स्वतंत्रता दिवस ध्वजारोहण: तीन मंत्रियों की जगह कलेक्टर करेंगे ध्वजारोहण, उठे सवाल
ऐसे समझें पूरा मामला
- करण सिंह वर्मा अब सीहोर नहीं, हरदा जाएंगे
- इंदर सिंह परमार को शाजापुर की जगह पन्ना मिला
- विश्वास सारंग खरगोन की जगह नर्मदापुरम जाएंगे
- कृष्णा गौर अब सीहोर में ध्वजारोहण करेंगी
- तीन जिलों में कलेक्टर होंगे मुख्य अतिथि
मध्यप्रदेश में 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह का पूरा प्लान बदल गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने दो दिन पुराने आदेश में संशोधन करते हुए सात जिलों के मुख्य अतिथि बदल दिए हैं। सबसे ज्यादा चर्चा सीहोर और शाजापुर की है, क्योंकि राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार अब अपने गृह जिलों में ध्वजारोहण नहीं करेंगे। सीहोर में कृष्णा गौर और शाजापुर में कलेक्टर मुख्य अतिथि होंगे।
गृह जिलों में मंत्री नहीं, बदली पूरी तस्वीर
GAD के नए आदेश के बाद स्वतंत्रता दिवस समारोह में मंत्रियों की तैनाती को लेकर तस्वीर बदल गई है। पहले जारी सूची में कई मंत्रियों को उनके गृह या नजदीकी जिलों में ध्वजारोहण की जिम्मेदारी दी गई थी।
अब संशोधित सूची में चार मंत्रियों के जिले बदल दिए गए हैं। इसके साथ ही तीन जिलों में मंत्री की जगह कलेक्टर को मुख्य अतिथि बनाया गया है।
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब 15 अगस्त के आयोजन की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। इसलिए अचानक हुए संशोधन ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा जरूर बढ़ा दी है।
करण सिंह वर्मा अब हरदा में फहराएंगे तिरंगा
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को पहले सीहोर जिले का मुख्य अतिथि बनाया गया था। सीहोर उनका गृह जिला है।
नए आदेश में उनकी ड्यूटी बदलकर हरदा कर दी गई है। अब वे हरदा में स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करेंगे।
सीहोर में अब पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर मुख्य अतिथि होंगी।
इंदर सिंह परमार को गृह जिले से पन्ना भेजा
स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के लिए भी कार्यक्रम बदल दिया गया है। पहले उन्हें शाजापुर में मुख्य अतिथि बनाया गया था।
शाजापुर उनका गृह जिला है, लेकिन नए आदेश में उन्हें पन्ना भेज दिया गया है। अब पन्ना में परमार ध्वजारोहण करेंगे।
शाजापुर में मंत्री की जगह कलेक्टर स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।
विश्वास सारंग की भी बदली ड्यूटी
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग को पहले खरगोन का मुख्य अतिथि बनाया गया था। अब खरगोन में कलेक्टर ध्वजारोहण करेंगे। सारंग को नर्मदापुरम जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
यानी यहां भी मंत्री की जगह प्रशासनिक अधिकारी को कार्यक्रम की कमान दी गई है।
टीकमगढ़ में भी मंत्री की जगह कलेक्टर
मंत्री कृष्णा गौर को पहले टीकमगढ़ भेजा गया था। संशोधित आदेश में उनकी ड्यूटी बदलकर सीहोर कर दी गई है।
अब टीकमगढ़ में कलेक्टर स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।
इस तरह सात जिलों में मुख्य अतिथियों की तस्वीर बदली गई है। चार मंत्रियों के जिले बदले गए, जबकि तीन जिलों में कलेक्टरों को जिम्मेदारी मिली।
बदलाव क्यों हुआ? यही सबसे बड़ा सवाल
सामान्य प्रशासन विभाग ने बदलाव का कारण सार्वजनिक तौर पर क्या बताया है, यह स्पष्ट होना बाकी है। लेकिन गृह जिलों से मंत्रियों की जिम्मेदारी हटने के कारण राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।
हालांकि केवल इस फेरबदल के आधार पर किसी राजनीतिक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल इतना तय है कि 15 अगस्त के लिए जारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है।
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