एमपी हनी ट्रेप पार्ट 2 : इस बार श्वेता विजय जैन नहीं, उसकी चेली रेशू उर्फ अभिलाषा के पास हैं बड़े नेताओं के वीडियो
28 अप्रेल की रात इंदौर के सुपर कॉरिडोर पर कारोबारी हितेंद्र चौहान की कार के पास अचानक एक गाड़ी रुकी और वहां मौजूद लोगों ने उन्हें पकड़कर मारपीट कर दी। इसके बाद उनके फोटो और वीडियो दिखाकर एक करोड़ रुपए की मांग रखी गई। उन्हें चेतावनी दी गई है कि पार्टनरशिप नहीं ली तो उन्हें गोली मार दी जाएगी। जब इस घटना की जांच हुई तो पता चला कि मामला इतना सीधा भी नहीं है।
दरअसल इस घटना से मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हनी ट्रेप का नाम गूंजने वाला है, जिसे आप एमपी हनी ट्रेप पार्ट 2 कह सकते हैं।
तो हनी ट्रैप कांड-1 के लिए आपको संक्षेप में याद दिला दें कि सितंबर 2019 में जब पहला हनी ट्रेप कांड सामने आया था, तब पूरा प्रदेश हिल गया था। उस मामले में नेताओं, अफसरों और कारोबारियों के वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग की बात सामने आई थी। उस केस की मुख्य किरदार श्वेता विजय जैन अब सात साल बाद फिर एक नए कांड में सामने आई है। यानी Sweta is Back…
क्या था 2019 का हनी ट्रैप कांड, जिसने हिला दी थी मध्य प्रदेश की राजनीति?
इस बार मामला और भी बड़ा और संगीन बताया जा रहा है। मई 2026 में यह नया मामला इंदौर क्राइम ब्रांच में दर्ज हुआ। लेकिन इसके पीछे की कहानी काफी लंबी है। इसे समझने के लिए उन किरदारों को जानना जरूरी है, जिन्होंने मिलकर एक पूरा नेटवर्क खड़ा किया।
एमपी हनी ट्रेप पार्ट 2 की शुरुआत कहां से हुई?
इंदौर के बाणगंगा इलाके में रहने वाले 45 साल के शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान उर्फ चिंटू ठाकुर की शिकायत से यह पूरा मामला खुला है। उनका द्वारकापुरी की रहने वाली अलका दीक्षित से पुराना परिचय था। लेकिन चौहान को नहीं पता था कि अलका दीक्षित के खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड में 17 से ज्यादा संगीन मुकदमे दर्ज हैं। वह अवैध शराब और ड्रग्स तस्करी में लिप्त एक शातिर महिला है।
अलका ने साजिश के तहत चौहान की मुलाकात लाखन चौधरी से कराई। लाखन खुद को बड़ा उद्योगपति बताता था और देवास, खंडवा और धार जैसी जगहों पर प्रॉपर्टी का कारोबार करता था। उसे भाजपा का एल्डरमैन भी बताया जाता है।
मुलाकातें बढ़ीं तो लाखन ने चौहान को अपने प्रॉपर्टी कारोबार में चिंटू को 50 फीसदी की हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव रखा। चिंटू यानी चौहान ने इसे घाटे का सौदा बताकर मना कर दिया। इसके बाद से ही दोनों पार्टियों में खटास आ गई।
सुपर कॉरिडोर पर धमकी, फिर डर का माहौल
इसके बाद जब चौहान ने मना किया तो 28 अप्रैल की रात करीब 11.15 बजे उसे सुपर कॉरिडोर पर घेर लिया गया। अलका अपने बेटे जयदीप और लाखन चौधरी के साथ आई थी। तीनों ने चौहान के साथ मारपीट की। फिर उसे वीडियो और फोटो जारी करने की धमकी दी। इस दौरान एक करोड़ रुपए की रंगदारी भी मांगी गई। साथ में यह भी कहा गया कि अगर नहीं माना, तो गोली मार देंगे।
अलका की एक लाइन से उड़ गए सबके होश
इस घटना में अलका के मुंह से निकले एक बयान ने इंदौर से लेकर पूरे सिस्टम के होश उड़ा दिए।
