एमपी की कंपनी देशभर के सबसे बड़े लोन डिफॉल्टरों में शामिल, दो ने डकारे 8 हजार 349 करोड़
Aman Vaishnav | Mar 20, 2026, 09:06 IST
mp top bank loan willful defaulters list
मध्य प्रदेश की कई बड़ी कंपनियां देश भर में इरादतन ऋण न चुकाने वालों की टॉप-10 लिस्ट में शामिल हो गई हैं। ये कंपनियां बैंकों से अरबों रुपए का कर्ज लेकर उसे चुकाने में लगातार नाकाम रही हैं। जानिए इस लिस्ट में कौन कौन सी कंपनियां शामिल हैं।
मध्य प्रदेश की कंपनियां देशभर में इरादतन ऋण न चुकाने वालों की टॉप-10 लिस्ट में शामिल हो गई हैं। ये कंपनियां अरबों रुपए का बकाया दबाए बैठी हैं। संसद में 2014 से लेकर 2025 तक के लोन न चुकाने वालों की जानकारी मांगी गई थी। 27 फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ मध्य प्रदेश से जुड़ी दो कंपनियों पर ही करीब 8 हजार 349 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है।
संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक देश के सबसे बड़े 10 डिफॉल्टरों में से मध्य प्रदेश से जुड़ी हुई कंपनियां इस लिस्ट में शामिल हैं।
बीटा नेफ्थोल -
कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस इंदौर के सपना संगीता रोड पर है। इसकी मुख्य फैक्ट्री खरगोन जिले के बड़वाह में स्थित थी। कंपनी ने कई बैंकों से वर्किंग कैपिटल और टर्म लोन लिया था, लेकिन इस पर इन पैसों को अपने कारोबार में लगाने के बजाय दूसरे कामों में इस्तेमाल करने का आरोप है। 2014 से यह कंपनी इरादतन चूककर्ता (willful defaulter) के रूप में मानी जा रही है।
बैंक ने इसे इरादतन चूककर्ता घोषित कर इसकी संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। फिलहाल यह कंपनी परिसमापन की प्रक्रिया से गुजर रही है। साथ ही प्रमोटरों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
गिल्ट पैक लिमिटेड -
यह कंपनी धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र (सेक्टर-1) में स्थित है। इसका मुख्य कार्यालय इंदौर के तुकोगंज में रहा है। इस कंपनी पर बैंक लोन की किश्तें जानबूझकर नहीं चुकाने और वित्तीय गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगे हैं।
सेबी (SEBI) ने कंपनी और इसके निदेशकों को शेयर बाजार में काम करने से रोक दिया है। बैंक ने इनकी क्रेडिट सुविधा पूरी तरह से बंद कर दी है।
इस कंपनी का मुख्यालय मुंबई में था, लेकिन इसकी बड़ी फैक्ट्रियां देवास और खंडवा में थीं। कंपनी पर भारी कर्ज चुकाने में नाकाम रहने और फंड की हेराफेरी करने के आरोप लगे थे। 2015 में यह कंपनी टॉप-10 की लिस्ट में 5वें नंबर पर थी।
SFIO (सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस) ने इस ग्रुप के खिलाफ जांच की थी। देवास में इनकी मिलों को बैंकों ने अपने कब्जे में ले लिया था और फिर नीलामी करने की कोशिश की थी।
रूची सोया का मुख्यालय इंदौर में ही था। साल 2019 की रिपोर्ट में यह 1,62,398 लाख रुपए के बकाए के साथ टॉप-10 कंपनियों में थी। सीबीआई (CBI) और अन्य एजेंसियों की जांच के बाद कंपनी दिवाला संहिता (IBC) के तहत चली गई। बैंकों का बकाया वसूलने के लिए इसका अधिग्रहण पतंजलि आयुर्वेद द्वारा किया गया।
देश के सबसे बड़े बकाएदारों में से एक जूम डेवलपर्स का गहरा संबंध मध्य प्रदेश से है। इसके खिलाफ जांच एजेंसियों ने अब तक कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। इस कंपनी का पंजीकृत कार्यालय इंदौर के यसंवत निवास रोड पर स्थित है। यह कंपनी RoC-ग्वालियर के पास पंजीकृत है।
इसके प्रमोटर विजय चौधरी का मुख्य कारोबार भी इंदौर में ही रहा है। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार जूम डेवलपर्स कंपनी 2014, 2015 और 2016 में देश के टॉप-10 इरादतन चूककर्ताओं की लिस्ट में सबसे ऊपर रही थी।
भारत की बड़ी जांच एजेंसियों ने जूम डेवलपर्स के खिलाफ कार्रवाई की है। ईडी, सीबीआई, इंटरपोल और बैंकों ने मिलकर ज़ूम डेवलपर्स पर एक्शन लिया है।
ईडी ने इस कंपनी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। जांच में पता चला है कि कंपनी ने बैंकों से लोन लिया और फिर उसे विदेशों में फर्जी कंपनियां बना कर भेज दिया।
