OMG! जिस राजपुर में सीएचसी ही नहीं, वहां सरकार ने भेज दिए 15 लाख के उपकरण और फर्नीचर
यह मामला सीएचसी (CHC – Community Health Centre) और पीएचसी (PHC – Primary Health Centre) की खरीदी से जुड़ा है। इन केंद्रों के लिए चिकित्सा उपकरण और फर्नीचर खरीदा जाना है। इसके लिए भोपाल के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के मुख्य कार्यालय ने बजट दिया है। इसकी जिलेवार सूची भी जारी हुई है।
समझें क्या है पूरा मामला
- प्रदेश के सीएचसी और पीएचसी के लिए उपकरण और फर्नीचर खरीदे जाने हैं।
- भोपाल के विभाग के मुख्य कार्यालय ने इसके लिए जिलेवार बजट और सूची जारी की।
- सूची में गुना जिले के नीचे सीएचसी राजपुर का नाम दर्ज है।
- गुना सीएमएचओ के मुताबिक जिले में इस नाम की कोई संस्था नहीं है।
- उन्होंने गुरुवार को पत्र लिखकर संचालनालय से मार्गदर्शन मांगा है।
जो अस्पताल है ही नहीं उसका बजट कैसे बना
गुना न्यूज की यह खबर एक सरकारी सूची से निकली है। सूची का नाम एफवाई 2025-26 अपग्रेडेड-न्यू फैसिलिटी कैटेगरी सी कॉन्सिग्नी डिस्ट्रिक्ट वाइज है। इसमें गुना जिले के नीचे सीएचसी राजपुर को स्वास्थ्य संस्था बताया गया है।
इस केंद्र के लिए बड़ी संख्या में उपकरण और फर्नीचर तय किए गए। सवाल यह है कि जो अस्पताल है ही नहीं उसका बजट कैसे बना?
CHC राजपुर के लिए सामग्री की सूची
| सामग्री | श्रेणी | कोड | संख्या |
|---|---|---|---|
| Examination Light | Equipment | C | 1 |
| LED Torch | Equipment (OTM) | C | 8 |
| Tuning Fork (156) | Instrument | C | 1 |
| Percussion Hammer | Instrument | C | 1 |
| Laryngoscope LED (Adult, दोनों ब्लेड) | Instrument | C | 1 |
| X-ray View Box | Instrument | C | 2 |
| Digital Clock | Equipment (OTM) | C | 1 |
| Wall Mounted Height Measuring Scale | Equipment | C | 2 |
| Revolving Chair | Furniture | C | 5 |
| Office Table | Furniture | C | 5 |
| Office Chair | Furniture | C | 10 |
| BMW Dustbin | Material | C | 9 |
| Visitor Chair 3 Seater | Equipment | C | 3 |
| Water Cooler | Equipment (OTM) | C | 2 |
| Staff Locker | Furniture | C | 2 |
| Office Dustbin | Material | C | 4 |
| Iron Rack | Furniture | C | 8 |
| Iron Almirah | Furniture | C | 8 |
उप संचालक के हस्ताक्षर से जारी हुआ आदेश
सूची अस्पताल प्रशासन शाखा के आदेश के साथ जिलों को भेजी गई है। आदेश पर उप संचालक, अस्पताल प्रशासन के हस्ताक्षर हैं। यानी यह सूची राज्य स्तर से जिलों तक पहुंची है। एमपी हॉस्पिटल इक्विपमेंट बजट की यह सूची वित्त वर्ष 2025-26 की है।
गुना को मिला 14.62 लाख का बजट
आदेश के साथ कैटेगरी सी का जिलावार बजट विवरण भी लगा है। इसमें सीएमएचओ (Chief Medical and Health Officer) गुना के लिए 14 लाख 62 हजार 552 रुपए दर्ज हैं। यानी जिले के खाते में करीब 14.62 लाख का बजट आया है।
दस्तावेज से साफ नहीं है कि पूरी राशि सिर्फ सीएचसी राजपुर के लिए थी। यह पूरे जिले का आवंटन भी हो सकता है। पूरे प्रदेश में कैटेगरी सी के तहत 7.17 करोड़ रुपए का आवंटन दर्ज है। यानी हर 100 रुपए में गुना का हिस्सा करीब 2 रुपए है।
सीएमएचओ बोले, पूरे जिले के लिए है यह बजट
गैप असेसमेंट का रिकॉर्ड कहां है?