सूत्रों के अनुसार चिंटू ने यह बात नेताओं तक पहुंचाई। इसके बाद भोपाल में बैठे नेताओं के होश उड़ गए। आखिर में तय हुआ कि किसी राजनीतिक साजिश के लिए मप्र में जगह नहीं है। कोई ब्लेकमेलिंग नहीं होगी। सभी षणयंत्र करने वालों को सबक सिखाओ। इसी सब में अप्रैल से लेकर मई तक का समय लग गया। आखिरकार चिंटू को बुलाकर केस दर्ज कराया और फिर टीमों ने दबिश दी।
रात का सीक्रेट मिशन
17 मई की रात को, यानी एफआईआर (First Information Report) दर्ज होने से पहले ही, पुलिस ने भोपाल के निर्देश पर सीक्रेट मिशन शुरू किया। करीब 40 वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाई गई। रात में एक साथ सात जगह दबिश दी गई। इंदौर से अलका दीक्षित, उसका बेटा जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी और जितेंद्र पुरोहित को हिरासत में लिया गया। पूरी मॉनिटरिंग भोपाल से हो रही थी।
इसी दौरान पुलिस इंटेलिजेंस के हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा के घर भी छापा मारा गया। उसका लैपटॉप और मोबाइल जब्त किया गया। पता चला कि विनोद अलका का करीबी था और दोनों के बीच लगातार बातचीत के सबूत कॉल रिकॉर्ड में मिले।
हनी ट्रैप कांड-1 से लेकर अब तक की टाइमलाइन
अगली सुबह भोपाल से पकड़ी गई श्वेता विजय जैन
रात को अलका और दूसरे आरोपियों से पूछताछ में हनी ट्रैप कांड-1 की मास्टर माइंड श्वेता की जानकारी मिली। सोमवार की सुबह एक लेडी एसीपी (Assistant Commissioner of Police) की टीम भोपाल के मीनाल रेसीडेंसी पहुंची और वहां से श्वेता विजय जैन को हिरासत में लिया।
18 मई को जैसे ही आधिकारिक एफआईआर दर्ज हुई। उसे इंदौर लाकर गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में सभी पांच आरोपियों को जिला न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने सभी को छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पूछताछ में सामने आई जेल की दोस्ती
पूछताछ में श्वेता विजय जैन ने बताया कि 2019 के हनी ट्रेप केस में जेल में बंद रहने के दौरान उसकी मुलाकात अलका दीक्षित से हुई थी। अलका उस वक्त शराब तस्करी के मामले में जेल में थी। जेल में दोनों की गहरी दोस्ती हो गई। जमानत मिलने के बाद भी वे लगातार संपर्क में रहीं और दोनों के बीच फोटो व वीडियो भी शेयर होते रहे।
मगर इस कांड का असली चेहरा रेशू उर्फ अभिलाषा है
इस पूरे कांड की सबसे अहम किरदार न तो श्वेता है और न ही अलका। सूत्रों के मुताबिक असली खतरा रेशू उर्फ अभिलाषा नाम की महिला है, जो सागर जिले की रहने वाली है। बताया जाता है कि वह कभी भाजपा के किसी मोर्चे में एक छोटे पद पर थी। फिर दिल्ली और भोपाल में भी सक्रिय हो गई।
रेशू का नेटवर्क भोपाल से लेकर दिल्ली तक फैला बताया जाता है। सूत्रों के मुताबिक उसने हाल ही में एक राजनेता से डेढ़ करोड़ रुपए की वसूली की। इन पैसों से उसने लग्जरी कार खरीदी और प्रॉपर्टी ली। उसके संपर्क में निमाड़ क्षेत्र के कई नेता बताए जाते हैं।
इसी दौरान रेशू ने अपना जलवा बिखेरा और कई नेताओं के वीडियो बनाने शुरू कर दिए। श्वेता विजय जैन के साथ भी रेशू संपर्क में थी और साथ ही अलका से भी संपर्क में रही और सभी एक-दूसरे की मदद करते रहते थे। अलका और श्वेता दोनों को पता था कि रेशू के पास कई नेताओं के वीडियो हैं, जिनका आगे जाकर फायदा हो सकता है। इसी बात को लेकर अलका ने चिंटू ठाकुर को धमकी में बोल दिया, जिससे पूरा बवाल मच गया।
एफआईआर में किन धाराओं में केस?
