हाईकोर्ट के वकीलों-कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, रक्षाबंधन पर मिली 5 दिनों की छुट्टी
मप्र उच्च न्यायालयके वकीलों और अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए रक्षाबंधन का त्योहार इस बार दोगुनी खुशियां लेकर आया है। हाईकोर्ट प्रशासन ने अधिवक्ताओं की मांग को स्वीकार करते हुए 27 अगस्त 2026 (गुरुवार) को भी अवकाश घोषित कर दिया है। इसके साथ ही अब हाईकोर्ट में लगातार 5 दिनों की लंबी छुट्टियां (Mini Vacation) हो गई हैं।
1 दिन की मांग से कैसे बनी 5 दिनों की लंबी छुट्टी
दरअसल, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ (MP High Court Bar Association) के कार्यवाहक अध्यक्ष अमित जैन एवं सचिव पारितोष त्रिवेदी ने 20 अगस्त 2026 को एक्टिंग चीफ जस्टिस को एक ज्ञापन सौंपा था।
यह था हाईकोर्ट का कैलेंडर
- 26 अगस्त (बुधवार): ईद-मिलाद-उन-नबी का पूर्व घोषित अवकाश।
- 27 अगस्त (गुरुवार): कार्यदिवस (Working Day) तय था।
- 28 अगस्त (शुक्रवार): रक्षाबंधन का त्योहार/अवकाश।
- 29 व 30 अगस्त (शनिवार-रविवार): साप्ताहिक अवकाश।
बीच में केवल 27 अगस्त (गुरुवार) ही ऐसा दिन था जब अदालतें खुलनी थीं। चूंकि जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर में बड़ी संख्या में ऐसे अधिवक्ता और कर्मचारी कार्यरत हैं जो दूर-दराज के जिलों या अन्य राज्यों से आते हैं, इसलिए 27 अगस्त का केवल एक वर्किंग डे होने की वजह से वे अपने घर जाने में असमर्थ थे।
अधिवक्ता संघ की पहल लाई रंग
बार एसोसिएशन ने पत्र लिखकर मांग की थी कि यदि 27 अगस्त को अवकाश घोषित कर दिया जाए, तो जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर पीठ के अधिवक्ताओं को रक्षाबंधन पर अपने घर जाने का अवसर मिल सकेगा और उन्हें लगातार 5 दिन की राहत मिलेगी।
हाईकोर्ट ने जारी की आधिकारिक अधिसूचना
अधिवक्ताओं और हाईकोर्ट के कर्मचारी की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस के आदेशानुसार रजिस्ट्रार जनरल धर्मिंदर सिंह द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।
अब 27 अगस्त 2026 (गुरुवार) को मुख्य पीठ जबलपुर तथा इंदौर व ग्वालियर खंडपीठ और रजिस्ट्री हेतु अवकाश रहेगा। इस अवकाश की भरपाई के लिए 19 सितंबर 2026 (शनिवार) को कार्यदिवस (Working Day) घोषित किया गया है।
रक्षाबंधन पर HC कर्मियों और वकीलों को मिली बड़ी राहत
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत एक छोटी मांग से हुई। बार ने केवल 27 अगस्त की छुट्टी मांगी थी। मांग मानने से पांच दिन का लगातार अवकाश बन गया। इससे त्योहार पर परिवार के साथ समय मिल सकेगा।
दूर रहने वाले वकीलों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी यात्रा आसान होगी। हालांकि 19 सितंबर को काम करना होगा। यही इस अतिरिक्त छुट्टी की मुख्य शर्त है।
ये भी पढ़ें...
लिव-इन रिलेशनशिप रिश्ता शादी जैसा, माता-पिता या दोस्त नहीं दे सकते दखल-हाईकोर्ट
हाईकोर्ट की निगरानी में खुला नर्सिंग कॉलेज घोटाला, 800 में से 200 ही निकले पात्र
हाईकोर्ट ने रोकी परीक्षा रद्द करने की कार्रवाई, सरकार के विरोध में बड़ा फैसला
एमपी हाईकोर्ट में बंपर भर्ती: असिस्टेंट ग्रेड 3 के 1174 पदों पर मौका, आवेदन शुरू