मध्यप्रदेश के चार हजार स्कूलों में शुरू होगा हैप्पीनेस कोर्स, छात्र अब पढ़ेंगे आनंद का पाठ
अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस पर मध्यप्रदेश सरकार एक अनोखा कदम उठाने जा रही है। अब प्रदेश के बच्चों को गणित और विज्ञान के साथ-साथ खुश रहने की कला भी सिखाई जाएगी।
ये कोर्स बच्चों के मानसिक विकास और स्ट्रेस-फ्री लाइफस्टाइल पर फोकस करेगा। खास बात ये है कि एमपी अपना खुद का हैप्पीनेस इंडेक्स भी ला रहा है। इसमें IIT Kharagpur की मदद से लोगों की खुशहाली को 17 अलग-अलग नॉर्म पर मापा जाएगा।
स्कूलों में शुरू होगा आनंद का नया सफर
राज्य सरकार ने 9वीं और 10वीं कक्षा के लिए खास कोर्स बनाया है। स्टेट आनंद संसथान ने इसके लिए एक खास वैल्यू एजुकेशन कोर्स तैयार किया है। शुरुआत में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चार हजार स्कूलों में लागू करेंगे।
इस कोर्स में कुल 32 लेक्चर का एक विशेष मॉड्यूल तैयार किया गया है। इस लेक्चर में बच्चों को तनाव मुक्त रहने और खुश रहने के तरीके सिखाए जाएंगे।
कैसा होगा एमपी का हैप्पीनेस इंडेक्स
बता दें कि एमपी सरकार अब ये भी पता लगाएगी कि कौन कितना खुश (मध्यप्रदेश में हैप्पीनेस इंडेक्स) है। इसके लिए प्रदेश का अपना हैप्पीनेस इंडेक्स जारी किया जाएगा। यह इंडेक्स साल 2026-27 तक जनता के सामने आ जाएगा।
इसके लिए 17 मेन स्टैण्डर्ड या सवाल तय किए गए हैं। इनमें आपकी सेहत, आय, सुरक्षा और मानसिक शांति जैसे पहलू शामिल हैं। इस सर्वे की निगरानी IIT Kharagpur के विशेषज्ञ अधिकारी करेंगे।
पायलट सर्वे के लिए भोपाल, इंदौर और छिंदवाड़ा जैसे जिले चुने गए हैं। सर्वे में लैंगिक इक्वलिटी और गुड गवर्नेंस जैसे विषयों पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे पता चलेगा कि किस जिले के लोग सबसे ज्यादा संतुष्ट हैं।
10 साल का सफल सफर
मध्यप्रदेश का आनंद विभाग इस साल अपने 10 साल पूरे कर रहा है। आज भोपाल में आनंद के आयाम विषय पर बड़ा सेमिनार हो रहा है। इसमें कई राज्यों के मुख्य सचिव शामिल हो रहे हैं।
इसमें रामचंद्र मिशन के अध्यक्ष कमलेश डी पटेल भी मौजूद रहेंगे। विभाग से अब तक 1.41 लाख वालंटियर्स जुड़ चुके हैं। विभाग का बजट भी अब काफी बढ़ चुका है।
पहले यह 2 करोड़ था, जो अब 15.30 करोड़ हो गया है। हालांकि, विभाग अभी भी कम कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है। केवल 28 कर्मचारी ही इस पूरे संस्थान की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स
क्या है अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस
International Day of Happiness यानी अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस हर साल 20 मार्च को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत UN ने 2013 में की थी। लेकिन इसका असली आइडिया भूटान देश से आया था।
भूटान दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने तरक्की को पैसों (GDP) से नहीं, बल्कि ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस से मापना शुरू किया। इसे मनाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया को ये समझाना है कि खुशी एक बुनियादी मानव अधिकार है। केवल आर्थिक विकास काफी नहीं है।
इंसान की भलाई और मानसिक शांति भी बहुत जरूरी है। ये दिन हमें याद दिलाता है कि छोटी-छोटी चीजों में खुशी ढूंढनी चाहिए। 2012 में एक प्रस्ताव पास हुआ था।
उसके बाद से पूरी दुनिया इसे एक उत्सव की तरह मनाती है। इस दिन स्कूल, ऑफिस और संस्थाएं मिलकर मेंटल हेल्थ और पॉजिटिविटी पर चर्चा करते हैं। यह दिन लोगों के बीच प्यार और भाईचारा बढ़ाने का एक बड़ा जरिया है।
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