एमपी के सरकारी स्कूलों में “गेस्ट टीचर मिशन” शुरू! 70 हजार अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तेज
मध्य प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र से पहले सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की कवायद तेज हो गई है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है और इस बार पूरा फोकस “डिजिटल स्क्रीनिंग” और “दस्तावेज सत्यापन” पर रखा गया है। सरकार का लक्ष्य प्रदेशभर में करीब 70 हजार पदों पर अतिथि शिक्षकों की भर्ती करना है। लेकिन इस बार नियम साफ है -“नो वेरिफिकेशन, नो स्कोर कार्ड”।
भर्ती प्रक्रिया में क्या बदला?
अब सिर्फ प्रोफाइल बनाना काफी नहीं स्कूल शिक्षा विभाग ने जीएफएमएस पोर्टल पर प्रोफाइल अपडेट और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद मूल दस्तावेजों का फिजिकल वेरिफिकेशन भी कराना होगा। यानी केवल ऑनलाइन एंट्री से चयन प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी।
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विभाग ने पोर्टल में किए कई बड़े बदलाव
इस बार GFMS Portal 3.0 में कई नए फीचर्स और नियम जोड़े गए हैं। अब अभ्यर्थियों को बोर्ड और यूनिवर्सिटी का नाम अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। इसके साथ ही पुराने अनुभव को भी नए पोर्टल पर अपडेट करना जरूरी रहेगा।
पुराने गेस्ट टीचर्स को क्या फायदा मिलेगा?
जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का अनुभव जुड़ सकेगा। जो अभ्यर्थी पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कार्य कर चुके हैं, वे अपना अनुभव पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। इस अनुभव का फायदा मेरिट और स्कोरिंग सिस्टम में मिल सकता है।
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डुप्लीकेट आईडी वालों को राहत
कई अभ्यर्थियों की एक से ज्यादा आईडी बनने की शिकायतें सामने आई थीं। इसे देखते हुए विभाग ने 22 मई से 28 मई 2026 तक आईडी मर्ज करने की सुविधा दी है। इसी अवधि में प्रोफाइल लॉक और सत्यापन प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।
इस बार विभाग ने क्यों दिखाई सख्ती?
फर्जी दस्तावेजों पर सीधा रिजेक्शन स्कूल शिक्षा विभाग इस बार चयन प्रक्रिया को लेकर ज्यादा सख्त नजर आ रहा है।
दस्तावेज अपलोड करने के बाद संकुल प्राचार्य मूल प्रमाण पत्रों से मिलान करेंगे। यदि जानकारी गलत मिली या योग्यता अधूरी पाई गई, तो आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा।
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भूगोल विषय वालों के लिए अलग निर्देश
हायर सेकंडरी के कला संकाय में भूगोल विषय वाले अभ्यर्थियों को “Art with Geography” विकल्प चुनना होगा। गलत विषय चयन करने पर आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
किन विषयों में सबसे ज्यादा जरूरत?
अंग्रेजी, गणित और संस्कृत में भारी कमी विभाग की सूची के मुताबिक माध्यमिक शिक्षक वर्ग में सबसे ज्यादा रिक्तियां अंग्रेजी, गणित और संस्कृत विषय में हैं। इन्हीं विषयों में नियमित शिक्षकों की कमी के कारण कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। सरकार अब नए सत्र से पहले इस गैप को भरने की कोशिश में है।
स्कूल खुलते ही भर्ती प्रक्रिया पकड़ेगी रफ्तार
16 जून से नए शैक्षणिक सत्र के साथ स्कूल खुलेंगे। इसके बाद अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया और तेज की जाएगी। सरकार का लक्ष्य 1 जुलाई तक स्कूलों में गेस्ट टीचर्स की पदस्थापना पूरी करने का है।
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अतिथि शिक्षकों की क्या हैं बड़ी मांगें?
भर्ती प्रक्रिया के बीच अतिथि शिक्षक संगठन नियमितीकरण, सेवा अवधि बढ़ाने और 62 वर्ष तक कार्य करने जैसी मांगें भी उठा रहे हैं। हालांकि फिलहाल सरकार का पूरा फोकस नए सत्र से पहले स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है।
70 हजार अतिथि शिक्षकों की भर्ती तैयारी
- GFMS Portal 3.0 पर प्रोफाइल अपडेट शुरू
- बिना दस्तावेज सत्यापन स्कोर कार्ड नहीं मिलेगा
- 22 से 28 मई तक आईडी मर्ज की सुविधा
- अंग्रेजी, गणित और संस्कृत में सबसे ज्यादा रिक्तियां
- 1 जुलाई तक स्कूलों में पदस्थापना का लक्ष्य
- फर्जी जानकारी मिलने पर आवेदन तत्काल निरस्त होगा