NHAI लगाएगा स्मार्ट लाइट सिस्टम: बंद होते ही मिलेगा अलर्ट, 48 घंटे में सुधरेगी
समझें क्या है पूरा मामला...
MP के हाईवे पर अब हर लाइट पर डिजिटल नजर रहेगी।
एक लाइट खराब होते ही कंट्रोल रूम को अलर्ट मिलेगा।
NHAI लगाएगा CCMS, रिमोट से स्ट्रीट लाइट चलेंगी।
13 शहरों के हाईवे कॉरिडोर स्मार्ट निगरानी में शामिल होंगे।
नेटवर्क फेल होने पर भी हाईवे की लाइटें नहीं बुझेंगी।
NHAI मध्य प्रदेश के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर CCMS सिस्टम लागू करने जा रहा है। इससे हर स्ट्रीट लाइट की निगरानी रियल टाइम में हो सकेगी।
कोई लाइट खराब होते ही कंट्रोल रूम को तुरंत जानकारी मिलेगी। लाइटों को जरूरत पड़ने पर रिमोट से भी नियंत्रित किया जा सकेगा। भोपाल में इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
मध्यप्रदेश में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे की स्ट्रीट लाइटों की निगरानी अब तक पेट्रोलिंग वाहनों के भरोसे होती थी। इस वजह से खराब लाइट की जानकारी मिलने में अक्सर देरी होती थी। अब स्मार्ट लाइट सिस्टम सेव्यवस्था पूरी तरह बदलने वाली है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) प्रदेश में सेंट्रल कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CCMS) लागू करने जा रहा है। इसके दायरे में ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, खंडवा, रीवा, रतलाम, सागर, उज्जैन और विदिशा जैसे शहरों से गुजरने वाले हाईवे कॉरिडोर शामिल होंगे।
टेंडर प्रक्रिया शुरू, पांच साल जिम्मेदारी
NHAI के भोपाल स्थित रीजनल कार्यालय ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। चयनित एजेंसी सिस्टम स्थापित करने के साथ अगले पांच साल तक इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी। इससे लंबे समय तक सिस्टम के सुचारू रूप से चलने की उम्मीद है।
मैप पर दिखेगी खराब लाइट की लोकेशन
फिलहाल हाईवे की स्ट्रीट लाइटें सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर चलती हैं। लाइट खराब होने की जानकारी अक्सर पेट्रोलिंग के दौरान ही मिल पाती है। CCMS लागू होने के बाद हर लाइट की स्थिति रियल टाइम में कंट्रोल रूम से देखी जा सकेगी।
हर हाईवे कॉरिडोर की स्ट्रीट लाइटों को कंट्रोल बॉक्स से जोड़ा जाएगा। कोई लाइट बंद होते ही सिस्टम उसकी जानकारी लोकेशन के साथ कंट्रोल रूम भेज देगा। डिजिटल मैप पर खराब लाइट की स्थिति भी दिखाई देगी। डेटा भेजने के लिए 5G नेटवर्क का इस्तेमाल होगा।
वोल्टेज और बिजली खपत पर भी नजर
CCMS सिर्फ लाइट खराब होने का अलर्ट देने तक सीमित नहीं रहेगा। सिस्टम स्ट्रीट लाइटों को बिजली देने वाली व्यवस्था की भी निगरानी करेगा। इसके लिए फीडर पैनल में थ्री-फेज ऊर्जा मीटर लगाया जाएगा।
इससे वोल्टेज, करंट, पावर फैक्टर और बिजली खपत का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। बिजली सप्लाई बाधित होने, वोल्टेज या करंट में असामान्य बदलाव और फीडर ट्रिप होने जैसी गड़बड़ियों की जानकारी भी तुरंत मिलेगी।
नेटवर्क फेल होने पर भी नहीं रुकेंगी लाइटें
सिस्टम की खास बात यह है कि संचार नेटवर्क में खराबी आने पर भी स्ट्रीट लाइटों का संचालन नहीं रुकेगा। इसके लिए स्वतंत्र हार्डवेयर टाइमर लगाए जाएंगे।
पावर फेलियर की स्थिति में रियल टाइम क्लॉक और इवेंट लॉग का बैकअप भी उपलब्ध रहेगा। यानी नेटवर्क बाधित होने पर भी लाइटिंग का तय संचालन जारी रह सकेगा। चयनित एजेंसी को खराबी अधिकतम 48 घंटे के भीतर ठीक करनी होगी। इससे सुधार प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज होने की उम्मीद है।
NHAI मुख्यालय से होगी सीधी निगरानी
CCMS को सुरक्षित माध्यम से NHAI के केंद्रीय सर्वर से जोड़ा जाएगा। इससे मुख्यालय स्तर से प्रदेश के अलग-अलग हाईवे कॉरिडोर की लाइटों की निगरानी, रिपोर्टिंग और डेटा मैनेजमेंट हो सकेगा।
सिस्टम में हैकिंग डिटेक्शन, सेल्फ-हीलिंग मैकेनिज्म और फेल-सेफ ऑपरेशन जैसी साइबर सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल की जाएंगी। इससे सिस्टम की सुरक्षा और भरोसेमंदी दोनों बढ़ेंगी।
48 घंटे में सुधारनी होगी खराबी
स्ट्रीट लाइटिंग या संचार व्यवस्था में खराबी आने पर चयनित एजेंसी को सिस्टम अधिकतम 48 घंटे के भीतर बहाल करना होगा। इससे हाईवे पर खराब लाइटों की पहचान और सुधार पहले से कहीं ज्यादा तेज होने की उम्मीद है।
प्रदेश के हाईवे और एक्सप्रेस-वे की स्ट्रीट लाइटों को CCMS से जोड़ने का काम जल्द शुरू होगा। टेंडर जारी होने के बाद अब एजेंसी चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद हर लाइट पर रियल टाइम निगरानी संभव हो सकेगी।
अजय कुमार स्वामी, जनरल मैनेजर, NHAI भोपाल ने बताया कि प्रदेश के हाईवे और एक्सप्रेस-वे की स्ट्रीट लाइटों को CCMS सिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं और सिस्टम जुड़ने के बाद हर स्ट्रीट लाइट की रियल टाइम निगरानी हो सकेगी।
FAQ
- NHAI मध्य प्रदेश में कौन सा नया सिस्टम लागू कर रहा है?
NHAI सेंट्रल कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CCMS) लागू कर रहा है। इससे हाईवे की स्ट्रीट लाइटों की रियल टाइम निगरानी होगी। खराब लाइट की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम को मिलेगी। - CCMS से किन शहरों के हाईवे जुड़ेंगे?
CCMS में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, छतरपुर, रीवा, सागर और उज्जैन समेत कई शहरों के हाईवे कॉरिडोर शामिल होंगे। कुल 13 प्रमुख शहर इस दायरे में आएंगे। - खराब लाइट कितने समय में ठीक होगी?
चयनित एजेंसी को खराबी अधिकतम 48 घंटे के भीतर ठीक करनी होगी। इससे सुधार प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज होने की उम्मीद है।
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