96 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा 1400 करोड़ एरियर्स, MP हाई कोर्ट का फैसला

Manya Jain | Jul 08, 2026, 15:45 IST
mp high court anganwadi honorarium relief
मप्र हाई कोर्ट ने 96 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को 1400 करोड़ रुपए एरियर्स देने का आदेश दिया है। ब्याज देने का आदेश रद्द कर दिया गया है।

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उनके मानदेय में हुई कटौती को गलत ठहराया है। यह फैसला प्रदेशभर की हजारों महिला कर्मियों के लिए राहत लेकर आया है। यह मामला जबलपुर हाई कोर्ट में लंबे समय से चल रहा था। अब युगलपीठ ने इस पर अहम टिप्पणी की है।



किसने सुनाया फैसला

यह फैसला जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिसबीपी शर्मा की युगलपीठ ने सुनाया। यह सुनवाई राज्य सरकार की अपील पर हुई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार की अपील को केवल आंशिक रूप से स्वीकार किया।



क्या था पूरा विवाद

यह मामला मप्र बुलंद आवाज नारी शक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका संगठन, भोपाल की याचिका से जुड़ा है। संगठन ने 27 जून 2019 के बाद की व्यवस्था को चुनौती दी थी।



याचिका के मुताबिक केंद्र सरकार ने उस समय अपना अंशदान बढ़ाया था। लेकिन राज्य सरकार ने अपने हिस्से में उतनी ही कटौती कर दी। इस वजह से कार्यकर्ताओं को मिलने वाला कुल मानदेय लगभग पहले जैसा ही रह गया। केंद्र की बढ़ी हुई सहायता का असली फायदा उन्हें कभी नहीं मिल पाया।



एकलपीठ ने पहले क्या कहा था

इससे पहले हाई कोर्ट की एकलपीठ ने 3 फरवरी 2026 को अहम आदेश दिया था। एकलपीठ ने राज्य सरकार को 27 जून 2019 से पहले की व्यवस्था के अनुसार मानदेय बहाल करने को कहा था। साथ ही छह महीने के भीतर ब्याज सहित एरियर देने के निर्देश भी दिए गए थे।



युगलपीठ ने क्या बदला

युगलपीठ ने एकलपीठ के मुख्य आदेश को सही ठहराया है। कोर्ट ने साफ कहा कि मानदेय बहाली और एरियर भुगतान का आदेश बरकरार रहेगा। हालांकि कोर्ट ने ब्याज वाले हिस्से में संशोधन कर दिया है।



कोर्ट के अनुसार मूल याचिका में ब्याज देने का पर्याप्त कानूनी आधार मौजूद नहीं था। इसी वजह से ब्याज संबंधी निर्देश को निरस्त कर दिया गया। अब कार्यकर्ताओं को एरियर तो मिलेगा, लेकिन उस पर ब्याज नहीं मिलेगा।



कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को अपने पूर्व अंशदान की व्यवस्था बनाए रखनी होगी। साथ ही पात्र आंगनबाड़ी कर्मियों को ग्रेच्युटी का लाभ भी दिया जाएगा।



किसने रखा सरकार का पक्ष

राज्य शासन की ओर से इस मामले में उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद यह संतुलित फैसला दिया।



किसे मिलेगा फायदा

इस फैसले से प्रदेश की करीब 96 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को फायदा होगा। सभी को 2019 से 2023 तक का 48 महीने का बकाया एरियर्स मिलेगा। हालांकि इस राशि पर कोई ब्याज नहीं जुड़ेगा। ग्रेच्युटी का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।



यह फैसला सिर्फ वेतन विवाद तक सीमित नहीं है। इसने केंद्र और राज्य सरकार की वित्तीय हिस्सेदारी के सिद्धांत को भी साफ किया है। कोर्ट ने संकेत दिया कि केंद्र की बढ़ाई गई आर्थिक सहायता को राज्य सरकार अपने अंशदान में कटौती का आधार नहीं बना सकती।



ये भी पढ़ें...



MPPSC में पदोन्नति के लिए रोज डीपीसी, पांच विभागों में और 150 से ज्यादा पदोन्नत



सौरव गांगुली की बायोपिक दादा का फर्स्ट लुक आउट, राजकुमार राव निभाएंगे रोल



CG पैरामेडिकल एडमिशन 2026 : अब NEET पास करना जरुरी होगा



SMS मेडिकल कॉलेज के एचओडी ने की आत्महत्या , घर में फंदे से लटके मिले



Tags:
  • मध्यप्रदेश हाई कोर्ट
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
  • राज्य सरकार
  • एरियर
  • जबलपुर हाई कोर्ट
  • जस्टिस आनंद पाठक
  • नारी शक्ति