इस मामले में अलका दीक्षित, जयदीप दीक्षित, लाखन चौधरी व अन्य पर भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 308(2), 308(5), 308(6), 351, 126, 115 और 61(2) के तहत जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया है।
कौन-कौन है इस कांड में?
श्वेता विजय जैन भोपाल की रहने वाली हैं और 2019 के हनी ट्रेप पार्ट वन की मुख्य किरदार रह चुकी हैं। वह अलका और रेशू दोनों की गुरु मानी जाती हैं। गिरफ्तार होकर पुलिस रिमांड में हैं। अलका दीक्षित इंदौर की लेडी शराब तस्कर है, जिसके खिलाफ 17 से ज्यादा पुराने मुकदमे हैं। रेशू उर्फ अभिलाषा सागर की रहने वाली है और इस पार्ट 2 की मुख्य किरदार बताई जाती है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर गोपनीय पूछताछ शुरू कर दी है। एफआईआर में अभी उसका नाम शामिल नहीं है।
जयदीप दीक्षित अलका का बेटा है, जो इस पूरे गोरखधंधे में शामिल बताया जाता है। लाखन चौधरी पीथमपुर का प्रॉपर्टी कारोबारी है और भाजपा का एल्डरमैन बताया जाता है। जितेंद्र पुरोहित देवास का प्रॉपर्टी कारोबारी है और अलका का करीबी है। हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा इंटेलिजेंस यूनिट में तैनात था और अलका का भरोसेमंद संपर्क था। पुलिस ने इससे भी पूछताछ की है।
पुलिस का मिशन जारी
अभी यह मिशन खत्म नहीं हुआ है। जिन नेताओं के वीडियो बनाए गए हैं, वे सब चिंतित हैं। किसी भी वक्त उनका नाम बाहर आ सकता है, जो उनके राजनीतिक करियर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। पुलिस का सीक्रेट मिशन अभी जारी है और बड़े नाम सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
FAQ
- प्रश्न 1: मध्यप्रदेश हनी ट्रेप पार्ट 2 क्या है और यह 2019 के मामले से कैसे अलग है?
उत्तर: 2019 में मध्यप्रदेश का पहला हनी ट्रेप कांड पलासिया थाने में दर्ज हुआ था। उसमें श्वेता विजय जैन मुख्य आरोपी थी और नेताओं, अफसरों के वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगा था। 2026 में सामने आए हनी ट्रेप पार्ट 2 में श्वेता फिर शामिल है, लेकिन इस बार असली किरदार सागर की रेशू उर्फ अभिलाषा है। - प्रश्न 2: इंदौर हनी ट्रेप पार्ट 2 में पुलिस ने इतनी तेजी से कार्रवाई क्यों की?
उत्तर: कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान ने अलका दीक्षित और उसके साथियों द्वारा धमकी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से शिकायत की। लेकिन पुलिस की तेजी का असली कारण वह बात थी जो अलका ने चिंटू को धमकाते हुए कही कि उसके पास बड़े नेताओं के भी वीडियो और फोटो हैं। जब यह बात नेताओं तक पहुंची, तो भोपाल से तत्काल कार्रवाई के निर्देश आए। 40 वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाकर सात जगह एक साथ रात को छापे मारे गए। - प्रश्न 3: इस मामले में सागर की रेशू उर्फ अभिलाषा कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
उत्तर: रेशू उर्फ अभिलाषा सागर जिले की रहने वाली है। सूत्रों के मुताबिक वह किसी समय भाजपा के एक मोर्चे में छोटे पद पर थी। बाद में दिल्ली और भोपाल में सक्रिय हुई और कथित रूप से कई बड़े नेताओं के वीडियो बनाए। उसने एक राजनेता से कथित रूप से डेढ़ करोड़ रुपए वसूले और इससे लग्जरी कार तथा प्रॉपर्टी खरीदी।
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