ईडी ने इंदौर समेत देश के कई शहरों में इनकी करोड़ों की संपत्तियां जब्त की हैं। साथ ही सीबीआई ने बैंकों के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में एक कंपनी के प्रमोटरों के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की हैं।
इंटरपोल ने कंपनी के मालिक विजय चौधरी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।
कंपनियों पर वर्षवार बकाया लिस्ट
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संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक देश के सबसे बड़े 10 डिफॉल्टरों में से मध्य प्रदेश से जुड़ी हुई कंपनियां इस लिस्ट में शामिल हैं।
बीटा नेफ्थोल - खरगोन
बैंक ने इसे इरादतन चूककर्ता घोषित कर इसकी संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। फिलहाल यह कंपनी परिसमापन की प्रक्रिया से गुजर रही है। साथ ही प्रमोटरों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
गिल्ट पैक लिमिटेड - पीथमपुर
सेबी (SEBI) ने कंपनी और इसके निदेशकों को शेयर बाजार में काम करने से रोक दिया है। बैंक ने इनकी क्रेडिट सुविधा पूरी तरह से बंद कर दी है।
एस कुमार्स - खंडवा और देवास
SFIO (सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस) ने इस ग्रुप के खिलाफ जांच की थी। देवास में इनकी मिलों को बैंकों ने अपने कब्जे में ले लिया था और फिर नीलामी करने की कोशिश की थी।
रूची सोया - इंदौर
जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड
इसके प्रमोटर विजय चौधरी का मुख्य कारोबार भी इंदौर में ही रहा है। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार जूम डेवलपर्स कंपनी 2014, 2015 और 2016 में देश के टॉप-10 इरादतन चूककर्ताओं की लिस्ट में सबसे ऊपर रही थी।
भारत की बड़ी जांच एजेंसियों ने जूम डेवलपर्स के खिलाफ कार्रवाई की है। ईडी, सीबीआई, इंटरपोल और बैंकों ने मिलकर ज़ूम डेवलपर्स पर एक्शन लिया है।
लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज
ईडी ने इंदौर समेत देश के कई शहरों में इनकी करोड़ों की संपत्तियां जब्त की हैं। साथ ही सीबीआई ने बैंकों के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में एक कंपनी के प्रमोटरों के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की हैं।
इंटरपोल ने कंपनी के मालिक विजय चौधरी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।
कंपनियों पर वर्षवार बकाया लिस्ट
| वर्ष (31 मार्च की स्थिति) | कंपनी/बकायेदार का नाम | बकाया राशि (लाख में) | मध्य प्रदेश से संबंध और मुख्यालय |
| 2014 | बीटा नेफ्थोल | 69,240 | मुख्यालय:इंदौर (सपना संगीता रोड)। औद्योगिक इकाई बड़वाह (खरगोन) में स्थित थी। |
| 2015 | बीटा नेफ्थोल | 77,431 | खरगोन:यह कंपनी मप्र की सबसे पुरानी बड़ी डिफॉल्टर है। |
| 2015 | एस कुमार्स नेशनवाइड (SKNL) | 70,193 | देवास/खंडवा:इसकी बड़ी टेक्सटाइल मिलें देवास और खंडवा में संचालित थीं। |
| 2016 | बीटा नेफ्थोल | 99,684 | इंदौर:RoC-ग्वालियर के पास पंजीकृत और इंदौर से संचालित। |
| 2018 | बीटा नेफ्थोल | 1,44,304 | बड़वाह:फैक्ट्री क्षेत्र में बैंक ने वसूली के लिए कुर्की की कार्यवाही शुरू की। |
| 2019 | बीटा नेफ्थोल | 1,73,613 | खरगोन:लगातार पांच वर्षों से टॉप-10 की सूची में बनी रही। |
| 2019 | रूची सोया इंडस्ट्रीज | 1,62,398 | इंदौर:इसका जन्म और मुख्यालय इंदौर में ही था। |
| 2021 | बीटा नेफ्थोल | 2,51,411 | इंदौर:बकाया राशि बढ़कर 2,500 करोड़ के पार पहुंची। |
| 2021 | शक्ति भोग फूड्स | 2,34,155 | नर्मदापुरम:होशंगाबाद (नर्मदापुरम) में इसकी बड़ी उत्पादन इकाइयां और मिलें थीं। |
| 2022 | बीटा नेफ्थोल | 3,02,457 | खरगोन:देश के टॉप-3 डिफॉल्टरों में शामिल हुई। |
| 2024 | गिल्ट पैक लिमिटेड | 2,84,583 | पीथमपुर (धार):धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी फैक्ट्री और इंदौर में ऑफिस। |
| 2025 | बीटा नेफ्थोल | 5,26,848 | इंदौर/खरगोन:वर्तमान में देश की तीसरी सबसे बड़ी डिफॉल्टर। |
| 2025 | गिल्ट पैक लिमिटेड | 3,08,071 | पीथमपुर:पीथमपुर सेक्टर-1 स्थित इकाई के कारण टॉप-10 में बरकरार। |
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