लेकिन असली सवाल यहीं से शुरू होता है। माना जा रहा है कि आवंटन से पहले हर जिले से डिमांड मांगी गई होगी। तो सीएचसी राजपुर के नाम से डिमांड कहां से गई? आवंटन किस प्रक्रिया से हुआ, यह भी साफ नहीं है। उपलब्ध डॉक्यूमेंट में गैप असेसमेंट (उपकरणों की कमी का आकलन) का कोई रिकॉर्ड नहीं दिखाया गया है।
फैसिलिटी वेरिफिकेशन (केंद्र की मौके पर जांच) पर भी सवाल उठ रहे हैं। सीएचसी राजपुर में पहले से क्या था और क्या नहीं, इसका ब्योरा नहीं मिला है। हर सामान की संख्या किस आधार पर तय हुई, यह भी साफ नहीं है।
स्वास्थ्य केंद्र बजट आवंटन में गड़बड़ी
सीएचसी पीएचसी उपकरण खरीदी का मकसद मरीजों तक बेहतर इलाज पहुंचाना है। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र बजट आवंटन में गड़बड़ी के सवाल हल्के नहीं हैं। फिर भी, इस मामले में अभी किसी की जिम्मेदारी तय नहीं हुई है।
अब संचालनालय के जवाब का इंतजार
एमपी हेल्थ डिपार्टमेंट के संचालनालय का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग मध्यप्रदेश के जवाब से ही साफ होगा कि सूची में यह नाम कैसे जुड़ा। तब तक गुना के उपकरणों पर अगला कदम संचालनालय के मार्गदर्शन पर टिका है।
यह खबर क्यों जरूरी है
संविधान का अनुच्छेद 47 राज्य को जन स्वास्थ्य सुधारने की जिम्मेदारी देता है। सीएचसी और पीएचसी इसी जिम्मेदारी की पहली कड़ी हैं। इनके लिए खरीदा गया हर उपकरण जनता के पैसे से आता है। अगर सूची में ऐसा केंद्र दर्ज हो, जो जिले में है ही नहीं, तो पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठता है। यह खबर सरकारी खरीदी में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत दिखाती है।
FAQs
- गुना में सीएचसी राजपुर का नाम सूची में क्यों शामिल किया गया है, जबकि यह स्वास्थ्य केंद्र वहां मौजूद नहीं है?
गुना में सीएचसी राजपुर का नाम एक सरकारी सूची में शामिल किया गया है, लेकिन सीएमएचओ ने स्पष्ट किया है कि जिले में इस नाम का कोई स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। इस संदर्भ में, सीएमएचओ ने संचालनालय को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है। - क्या बजट आवंटन में समस्या की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
अगर सूची में ऐसा केंद्र शामिल है जो मौजूद नहीं है, तो इससे बजट आवंटन की पारदर्शिता पर सवाल उठता है। यह बजट जिले के लिए है, लेकिन अगर कोई बजट गलत स्थान पर आवंटित हुआ है, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार में रुकावट डाल सकता है। - इस विवाद का जिम्मेदार कौन है और आगे की कार्रवाई क्या होगी?
अभी तक किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। एमपी स्वास्थ्य विभाग के संचालनालय का जवाब इस बात का निर्धारण करेगा कि सूची में सीएचसी राजपुर का नाम कैसे जुड़ा। आगे की कार्रवाई संचालनालय के मार्गदर्शन पर निर्भर करेगी।