का फंड, बांड जारी
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है।
- यह सरकार का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे लंबा कर्ज है।
- इसके लिए 22 साल का बांड RBI के जरिए जारी किया गया।
- सरकार 4400 करोड़ रुपए के तीन और कर्ज भी ले रही है।
- अब राज्य पर कुल कर्ज 5 लाख 30 हजार करोड़ रुपए के पार होगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय जरूरतों के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने का फैसला किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा और सबसे लंबी अवधि वाला कर्ज है। यह नीलामी RBI (Reserve Bank Of India) के मुंबई कार्यालय में मंगलवार को हुई।
20 हजार करोड़ का कर्ज
सरकार ने यह राशि गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के जरिए जुटाई है। इसके लिए 22 साल की अवधि का बांड जारी किया गया है। बोली की पूरी प्रक्रिया RBI के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म पर हुई है। निवेशकों को कम से कम 10 हजार रुपए निवेश करना जरूरी था। इसके बाद निवेश 10 हजार के गुणकों में किया जा सकता था।
बांड क्या होता है
बांड एक तरह का कर्ज लेने का साधन है। सरकार या कंपनियां बांड जारी करके निवेशकों से पैसा जुटाती हैं। बदले में सरकार तय समय पर ब्याज देती है। तय अवधि पूरी होने पर मूल राशि भी लौटाई जाती है। मध्य प्रदेश सरकार ने इसी तरीके से 20 हजार करोड़ रुपए जुटाए हैं।
ई-कुबेर से हुई नीलामी
ई-कुबेर RBI का एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए राज्य सरकारें और केंद्र सरकार बांड की नीलामी करती हैं। निवेशक इसी प्लेटफॉर्म पर बोली लगाते हैं। सबसे अच्छी बोली लगाने वाले निवेशकों को बांड मिलता है। इस बार भी नीलामी इसी प्लेटफॉर्म से हुई।
ब्याज दर 7.83 प्रतिशत
इस बांड पर सरकार को 7.83 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा। यह ब्याज दर बाजार की मौजूदा स्थिति के हिसाब से तय हुई है। निवेशकों को यह ब्याज साल में दो बार मिलेगा। पहली किस्त हर साल 29 अप्रैल को दी जाएगी। दूसरी किस्त हर साल 29 अक्टूबर को दी जाएगी। नीलामी का पूरा नतीजा सरकार को बुधवार को मिलेगा।
4400 करोड़ के तीन कर्ज
सिर्फ बड़ा कर्ज ही नहीं, सरकार ने तीन और कर्ज भी लिए हैं। इनकी कुल राशि 4400 करोड़ रुपए है। पहला कर्ज 1000 करोड़ रुपए का है और यह आठ साल के लिए है। दूसरा कर्ज 1400 करोड़ रुपए का है और इसकी अवधि 12 साल है। तीसरा कर्ज 2000 करोड़ रुपए का है, जिसकी अवधि 22 साल तय हुई है। इन तीनों कर्ज का भुगतान भी बुधवार यानी 22 जुलाई को होगा।
कुल कर्ज कितना बढ़ा
मध्य प्रदेश सरकार पर पहले से ही भारी कर्ज है। बता दें कि 14 दिन पहले सरकार ने 3600 करोड़ रुपए का नया कर्ज लिया था। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में कुल कर्ज 17 हजार 400 करोड़ रुपए हो गया था। उस समय राज्य पर कुल देनदारी करीब 5.6114 लाख करोड़ रुपए थी। अब सरकार ने 20 हजार करोड़ और 4400 करोड़ के नए कर्ज लिए हैं। इससे कुल कर्ज का आंकड़ा और बढ़ जाएगा। चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल कर्ज 41 हजार 800 करोड़ रुपए हो जाएगा। सरकार पर कुल कर्ज अब पांच लाख 30 हजार 514 करोड़ रुपए होगा।
राज्य की वित्तीय हालत
राज्य की वित्तीय स्थिति के आंकड़े भी सामने आए हैं। सरकार की राजस्व प्राप्तियां दो लाख 79 हजार 233.64 करोड़ रुपए हैं। वहीं राजस्व व्यय दो लाख 79 हजार 226.38 करोड़ रुपए है। इस तरह सरकार को सात करोड़ 26 लाख रुपए का राजस्व अधिशेष हुआ है। राजस्व अधिशेष का मतलब है कि सरकार की कमाई खर्च से ज्यादा रही। यह आंकड़ा राज्य की माली हालत को दिखाता है। वहीं, 31 मार्च 2026 तक राज्य पर कुल कर्ज करीब 4.88 लाख करोड़ रुपए था। इसमें बाजार का कर्ज, केंद्र सरकार का कर्ज और अन्य देनदारियां शामिल हैं।
कर्ज का बजट पर असर
किसी भी राज्य पर कर्ज बढ़ने से हर साल ब्याज चुकाना पड़ता है। इससे सरकार के खजाने पर दबाव बढ़ता है। ज्यादा कर्ज होने पर विकास कार्यों के लिए पैसा कम बचता है। हालांकि कर्ज लेना सामान्य वित्तीय प्रक्रिया का हिस्सा है। ज्यादातर राज्य सरकारें विकास कार्यों के लिए बाजार से कर्ज लेती हैं। जरूरी यह है कि कर्ज और आय में संतुलन बना रहे।
क्यों बढ़ रहा है कर्ज
सरकार ने यह कर्ज अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए लिया है। बड़ी योजनाओं के लिए राज्यों को अक्सर बाजार से कर्ज लेना पड़ता है। मध्य प्रदेश सरकार पहले भी कई बार बाजार से कर्ज ले चुकी है। वहीं, 20 हजार करोड़ रुपए का यह कर्ज अब तक का सबसे बड़ा है। फिलहाल कर्ज के इस्तेमाल पर सरकार ने विस्तृत जानकारी नहीं दी है। आने वाले दिनों में वित्त विभाग और आंकड़े जारी कर सकता है। आने वाले दिनों में राज्य के कुल कर्ज के आंकड़े और स्पष्ट होंगे।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर आम लोगों के लिए जरूरी है क्योंकि यह राज्य की आर्थिक सेहत से जुड़ी है। सरकार पर कितना कर्ज है, यह जानना जनता का अधिकार है। पारदर्शी वित्तीय जानकारी लोकतंत्र और सुशासन के लिए जरूरी होती है।
कर्ज बढ़ने का सीधा असर राज्य की भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों पर पड़ता है। इसलिए हर नागरिक को अपने राज्य की वित्तीय स्थिति की सही जानकारी होनी चाहिए। यह खबर तथ्यों पर आधारित है और किसी पर आरोप नहीं लगाती। इसका मकसद सिर्फ सही जानकारी देना है।
FAQ
- मध्य प्रदेश पर अब कुल कितना कर्ज हो गया है?
31 मार्च 2026 तक राज्य पर करीब 4.88 लाख करोड़ रुपए का कर्ज दर्ज था। नए कर्ज के बाद चालू वित्त वर्ष में कुल कर्ज 41800 करोड़ रुपए हो जाएगा। मौजूदा जानकारी के अनुसार राज्य पर कुल कर्ज बढ़कर करीब 5 लाख 30 हजार 514 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।
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