एमपी हनी ट्रैप पार्ट 2: रेशू चौधरी को जज के बंगले पर गुपचुप क्यों ले गई पुलिस?
बाहुबली और गोली चलाने वाले अपराधी चिंटू ठाकुर की एक एफआईआर ने हनी ट्रैप पार्ट टू की कहानी उजागर कर दी है। इसके बाद पुलिस ने 18 मई दोपहर 2.55 बजे छापे मारे थे।
इससे पहले 17 मई की आधी रात को ही एक साथ सात जगहों पर रेड चली, और यह सब सीनियर आईपीएस की निगरानी में हुआ। सभी आरोपी गोपनीय जगहों पर रखे गए और उनकी पूछताछ की गई।
अब मुख्य किरदार रेशू उर्फ अभिलाषा महेंद्र चौधरी को लेकर इतनी गोपनीयता रखी जा रही है, जो साफ बताती है कि मामला जितना बाहर दिखाई दे रहा है, उसके नीचे और भी बहुत कुछ छुपा है। इसके राज कई लोगों की नींद उड़ा सकते हैं।
एमपी हनी ट्रैप पार्ट 2: रेशू के पास सौ से ज्यादा वीडियो, बनना चाहती थी विधायक, पहले IAS बनने दी UPSC
दिन भर घुमाती रही पुलिस, गुपचुप बंगले ले गई
बुधवार यानी 20 मई की रात को पुलिस ने पुष्टि की कि रेशू चौधरी को गिरफ्तार किया है। वहीं सूत्रों के मुताबिक उसे दो दिन से हिरासत में लेकर पूछताछ जारी थी ताकि मोबाइल व अन्य डिजिटल साक्ष्य कब्जे में लिए जाएं।
इससे आगे राजनीतिक ब्लैकमेलिंग रोकी जा सके। गिरफ्तारी के बाद तय था कि उसे गुरुवार, 21 मई को किसी भी हाल में कोर्ट में पेश किया जाएगा।
वहीं पुलिस ने मामला गोपनीय रखा और कोई सूचना नहीं दी कि कब पेश करेंगे। द सूत्र ने भी जज विक्रम सिंह डावर की कोर्ट के बाहर दोपहर से शाम तक इंतजार किया लेकिन रेशू को पेश नहीं किया गया।
बाद में पुलिस ने कोर्ट का समय खत्म होने के बाद जज के बंगले पर गुपचुप रूप से उसे पेश किया और 25 मई तक की पुलिस रिमांड ले ली।
एमपी हनी ट्रैप पार्ट 2 की मुख्य किरदार बीजेपी से जुड़ी रेशू चौधरी गिरफ्तार
कहीं मुंह न खोल दे रेशू
वहीं जानकारों के अनुसार इस मामले में यह शंका है कि कहीं रेशू कोर्ट में पेशी के दौरान कुछ आपत्तिजनक बातें न बोल दे। खासकर वह बात जो अभी पुलिस की पूछताछ में सामने भी नहीं आई है। इससे कहीं कोई बखेड़ा खड़ा न हो जाए।
इस मामले में पूछताछ में भी गजब की गोपनीयता बरती जा रही है। हालत यह है कि आरोपियों से जो पूछताछ हो रही है। वह भी सीनियर आईपीएस अधिकारियों द्वारा की जा रही है। बाकी अधिकारियों को इस पूरे मामले से दूर रखा गया है।
एमपी हनी ट्रैप कांड की FIR थोड़ी फिल्मी, गोली चलाने के आदतन आरोपी चिंटू को कौन करेगा ब्लैकमेल?
चिंटू की नहीं, बड़ों की चिंता सता रही है
फरियादी भले ही बाहुबली चिंटू ठाकुर हों जो उन पर ब्लैकमेलिंग और धमकाने की शिकायत करके बैठे हैं, लेकिन मामला उनका नहीं, बड़े नेताओं, अधिकारियों और रसूखदारों को लेकर है।
सूत्रों के अनुसार रेशू आज से नहीं, बल्कि श्वेता जैन, अलका दीक्षित के साथ मिलकर और उनसे पहले भी कई बड़ों के संपर्क में रही है।
वह पहले से ही वीडियो बनाती रही है और कई लोगों के राज उसके पास दफन हैं। इसी की चिंता सभी को सता रही है। पुलिस इसकी जांच में कोई चूक नहीं करना चाहती है। इसलिए एक-एक कदम फूंक-फूंक कर चल रही है।
इस बार श्वेता विजय जैन नहीं, उसकी चेली रेशू उर्फ अभिलाषा के पास हैं बड़े नेताओं के वीडियो
हनी ट्रैप पार्ट 1 में भी हरभजन बने थे फ्रंट चेहरा
सितंबर 2019 में सामने आए हनी ट्रैप पार्ट वन में भी फ्रंट चेहरा कोई बड़ा व्यक्ति, रसूखदार नहीं बल्कि निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह बने थे। जिनका निधन हो चुका है।
इसमें सभी बड़े लोगों के नाम को दबाया और छिपाया गया। कोई भी फ्रंट में नहीं आया। भले ही गलियारों में नेताओं से लेकर कई आला अधिकारियों के नाम हवा में तैरते रहे हो।
अभी कोर्ट में ट्रायल बाकी है। इसकी सीडी और नाम कोर्ट में बंद है। इसी तरह इस हनी ट्रैप पार्ट टू में भी चिंटू ठाकुर फ्रंट चेहरा बने हैं और रसूखदारों को पीछे रखा गया है।