MP हाई कोर्ट में शुरू हुआ फ्रेगमेंटेशन टू फ्यूजन, अब सुनवाई के लिए नहीं मिलेगी तारीख पे तारीख
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अदालतों में लंबित मामलों को निपटाने के लिए डिजिटल प्रयोग शुरू किया है।
- इस नई डिजिटल पहल का नाम 'फ्रेगमेंटेशन टू फ्यूजन' रखा गया है।
- न्याय व्यवस्था से जुड़े सभी विभाग अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।
- सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत 16 मई को इस खास कार्यक्रम का लोकार्पण कर रहे हैं।
- इस व्यवस्था से जजों को एक क्लिक पर केस की पूरी जानकारी मिल जाएगी।
अदालतों में तारीख पर तारीख का दौर होगा खत्म
अदालतों में सालों साल केस चलना अब पुरानी बात होने जा रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट न्याय प्रणाली में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब पहली ही तारीख पर जज के सामने केस से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी मौजूद होगी।
इस नए सिस्टम से आम जनता को बहुत जल्द इंसाफ मिल सकेगा। हाई कोर्ट ने अलग-अलग विभागों को एक साथ जोड़ने के लिए नया कदम उठाया है। इस पूरी डिजिटल न्याय प्रणालीको फ्रेगमेंटेशन टू फ्यूजन नाम दिया गया है।
लंबित मामलों को तेजी से सुलझाने की पहल
इस समय मध्य प्रदेश की विभिन्न अदालतों में 4 लाख 62 हजार मामले लंबित हैं। इन मामलों को तेजी से निपटाने के लिए लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। लोक अदालत और मध्यस्थता के जरिए भी कई विवाद सुलझाए जा रहे हैं।
पुराने पेंडिंग मामलों को अब प्राथमिकता के आधार पर सुना जा रहा है। इस डिजिटल कोशिश से मुकदमों की पेंडेंसी को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी। वकीलों और फरियादियों का कीमती समय भी खराब होने से बचेगा।
क्या है फ्रेगमेंटेशन टू फ्यूजन डिजिटल प्लेटफॉर्म?
अक्सर जजों के सामने केस से जुड़ी हर विभाग की जानकारी तुरंत नहीं मिल पाती थी। पुलिस, जेल और अन्य विभागों से रिपोर्ट आने में बहुत समय लग जाता था। इस वजह से जजों को मजबूरन अगली तारीख देनी पड़ती थी।
इसी बड़ी समस्या को हल करने के लिए यह नया यूनाइटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया गया है। अब एक सिंगल क्लिक करते ही पूरी जानकारी जज के कंप्यूटर स्क्रीन पर आ जाएगी। इससे अदालती कार्रवाई में पारदर्शिता और तेजी दोनों बढ़ेगी।
जबलपुर में हुआ डिजिटल शुभारंभ
इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट का उद्घाटन 16 मई को जबलपुर में किया गया। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने इसका भव्य लोकार्पण किया। कार्यक्रम का आयोजन नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में हुआ।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी शामिल हुए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कई सम्मानित जज इस मौके पर मौजूद रहे।
देशभर में मॉडल बनेगा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का प्रयोग
मध्य प्रदेश में होने वाला यह डिजिटल प्रयोग पूरे देश में पहला माना जा रहा है। इस व्यवस्था के लागू होने से न्याय प्रक्रिया बेहद आसान और तेज हो जाएगी। कम समय में लोगों को सही और सटीक न्याय मिल सकेगा।
जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी इस नए डिजिटल सिस्टम की तारीफ की है। मध्य प्रदेश में सफल होने के बाद इसे दूसरे राज्यों में भी लागू किया जा सकता है।
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